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सस्ते होटल दिलाने वाली ये कंपनी क्यों कर रही है वर्कफोर्स में कटौती, कैसी है माली हालत?
छंटनी का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. हर रोज ऐसी कोई न कोई खबर सामने आ जाती है. अब तक हजारों कर्मचारियों की नौकरी जा चुकी है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
होटल एग्रीगेटर Oyo ने भी छंटनी का ऐलान किया है. कंपनी अपने 60 कर्मचारियों को बाहर निकालने जा रही है. Oyo का कहना है कि संगठन के ढांचे में किए जा रहे व्यापक बदलाव के चलते 600 कर्मचारियों की छंटनी की जाएगी. वर्तमान में Oyo के पास 3700 कर्मचारियों की वर्कफ़ोर्स में है, जो जल्द घटकर 3100 रह जाएगी. इससे पहले, फूड डिलीवरी कंपनी जोमैटो ने भी छंटनी का ऐलान किया था. कंपनी करीब 3 फीसदी कर्मचारियों को बाहर करेगी.
घाटा हुआ, लेकिन कम
Oyo की बात करें, तो कंपनी की आर्थिक स्थिति ज्यादा अच्छी नहीं है, लेकिन उसमें सुधार के संकेत जरूर दिखाई दे रहे हैं. सितंबर तिमाही में Oyo को 333 करोड़ रुपए का घाटा हुआ है, मगर एक तिमाही पहले के मुकाबले यह आंकड़ा कम है. यानी कंपनी को घाटा हुआ है, लेकिन पहले से कम. जून तिमाही में Oyo को 414 करोड़ रुपए का घाटा हुआ था. कोरोना महामारी के चलते होटल एवं टूरिज्म इंडस्ट्री को बड़ा झटका लगा था, अब जब हालत सुधर गए हैं, तो इस सेक्टर में भी बहार लौटने की उम्मीद है.
रणनीति में लगातार बदलाव
Oyo मार्केट पर पकड़ बनाने के लिए लगातार अपनी रणनीति में बदलाव करती रहती है. कंपनी ने घंटे के हिसाब से रूम उपलब्ध कराने का फैसला इसी के मद्देनजर लिया था. हालांकि, इसकी काफी आलोचना भी हुई, लेकिन ये उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो एक शहर से दूसरे शहर किसी मीटिंग आदि के लिए जाते हैं और चंद मिनट के स्टे के लिए उन्हें पूरे दिन का रेंट देना पड़ता है. कंपनी को उम्मीद है कि ये कांसेप्ट उसकी फाइनेंशियल ग्रोथ में अच्छा खासा योगदान कर सकता है.
आईपीओ से पहले की तैयारी
वित्त वर्ष की पहली छमाही में Oyo का राजस्व साल-दर-साल 24 प्रतिशत बढ़कर 2905 करोड़ पहुंच गया है. कंपनी जल्द से जल्द घाटे से निकलकर प्रॉफिट में आना चाहती है, इसलिए लागत में कटौती का खाका तैयार किया जा रहा है. 600 कर्मचारियों की विदाई का फैसला इसी का हिस्सा है. दरअसल, कंपनी का आईपीओ आने वाला है और उससे पहले वो अपनी बैलेंसशीट को बेहतर करना चाहती है. घाटा कम होगा, तो कंपनी खुद को निवेशकों के समक्ष ज्यादा बेहतर स्थिति में रख पाएगी. रितेश अग्रवाल की इस कंपनी का आईपीओ अगले साल की शुरुआत में आ सकता है.
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