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कोविड के बाद इवेंट और वेडिंग सेक्टर में आए बदलावों पर क्या बोले एक्सपर्ट
हमने ईमा के जरिए कई प्रयास किए हैं. हम वेडिंग सर्टिफिकेट पर काम कर रहे हैं. अगर ये होता है तो ये बड़ा प्रयास होगा. हमने सरकार को अप्रेाच किया कि हम अभी तक इसमें किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचे हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
बिजनेस वर्ल्ड के कार्यक्रम में बोलते हुए थीम वीवर डिजाइन की सीईओ प्रेरणा अग्रवाल ने कहा कि कोविड के बाद आज टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल बढ़ गया है. लोग क्योंकि कोविड के दौरान वेडिंग प्लानिंग के लिए ऑनलाइन तरीको को ढ़ूंढ़ रहे थे तो आज उसी का नतीजा है कि इस सेक्टर में तकनीक का इस्तेमाल बढ़ गया है. इस पैनल सेशन में बोलते म्यूजिक कंजरवेटरी की कॉरपोरेट हेड तनाज बसर ने कहा कि आज काविड के बाद बड़ी वापसी हुई है. हालात ये हैं कि सबकुछ बाजार में खुल चुका है और दाम थोड़े बढ़ चुके हैं लेकिन कई नई चीजे भी आ गई हैं. वहीं लवबर्ड के फाउंडर राहुल सूरी ने कहा कि आज सबकुछ पहले जैसा हो गया है.सबकुछ आसानी से उपलब्ध हो रहा है. नई टेक्नोलॉजी आ गई है.
क्या इसके लिए बननी चाहिए कोई रेग्यूलेटरी बॉडी
इस इंडस्ट्री के सामने क्या चेंलेंज है इस मामले पर बोलते हुए प्रेरणा अग्रवाल ने कहा कि हमने ईमा के जरिए कोशिश की है कि इंडस्ट्री तेजी से आगे बढ़े. ईमा ने प्रयास किया है जिससे अगली यूथ को सही तरीके से ग्रो किया जा सके. इसके लिए सही तरीका अपनाया जाए तो बहुत अच्छा होगा. इस मौके पर तनाज ने कहा कि मैं इस पेशे में आने से पहले एक टीचर रही हूं और मैं उन्हें बेसिक से सिखाती हूं. मैं जहां भी पढ़ाती हं अब वो वेडिंग लनिंग हो या इवेंट हो मैं उन्हें अपने अनुभव के बारे में बताने में ज्यादा विश्वास रखती हूं. आज इस इंडस्ट्री में तेजी से नए लोग आ रहे हैं मैं हर बार ये सुनती हूं कि मेरे दो स्टूडेंट इवेंट इंडस्ट्री में आ चुके हैं.
क्या कोई रेग्यूलेटरी बॉडी होनी चाहिए
प्रेरणा अग्रवाल ने कहा कि हमने ईमा के जरिए कई प्रयास किए हैं. हम वेडिंग सर्टिफिकेट पर काम कर रहे हैं. अगर ये होता है तो ये बड़ा प्रयास होगा. हमने सरकार को अप्रेाच किया कि हम अभी तक इसमें किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचे हैं. जब हमने शुरू किया तो 15 रूपये प्रति व्यक्ति की बात होती थी लेकिन उसके बाद 22000 दे दो उसके बाद कितने आदमी हैं इस पर फर्क नहीं पड़ता है. जब तक हमारे पास परमिशन नहीं होती हैं तब तक हमें कोई होटल में अनलोड नहीं करने देता है.
क्या होता है इस इंडस्ट्री का सबसे बडा चैलेंज
इस मामले को लेकर तनाज ने कहा कि देखिए वेडिंग बहुत ही पर्सनल इवेंट होता है. किसी के पास 20 लाख होते हैं तो किसी के पास 25 लाख होते हैं, और वो सबकुछ उसी में अच्छे से करना चाहता है. ऐसे में उसे कनवेंस करना आसान नहीं होता है. हां अब कई नए बिल्डरों ने नए बैक्वेट हाल बनाए हैं. जिससे हमें नई जगह मिल रही हैं. चैलेंज को लेकर बात करते हुए हुए लवबर्ड के फाउंडर राहुल सूरी ने कहा कि पोस्ट कोविड के बाद डिमांड बढ़ गई है. भारत इस मामले में बड़ा बाजार है. आज फ्लोरीकल्चर से बहुत से किसान खेती की ओर चले गए हैं, जिससे ये बूरी तरह से प्रभावित हुआ है.आज सभी दुकानें खुल चुकी है. मंडियों के महंगा होने के कारण हमारी परचेज कॉस्ट बढ़ कई है.मार्जिन कम हो गए हैं.
क्या बड़े कारोबारियों को इसमें आना चाहिए
इस सवाल के जवाब में राहुल सूरी ने कहा कि ये अच्छा होगा कि अगर हमें एक ही छत के नीचे सभी सुविधाएं मिलती हैं तो बहुत अच्छा होगा. आज इस क्षेत्र में अलग-अलग तरह के टेक प्रावेइडर भी आ रहे हैं. जो शादियों में फन प्रोवाइड कराते हैं. हमारे सेक्टर को भी ऑर्गेनाइज होना चाहिए. प्रेरणा अग्रवाल ने कहा कि मैं इसके खिलाफ नहीं हूं लेकिन शादियां लोगों के लिए बड़े पर्सनल मामले होते हैं. उन्होंने लोगों के शादियों के लिए विदेश जाने पर अपनी बात कहते हुए कहा कि लोग विदेश में इसलिए जाते हैं क्योंकि उन्होंने यहां एक या दो शादियां कर ली होती हैं और वो चेंज चाहते हैं. हाल ही में हमने एक शादी भारत में की जो हुई यूरोप में थी. हमने उन्हें समझाने की कोशिश की कि भारत में शादी करना अपने आप में कितना अलग है. वो एक एनआरआई क्लाइंट थे. मुझे बड़ी खुशी है कि वो शादी जल्द ही भारत में होने वाली है. शादियों में लाइसेंस के मामले को लेकर प्रेरणा अग्रवाल ने कहा कि पिछले साल हमने अपनी किसी भी शादी में लाइसेंस नहीं लिया. क्योंकि शादियां कॉपीराइट एक्ट से बाहर होती हैं. सेक्शन 52 में ये प्रावधान किया गया है.
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