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'होटल मालिकों का दर्द समझे बिना तरक्की नहीं, 4 दशकों में होटल इंडस्ट्री ने काफी ग्रोथ की'
होटल इंडस्ट्री ने इन 4 दशकों में काफी तरक्की की है, हम काफी आगे आ चुके हैं और अभी बहुत आगे जाना है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
नई दिल्ली: भारत में टूरिज्म इंडस्ट्री को लेकर शुरुआत में ध्यान नहीं दिया गया, लेकिन हम अब काफी आगे आ चुके हैं. ये कहना है देश में Radisson Hotel को लेकर आने वाले और 4 दशक से ज्यादा होटल सेक्टर को अपनी सेवाएं दे चुके Radisson Hotel Group के चेयरमैन एमरिटस और प्रिंसिपल एडवाइजर के बी कचरू का. BW HOTELIER INDIAN HOSPITALITY SUMMIT & AWARDS में उन्होंने खुले दिल से अपने अनुभव साझा किये. उन्होंने बताया कि होटल इंडस्ट्री ने इन 4 दशकों में काफी तरक्की की है, हम काफी आगे आ चुके हैं और अभी बहुत आगे जाना है. आजादी के बाद पहली 2 पंचवर्षीय योजनाओं में टूरिज्म के लिए किसी तरह का कोई आवंटन नहीं किया गया था, इसके बाद भी अगली तीन पंचवर्षीय योजनाओं में टूरिज्म को लेकर कोई जिक्र नहीं किया गया था. जिस एक चीज का जिक्र था वो था फॉरेन एक्सचेंज, इससे ये निहित है कि होटल्स शामिल हैं और विदेशी मुद्रा कमाने की क्षमता रखते हैं, इसके बाद कहीं न कहीं हमारा जिक्र होने लगा. इसके बाद सरकार और निजी क्षेत्र के लोगों को टूरिज्म सेक्टर की कीमत का अहसास हुआ.
60s में ITDC का गठन किया गया
हमारे पास कुछ जगहों पर ब्रिटिश काल के होटल्स थे, जो वाराणसी और खजुराहो जैसे अलग थलग जगहों पर थे, लेकिन अभी वो अलग थलग नहीं है. हमारे पास रेगुलेटेड स्ट्रक्चर्ड हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री नहीं थीं, 60 के दशक में ITDC का गठन किया गया, और ITDC का मुख्य काम था टूरिज्म की मदद करना, विकसित करना और सुविधाएं मुहैया कराना. उनका काम होटल्स चलाना नहीं था, ये उन्होंने काफी लंबे समय के बाद किया. ITDC ने आने के बाद 40 डेस्टिनेशंस बनाए और होटल्स विकसित किए. 80s में जब एशियन गेम्स, नॉन अलायंस समिट, CHOGM हुआ, उसके बाद से सोच में काफी बड़ा बदलाव आया. कई निजी कंपनियां, अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने होटल कारोबार में निवेश किया. ऐसे ही होटल इंडस्ट्री ने इन गुजरे सालों में लगातार तरक्की की है.
हमने बाजार को समझा, इसलिये सफल
मुझे लगता है कि हम कामयाब हुए, इसके बाद एक वजह है कि हमने बाजार को समझा. शुरू में हमें गलत समझा गया कि हम काफी फ्लेक्सिबल है, लेकिन मार्केट को हमेशा ये बिल्कुल साफ संदेश था कि हमें मार्केट का जमीनी सच्चाई को समझना होगा. जब हमने भारत में Radisson होटल को बेचना शुरू किया, जब मैं अपने टूल बॉक्स के साथ जाता था और Radisson के बारे में प्रेजेंटेशन देता था, तो कुछ निवेशक मुझसे कहा करते थे, Radisson को कोई नहीं जानता, हमारे पास भारत में कोई होटल नहीं है, ये पहला होटल है. हमारे कॉर्पोरेट ऑफिस ने बताया हम अमेरिका और यूरोप में बहुत मजबूत हैं, हमें उसी तरह से यहां भी स्थापित होना होगा. हमने अपने पहले होटल की शुरुआत की, जिसे हम आज टियर-2 और टियर-3 शहर कहते हैं.
उस समय लोगों ने कहा कि आप ऐसे होटल ला रहे हैं, जिसमें 60 और 100 कमरे हैं. तो मैंने उनसे कहा कि पूरे पंजाब में जहां कोई ब्रांडेड होटल नहीं थे, रुकने की कोई अच्छा व्यवस्था नहीं थी, हमने 60 कमरों का होटल खोला, इसकी आलोचना भी हुई. लेकिन एक कंपनी के तौर पर हमने दो चीजें देखीं, पहला तो ये कि एक ऐसी जगह पर जाना जहां पर दूसरा कोई और नहीं है, दूसरा ऐसे टारगेट मार्केट में ब्रांड विजिबिलिटी भी बड़ी होगी, पहले दिन से ही हमें इसमें सफलता मिली. मुझे ये बताते हुए गर्व हो रहा है कि अकेले पंजाब में हमारे 20 होटल हो जाएंगे. दूसरा उदाहरण दिल्ली है, यहां भी वही दिक्कत थी, उस समय मेरा दृष्टिकोण भी यही था कि 2-3 होटल दिल्ली में खोलेंगे, मेरा विजन भी उस समय की जमीनी हकीकत के हिसाब से काफी सीमित था. उस जमाने में कंस्ट्रक्शन का सामान गधों पर आता था. आज की तारीख में हम 24 होटल केवल NCR में ऑपरेट करते हैं.
आज हमारे 300 से ज्यादा पार्टनर्स हैं, हम निवेश के बिजनेस में नहीं हैं. हम ब्रैंडिंग और मैनेजिंग में हैं. इसलिये 300 से ज्यादा ओनर्स को मैनेज करना और उनके दर्द को समझना इसके बिना आप साउथ एशिया में तरक्की नहीं कर सकते. आप किसी के पैसे से खेल नहीं सकते हैं, कोई प्रयोग नहीं कर सकते हैं, जबतक की आपको नहीं लगता कि आप तरक्की करेंगे.
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