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आखिर उम्मीदों के अनुरूप क्यों नहीं आ रहे IT कंपनियों के तिमाही नतीजे?  

कई दिग्गज IT कंपनियों के चौथी तिमाही के नतीजे बाजार के अनुमान से कम देखने को मिले हैं.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

शेयर बाजार में IT सेक्टर के शेयरों में बीते दिनों आई नरमी के चलते गिरावट का दौर देखने को मिला था. अब भी कई दिग्गज IT कंपनियों के शेयर उम्मीद के अनुरूप रफ्तार से नहीं दौड़ रहे हैं. इसकी एक बड़ी वजह है उनके कमजोर तिमाही नतीजे. TCS, Infosys के बाद अब Wipro और Tech Mahindra के चौथी तिमाही नतीजे भी ज्यादा उत्साहजनक नहीं हैं. विप्रो और टेक महिंद्रा ने अपने तिमाही नतीजे गुरुवार को जारी किए हैं. इसी के साथ विप्रो के शेयर 0.093% और टेक महिंद्रा के 0.57% की मामूली बढ़त के साथ बंद हुए थे.

0.4 प्रतिशत की गिरावट
विप्रो का वित्त वर्ष 2022-23 की चौथी तिमाही में शुद्ध लाभ (Net Profit) 0.4 प्रतिशत की गिरावट के साथ 3,074.5 करोड़ रुपये रहा है. इसी तरह, कंपनी का राजस्व दिसंबर तिमाही की तुलना में मामूली गिरावट के साथ 23,190 करोड़ रुपए रहा. इस बीच, कंपनी के बोर्ड ने 445 रुपए प्रति शेयर के टेंडर ऑफर के जरिए शेयरों के बायबैक को मंजूरी दी है. कंपनी शेयरधारकों से करीब 26.9 करोड़ शेयरों का बायबैक करेगी. टेक महिंद्रा का समेकित शुद्ध मुनाफा मार्च तिमाही में 26% की गिरावट के साथ 1,118 करोड़ रहा. हालांकि, कंपनी का रिवेन्यु चौथी तिमाही में बढ़कर 13,718 करोड़ हो गया.  

बैंकिंग सेक्टर का असर
इससे पहले इंफोसिस और TCS के चौथी तिमाही के नतीजे भी खास अच्छे नहीं रहे थे. 2022-23 में TCS का रिवेन्यु बाजार की उम्मीदों से बेहतर रहा था, लेकिन मुनाफा उम्मीदों से कम. जबकि चौथी तिमाही में रिवेन्यु और मुनाफा दोनों ही बाजार के अनुमान से कम रहे. अब सवाल ये उठता है कि आखिर IT कंपनियों का मुनाफा ज्यादा क्यों नहीं बढ़ रहा? दरअसल, अमेरिका-यूरोप के बैंकिंग संकट के चलते ऐसा हो रहा है. एक्सपर्ट्स मानते हैं कि बैंकिंग संकट का असर IT कंपनियों पर आगे भी देखने को मिलेगा. चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के नतीजे भी इससे प्रभावित हो सकते हैं. IT विशेषज्ञों का कहना है कि आईटी कंपनियों को यूएस से मिलने वाले प्रोजेक्ट्स में कमी आ रही है.

जून तिमाही भी होगी प्रभावित
एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय IT कंपनियों को यूएस से मिलने वाले प्रोजेक्ट्स की संख्या पहले मुकाबले कम हो गई है. जनवरी में इसकी धीमी शुरुआत हुई थी और फरवरी में कई प्रोजेक्ट्स रोके या रद्द किए गए. मार्च भी स्थिति ज्यादा खराब हुई, क्योंकि अमेरिका के क्षेत्रीय बैंकों और यूरोपीय बैंकों में संकट में फंसने के चलते प्रोजेक्ट मिलने की रफ्तार एकदम से बहुत कम हो गई. जून 2023 की तिमाही के भी इससे प्रभावित होने की पूरी आशंका है. रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि उत्तरी अमेरिका में इंफोसिस और TCS का तिमाही राजस्व क्रमश: 3.8% और 0.8 फीसदी कम हुआ है.  

ऐसा है Stocks का हाल
वैसे, एक्सपर्ट्स का यह भी मानना है कि IT सेक्टर की यह सुस्ती ज्यादा लंबे समय तक नहीं रहेगी. वहीं, स्टॉक मार्केट की बात करें तो टेक महिंद्रा का शेयर इस समय 1,002 और विप्रो का 374.90 रुपए पर ट्रेड कर रहा है. इंफोसिस का शेयर गुरुवार को आई तेजी के साथ 1,247 रुपए के केवल पर पहुंच गया है. TCS के शेयरों में पिछले कारोबारी सत्र में गिरावट दर्ज की गई थी और यह फिलहाल 3,188 रुपए के भाव पर मिल रहा है. 


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