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क्रिप्टोकरेंसी पर GST लगाने में हो सकती है देरी, निवेशकों को मिली राहत
क्रिप्टोकरेंसी को लेकर सरकार ने जो GST लगाने की योजना बनाई थी उसमें थोड़ी देर हो सकती है. इस मामले में GST परिषद ने जो समिति बनाई है उसने अभी तक अपनी रिपोर्ट सब्मिट नहीं की है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
अगर आप क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करते हैं या करने की तैयारी कर रहे हैं तो आपके लिए अच्छी खबर है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार क्रिपटोकरेंसी पर लगने वाले टैक्स में देरी हो सकती है. अभी तक सरकार को इस मामले में एक्सपर्ट पैनल की रिपोर्ट नहीं मिली है, रिपोर्ट मिलते ही सरकार उसके बारे में सोच सकती है. लेकिन फिलहाल सूत्र बता रहे हैं कि इसमें थोड़ी देर हो सकती है.
वित्त मंत्री ने बजट में किया था ऐलान
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस मामले में अपने बजट भाषण में कहा था कि वो क्रिप्टोकरेंसी पर 28 प्रतिशत टैक्स लगाएगी. सरकार के इस प्रपोजल को GST काउंसिल की मंजूरी मिलनी थी. इतना टैक्स मौजूदा समय में लौटरी या उपहार देने पर किया जाता है. सरकार इस पर एक फीसदी TDS लगाने पर भी विचार कर रही है.
इस पर गठित किया है एक आफिसर्स पैनल
जीएसटी काउंसिल ने इस मामले में टैक्स लगाने के लिए इस पर एक ऑफिसर्स ग्रुप भी गठित किया है. सूत्र बता रहे हैं कि इस ग्रुप ने अभी तक अपनी रिपोर्ट सौंपी नहीं है, जिसके कारण इस पर जीएसटी लगाने में देरी में रही है. जैसे ही रिपोर्ट आएगी उसके बाद सरकार GST काउंसिल से इसे पास कराकर इस पर GST लगा सकती है. इस पर 1 प्रतिशत TDS भी लगाने की तैयारी कर रही है.
ग्लोबल रेग्यूलेशन लगाने की उठी मांग
क्योंकि क्रिप्टोकरेंसी दुनिया के कई देशों में चल रही है और लोग इसका इस्तेमाल भी कर रहे है. ऐसे में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जब अमेरिका गई थी तो उन्होंने वहां कहा था कि चूंकि क्रिप्टोकरेंसी दुनिया में इस्तेमाल हो रही है तो ऐसे में इस पर ग्लोबल रेग्यूलेशन लगाने की जरूरत है, जिससे इस पर रेग्यूलेशन लगाई जा सके. सबसे महत्वपूर्ण बात ये भी है कि आज दुनिया के कइ्र देशों में इसका इस्तेमाल हो रहा है. एक्सपर्ट बततो हैं कि इस पर जीएसटी लगाने का मकसद ये नहीं है कि सरकार इसे कानूनन बनाने जा रही है.
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