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शेयर बाजार में क्यों आ रही है गिरावट और क्या होनी चाहिए रणनीति, जानें सबकुछ

शेयर बाजार में गिरावट का दौर जारी है. जो लोग थोड़े से समय में बड़े फायदे की आस लगाए बैठे थे, तो उन्हें नुकसान उठाना पड़ा है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 years ago

शेयर बाजार में गिरावट का दौर जारी है. जो लोग थोड़े से समय में बड़े फायदे की आस लगाए बैठे थे, तो उन्हें नुकसान उठाना पड़ा है. हालांकि, बाजार में ये स्थिति हमेशा बनी रहेगी, ऐसा नहीं है. बाजार यदि नीचे आया है, तो ऊपर भी जाएगा. इसलिए बिकवाली के बजाए संयम रखना बेहतर रहेगा. वहीं, जो बाजार में निवेश के लिए सही वक्त का इंतजार कर रहे थे, उन्हें इस मौके को हाथ से जाने नहीं देना चाहिए. शर्त ये है कि निवेश शार्ट टर्म के लिए न हो. कहने का मतलब है कि गहन विश्लेषण के बाद अच्छी आर्थिक स्थिति वाली कंपनियों में पैसा लगाएं और कुछ समय के लिए भूल जाएं. 

लगातार पैसा निकाल रहे निवेशक

कहा जा रहा है कि बाजार अभी और गोता लगाएगा, जो मौजूदा परिदृश्य को देखकर सही लगता है. वैसे, मौजूदा गिरावट की सबसे बड़ी वजह है आशंकित विदेशी निवेशकों का बाजार से हाथ खींचना. भारतीय शेयर बाजार का इतिहास रहा है कि जब-जब विदेशी निवेशक बिकवाली का रुख करते हैं, आसमान पर जा पहुंचा बाजार धड़ाम से नीचे आ जाता है. इस बार भी वही हो रहा है. विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने इस महीने अब तक भारतीय बाजारों से 14,000 करोड़ रुपए की निकासी की है. साल भर के आंकड़ों की बात करें तो यह 1.81 लाख करोड़ रुपए हो जाता है.
 
ये हैं इस गिरावट के कारण

विदेश निवेशकों के आशंकित होने के कई कारण हैं. जैसे कि अर्थव्यवस्था में सुस्ती, कमजोर होता रूपया, सख्त मौद्रिक रुख और आसमान छूती मुद्रास्फीति. इसके अलावा, रूस-यूक्रेन युद्ध से प्रभावित अंतर्राष्ट्रीय अर्थव्यवस्थाओं का असर भी भारतीय बाजार पर पड़ रहा है. हाल ही में रिजर्व बैंक ने अपनी मौद्रिक नीति में रेपो रेट बढ़ाकर कर्ज महंगा किया, ताकि बाजार में नकदी को नियंत्रित किया जा सके. RBI के इस फैसले का भी बाजार पर नेगेटिव असर पड़ा था. माना जा रहा है कि महंगाई यदि काबू में नहीं आई, तो केंद्रीय बैंक को और सख्त कदम उठाने होंगे, लिहाजा बाजार से निकासी का दौर बना रहेगा और गिरावट जारी रहेगी. 

ये है सही रणनीति

भारतीय बाजार में अमेरिकी निवेशकों की हिस्सेदारी भी काफी ज्यादा है. अमेरिका के हालात अच्छे नहीं हैं. वहां महंगाई नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है. अमेरिकी श्रम विभाग के मुताबिक, मई में उपभोक्ता कीमतें एक साल पहले की तुलना में 8.6 प्रतिशत बढ़ गईं थीं. अब जब अपने घर में परेशानी हो, तो व्यक्ति बाहर लगा पैसा निकालकर घर की ज़रूरतों पर खर्च करता है. ऐसा ही अमेरिकी निवेशक भी कर रहे हैं. लिहाजा, मौजूदा समय में सबसे अच्छी रणनीति यही है कि अगर आपके निवेश किया है, तो घबराहट में बिकवाली से बचने के बजाये सही मौके का इंतजार कीजिए.
 


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