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'विंड मैन' की कंपनी के शेयरों को लगे पंख, क्या गौतम अडानी हैं इसकी वजह?
तुलसी तांती ने अपनी कपड़ा कंपनी की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए 1995 में पवन ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में कदम रखा और सुजलॉन एनर्जी की स्थापना की.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
कुछ वक्त पहले दुनिया से रुखसत हुए भारत के विंड मैन कहे जाने वाले तुलसी तांती की कंपनी सुजलॉन एनर्जी शेयर मार्केट में अच्छा परफॉर्म कर रही है. शुक्रवार की 2.25% गिरावट को छोड़ दें, तो पिछले 5 दिनों में इसमें 26.09% की तेजी आई है. पवन ऊर्जा कारोबार की दिग्गज कंपनी सुजलॉन विंड एनर्जी के शेयरों में आई इस तेजी के पीछे गौतम अडानी से कनेक्शन सामने आया है. दरअसल, सुजलॉन को एशिया के सबसे बड़े कारोबारी गौतम अडानी की कंपनी से एक बड़ा ऑर्डर मिला है और इस खबर के आम होते ही कंपनी के शेयरों में एकदम से तेजी आ गई है.
अडानी से मिला बड़ा ऑर्डर
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अडानी ग्रीन एनर्जी ने सुजलॉन विंड एनर्जी को 48.3 मेगावाट की विंड टरबाइन बनाने का ऑर्डर दिया है. इसके तहत कंपनी का एक हाइब्रिड लेटेस्ट ट्यूबलर के साथ विंड टरबाइन की करीब 23 यूनिट बनाएगी. हर टरबाइन की क्षमता 2.1 मेगावाट की होगी. अडानी ग्रीन एनर्जी से तुलसी तांती की कंपनी सुजलॉन विंड एनर्जी को यह आर्डर मिलते उसके शेयरों में उछाल दर्ज की गई. अकेले मंगलवार को ही कंपनी का शेयर 6 प्रतिशत ऊपर चढ़ गया था.
ऐसा है शेयरों का रिकॉर्ड
सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को यह गिरावट के साथ 8.70 रुपए पर ट्रेड कर रहा था. सुजलॉन का 52-वीक हाई लेवल 12.03 रुपए और लो लेवल 5.42 रुपए है. पिछले छह महीनों में कंपनी के शेयरों में 13.86% गिरावट आई है. हालांकि, पिछले 5 दिनों का ट्रैक रिकॉर्ड बताता है कि सुजलॉन के शेयरों में तेजी देखने को मिल सकती है. गौरतलब है कि हाल में ही सुजलॉन ने अपने राइट्स इश्यु की घोषणा की थी, जिसे सब्सक्राइब करने के लिए लोगों में काफी दिलचस्पी देखी गई है. कंपनी को गुरुवार दोपहर तक 265 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां मिल चुकी थीं. कंपनी का राइट्स इश्यू 11 अक्टूबर को खुलने वाला है.
2003 में मिला पहला ऑर्डर
तुलसी तांती को भारत का विंड मैन कहा जाता था. उन्होंने अपनी कपड़ा कंपनी की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए 1995 में पवन ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में कदम रखा और सुजलॉन एनर्जी की स्थापना की. तांती ने रिन्यूएबल एनर्जी की कल्पना ऐसे समय में की थी, जब इस सेक्टर में इंटरनेशनल प्लेयर्स का दबदबा था. 2003 में सुजलॉन को 24 टर्बाइनों की आपूर्ति के लिए डैनमार एंड एसोसिएट्स से अपना पहला ऑर्डर मिला था. फिलहाल कंपनी का मार्केट कैप 8,535.90 करोड़ रुपए है. सुजलॉन एनर्जी पुणे बेस्ड इंडियन मल्टीनेशनल विंड टर्बाइन मैन्युफैक्चरर है.
ऐसे हुई थी कंपनी की शुरुआत
तुलसी तांती मूल रूप से कपड़ा व्यवसायी थे, लेकिन बिजली की कमी के चलते उत्पादन में आने वाली कठनाइयों की वजह से उन्होंने पवन ऊर्जा के क्षेत्र में कदम रखा. उन्होंने 1995 में कपड़ा कंपनी की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए पवन ऊर्जा उत्पादन शुरू करने का फैसला लिया और सुजलॉन एनर्जी अस्तित्व में आई. इसके बाद उन्होंने 2001 में कपड़ा व्यवसाय को बेच दिया.
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