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बढ़ता घाटा, चढ़ता कर्ज, साथ छोड़ते ग्राहक, क्या धीरे-धीरे रेस से बाहर हो रही Vodafone Idea
Vodafone Idea का 30 सितंबर तक ग्रॉस डेट 2.2 लाख करोड़ रुपये है, जिसमें 1.4 लाख करोड़ रुपये का स्पेक्ट्रम पेमेंट बकाया और 68,600 करोड़ रुपये का AGR है
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
नई दिल्ली: Vodafone Idea का घाटा और बढ़ गया है. कंपनी की ओर से बताया गया है कि जुलाई-सितंबर तिमाही के दौरान उसका घाटा आश्चर्यजनक रूप से 4.1 परसेंट बढ़कर तिमाही दर तिमाही आधार पर 7,595.5 करोड़ रुपये हो गया है, इसकी पिछली तिमाही में कंपनी का घाटा 7,296.7 करोड़ रुपये था.
कंपनी का घाटा उम्मीद से ज्यादा बढ़ा
Vodafone Idea टेलीकॉम सेक्टर में मची मारकाट में पिछड़ती हुई दिख रही है. कंपनी का घाटा लगातार बढ़ रहा है, जबकि उसके ऊपर भारी कर्ज है. कंपनी के ग्राहकों ने साथ छोड़कर Jio, Airtel का हाथ थाम लिया है, और ये प्रक्रिया लगातार कई तिमाही से चल रही है. कंपनी के घाटा बढ़ने के पीछे ऊंची वित्तीय लागत और नेटवर्क ऑपरेटिंग खर्चों को बताया जा रहा है. हालांकि Bloomberg को उम्मीद थी कि टेलीकॉम दिग्गज का घाटा कुछ कम होकर 6,974.90 करोड़ रुपये रहेगा. हालांकि कंपनी के रेवेन्यू में 2 परसेंट की बढ़त देखने को मिली है और ये 10,615 करोड़ रुपये रहा है. रेवेन्यू का आंकड़ा अनुमानित 10,518.90 करोड़ रुपये से ज्यादा है. हालांकि, वोडाफोन आइडिया के 4G सेवाओं का इस्तेमाल करने वाले यूजर्स की संख्या में इजाफा देखने को मिला है, 4G सब्सक्राइबर्स की संख्या बढ़ने और नेटवर्क पर कंज्यूमर का औसत खर्च बढ़ने की वजह से रेवेन्यू अनुमान से ज्यादा देखने को मिला है. तिमाही दर तिमाही आधार पर सेल्स के मुकाबले खर्चों में 3 परसेंट का इजाफा देखने को मिला है.
लगातार घट रहे ग्राहक
इस तिमाही के दौरान खर्चों में बढ़ोतरी के चलते ऑपरेटिंग प्रॉफिट में 5% की गिरावट देखने को मिली है और ये 4,098 करोड़ रुपये रहा है. Ebitda मार्जिन 41.6% से सिकुड़कर 38.6% रहा है. कंपनी की नेटवर्थ निगेटिव 76,416.8 करोड़ रुपये है. पहली तिमाही में कंपनी का कुल कैपेक्स 840 करोड़ रुपये था, जो कि इस तिमाही में बढ़कर 1,200 करोड़ रुपये हो गया, यानी कंपनी ने अपने विस्तार पर काफी खर्च किया है, हालांकि टैरिफ में सुधार का कंपनी को फायदा मिला है. Vi का एवरेज रेवेन्यू पर यूजर (ARPU), मतलब एक यूजर से कंपनी को कितनी कमाई होती है. इसमें इजाफा देखने को मिला है. पहले ये जून तिमाही के दौरान 128 रुपये था जो अब बढ़कर 131 रुपये पहुंच गया. हालांकि कंपनी लगातार अपने ग्राहकों को खो रही है. इसका सब्सक्राइबर बेस जो कि एक तिमाही पहले 240.4 मिलियन था, घटकर 234.4 मिलियन हो गया है, जो कि जनवरी-मार्च के दौरान 243.8 मिलियन था.
कंपनी पर 2.2 लाख करोड़ का कर्ज
Vodafone Idea का 30 सितंबर तक ग्रॉस डेट 2.2 लाख करोड़ रुपये है, जिसमें 1.4 लाख करोड़ रुपये का स्पेक्ट्रम पेमेंट बकाया और 68,600 करोड़ रुपये का AGR यानी एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू बकाया है, जबकि 15,000 करोड़ रुपये का कर्ज है. कंपनी का कहना है कि कमजोर वित्तीय स्थिति और रेटिंग में गिरावट के कारण कर्जदाता भी बकाये पर ब्याज बढ़ाने की मांग कर रहे हैं. Vi GIGAnet के CEO अक्षय मूंद्रा का कहना है कि “हम नेटवर्क विस्तार और 5G रोलआउट के लिए आवश्यक निवेश करने के लिए आगे पैसा जुटाने के लिए अपने कर्जदाताओं और निवेशकों के साथ जुड़े रहेंगे.
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