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Paytm और उसके कर्मचारी के बीच चल रहे विवाद को श्रम मंत्रालय ने सुलझाया, जानिए क्या था पूरा मामला?
पेटीएम ने हाल में नौकरी से निकाले गए एक कर्मचारी से ज्वाइनिंग बोनस की रिकवरी नहीं करने और कर्मचारी को नोटिस पीरियड का पेमेंट देने पर सहमत जताई है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
श्रम मंत्रालय ने पेटीएम (Paytm) और उसके एक कर्मचारी की छंटनी से संबंधित विवाद को सुलझा लिया है. दरअसल, पेटीएम द्वारा नौकरी से निकाले गए एक कर्मचारी की शिकायत का श्रम मंत्रालय (Ministry of Labour and Employment) ने संज्ञान लिया, जिसके बाद पेटीएम शिकायतकर्ता कर्मचारी से ‘ज्वाइनिंग बोनस’ की वसूली न करने और कर्मचारी को नोटिस पीरियड का भुगतान करने पर भी सहमत हो गया है. ऐसे में पेटीएम और उसके कर्मचारी के बीच का ये विवाद अब सुलझ गया है. तो आइए अब जानते हैं क्या है ये पूरा मामला?
ये था पूरा मामला
यह मामला, हाल के महीनों में पेटीएम द्वारा शुरू किए गए पुनर्गठन के बाद, नौकरी से निकाले गए, उसके कई पीड़ित कर्मचारियों द्वारा दर्ज की गई कई शिकायतों में से एक है. इन्हीं में से एक कर्मचारी ने पेटीएम की कंपनी वन97 कम्युनिकेशंस लिमिटेड द्वारा कथित रूप से उसे जबरन नौकरी से निकाले जाने के खिलाफ श्रम मंत्रालय का दरवाजा खटखटाया और कंपनी से ज्वाइनिंग बोनस वापस करने की मांग की थी.
कर्मचारियों ने कंपनी पर लगाया आरोप
आपको बता दें, हाल ही में निकाले गए कई कर्मचारियों ने कंपनी पर आरोप लगाया था कि उन्हें बिना किसी नोटिस, कारण या मुआवजे के स्वैच्छिक रूप से बाहर निकलने के लिए मजबूर किया गया.
पेटीएम को लगाई फटकार
क्षेत्रीय श्रम आयुक्त (केंद्रीय), बेंगलुरु ने पेटीएम में कथित बर्खास्तगी के तौर-तरीकों को लेकर एक कर्मचारी की तरफ से शिकायत दायर किए जाने के बाद तेजी से कार्रवाई की और फौरन ही कंपनी को नोटिस जारी किया. इसके बाद पेटीएम प्रबंधन बुधवार को बेंगलुरू स्थित श्रम मंत्रालय के क्षेत्रीय श्रम आयुक्त के समक्ष पेश हुआ. श्रम आयुक्त से फटकार लगने के बाद पेटीएम कर्मचारी से ‘ज्वाइनिंग बोनस’ की वसूली न करने पर सहमत हो गया. वहीं, पेटीएम ने अब इस कर्मचारी को नोटिस अवधि का भुगतान करने पर भी सहमति जताई है.
दोनों पक्षों की मौजूदरी के शिकायत का हुआ निपटान
श्रम आयुक्त के सामने शिकायतकर्ता ने नौकरी से हटाए जाते समय पेटीएम की तरफ से की गई वित्तीय पेशकश को स्वीकार कर लिया है. वहीं, बातचीत के बाद दोनों पक्षों की संतुष्टि के लिए शिकायत का निपटान कर दिया गया है. हालांकि पेटीएम के कुछ अन्य कर्मचारियों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है. कुछ अन्य कर्मचारियों ने भी कथित तौर पर पेटीएम द्वारा जबरन बर्खास्तगी के तरीके पर अपना असंतोष व्यक्त किया था, जिसमें पेटीएम ने कथित तौर पर जबरन बर्खास्तगी की कार्रवाई की थी.
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