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जी 20 की अध्यक्षता मिलने का भारत को क्या है फायदा ? क्या भारत में बढ़ेगा करोबार
जानकारों का मानना है कि इससे विश्व स्तर पर का वैल्यू एडीशन होगा, जिससे दुनिया में इस वक्त जो कंपनियां चीन से बाहर निकलने की सोच रही हैं उनके लिए भारत पहली पसंद हो सकता है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
इंडोनेशिया के बाली मे चल रही जी 20 की मीटिंग में भारत को अध्यक्षता मिल गई. इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडे ने आधिकारिक तौर पर भारत को ये अध्यक्षता दी. अध्यक्षता स्वीकार करने के बाद पीएम मोदी ने कहा कि ये भारत के हर नागरिक के लिए गर्व की बात है. इसी के साथ इंडोनेशिया के बाली में चल रहा जी 20 समिट समाप्त हो गया. भारत इसकी अध्यक्षता एक दिसंबर से संभालेगा. अब अगले एक साल तक भारत दुनिया के 20 प्रमुख देशों का संचालन करेगा. लेकिन सवाल सबसे बड़ा ये है कि आखिर जी 20 की अध्यक्षता मिलने से क्या भारत को आर्थिक मोर्चे पर कामयाबी मिल सकती है. आखिर बिजनेस के पॉइंट ऑफ व्यू से हमें इसका क्या फायदा होगा.
क्या कहते हैं एक्सपर्ट
भारत को जी 20 की अध्यक्षता मिलने पर विदेश मामलों के जानकार संजीव श्रीवास्तव कहते हैं कि भारत को ये अध्यक्षता ऐसे समय में मिली है जब पूरी दनिया में वर्चस्व की लड़ाई छिड़ी हुई है. महाशक्तियों के बीच में विश्वास का संकट गहरा रहा है ताईवान के ऊपर चीन का खतरा लगातार बना हुआ है. वहीं रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण सप्लाई चेन भी बिगड़ी हुई है. ऐसे समय पर भारत को जी 20 की प्रेजीडेंसी मिलने का बडा मतलब है. संजीव श्रीवास्तव कहते हैं कि आज भरत इस स्थिति में है कि वो महाशक्तियों के बीच में संवाद स्थापित करा सकता है. भारत विश्वास को लेकर गहराते संकट को दूर कर सकता है. उन्होंने कहा कि भारत को इसकी अध्यक्षता मिलने से भारत का वैल्यू एडिशन हुआ है.
क्या इससे हमें बिजनेस में फायदा होगा
संजीव श्रीवास्तव कहते हैं कि इससे हमें बिजनेस पाइंट ऑफ व्यू से बड़ा फायदा होगा. भारत की क्रेडिबिलिटी बढ़ने से इंटरनेशनल इनवेस्टरों का भारत को लेकर और सकारात्मक रुख बनेगा.जैसे कि आप जानते हें कि चाइना जो कि बड़ा मैन्यूफैक्चरिंग हब है वहां से कई देश अपनी कंपनियों को निकालने की तैयारी कर रहे हैं. ऐसे में अगर ऐसा होता है तो उस स्थिति में भारत उन सभी के लिए एक अच्छा डेस्टिनेशन हो सकता है. भारत में विदेशी निवेश लगातार बढ़ेगा.
दुनिया का 85 प्रतिशत ट्रेड होता है इन देशों के बीच
मौजूदा समय में जी 20 में दुनिया के कई महत्वपूर्ण देश हैं. जिसमें अमेरिका चीन, भारत, अर्जेटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, इंडोनशिया, इटली, जापान, कोरिया, मेक्सिको, सउदी अरब, साउथ अफ्रिका, टर्की, यूके और यूरोपियन कंट्री शामिल हैं.इन सभी देशों के बीच दुनिया का 85 प्रतिशत कारोबार होता है
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