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पेटीएम से जुड़ी कंपनी ने बेचे 1.92 करोड़ शेयर, ₹2,949 करोड़ की ब्लॉक डील से मचा हड़कंप
पेटीएम में करीब 1.92 करोड़ शेयरों की ₹2,949 करोड़ की ब्लॉक डील हुई है. रेजिलिएंट एसेट मैनेजमेंट बीवी को संभावित विक्रेता बताया जा रहा है. डील की खबर के बाद पेटीएम के शेयर में करीब 2 फीसदी की गिरावट आई.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 hours ago
पेटीएम (Paytm) की मूल कंपनी वन97 कम्युनिकेशंस के शेयरों में मंगलवार को दबाव देखने को मिला. कंपनी के करीब 1.92 करोड़ शेयरों की बड़ी ब्लॉक डील हुई, जिसकी कुल कीमत करीब ₹2,949 करोड़ बताई जा रही है. इस सौदे में पेटीएम के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी विजय शेखर शर्मा से पूरी तरह जुड़ी कंपनी रेजिलिएंट एसेट मैनेजमेंट बीवी को संभावित विक्रेता बताया जा रहा है.
डील के बाद पेटीएम के शेयर करीब 2 फीसदी तक गिरकर ₹1,557 के आसपास पहुंच गए. ब्लॉक डील में शेयरों के लिए ₹1,535.10 प्रति शेयर का न्यूनतम मूल्य तय किया गया था, जो पेटीएम के पिछले बंद भाव ₹1,580.20 से करीब 3 फीसदी कम है.
₹2,949 करोड़ की बेस डील, 4.98% तक हिस्सेदारी बेचने का विकल्प
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रेजिलिएंट एसेट मैनेजमेंट बीवी की ओर से करीब 1.92 करोड़ शेयर बेचने की पेशकश की गई थी. यह पेटीएम की कुल हिस्सेदारी का करीब 3 फीसदी है. ₹1,535.10 प्रति शेयर के न्यूनतम मूल्य के आधार पर इस सौदे का मूल्य करीब ₹2,949 करोड़ है.
इस सौदे में 1.27 करोड़ अतिरिक्त शेयर बेचने का विकल्प भी शामिल है. अगर इस विकल्प का पूरी तरह इस्तेमाल किया जाता है, तो कुल 3.19 करोड़ शेयर बेचे जा सकते हैं. ऐसे में पेटीएम की करीब 4.98 फीसदी हिस्सेदारी का सौदा होगा और इसकी कुल कीमत करीब ₹4,895 करोड़ तक पहुंच सकती है.
कौन है रेजिलिएंट एसेट मैनेजमेंट?
रेजिलिएंट एसेट मैनेजमेंट बीवी नीदरलैंड्स स्थित कंपनी है, जिसका पूरा स्वामित्व पेटीएम के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी विजय शेखर शर्मा के पास है. पेटीएम की ओर से की गई पूर्व सूचना के मुताबिक, रेजिलिएंट ने एंटफिन से पेटीएम में करीब 10.20 फीसदी हिस्सेदारी हासिल की थी.
यह हिस्सेदारी एंटफिन को जारी किए गए वैकल्पिक रूप से परिवर्तनीय डिबेंचर के बदले हासिल की गई थी. इस सौदे के तहत रेजिलिएंट को शेयरों का स्वामित्व और मतदान अधिकार मिले थे, जबकि एंटफिन के पास शेयरों का आर्थिक मूल्य बना रहा. 30 जून 2026 तक विजय शेखर शर्मा के पास व्यक्तिगत रूप से पेटीएम में 9 फीसदी से अधिक हिस्सेदारी थी.
पेटीएम को नहीं मिलेगा ब्लॉक डील का पैसा
यह सौदा पूरी तरह द्वितीयक बाजार का लेनदेन है. इसका मतलब है कि शेयरों की बिक्री से मिलने वाला पैसा पेटीएम के खाते में नहीं जाएगा, बल्कि शेयर बेचने वाले मौजूदा शेयरधारक को मिलेगा. इस सौदे के लिए गोल्डमैन सैक्स इंडिया सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड प्लेसमेंट एजेंट है. शेयरों की बिक्री भारतीय शेयर बाजारों के स्क्रीन-आधारित कारोबार मंच के जरिए एक या उससे अधिक लेनदेन में की जाएगी. सौदे की शर्तों के मुताबिक, बिक्री पूरी होने के बाद विक्रेता पर 90 दिनों तक आगे शेयर बेचने की रोक रहेगी.
पेटीएम के शेयर में क्यों आई गिरावट?
ब्लॉक डील के लिए तय ₹1,535.10 का न्यूनतम मूल्य पेटीएम के पिछले बंद भाव ₹1,580.20 से करीब 3 फीसदी कम था. आमतौर पर बड़ी हिस्सेदारी की बिक्री और बाजार में अतिरिक्त शेयरों की उपलब्धता से निवेशकों की धारणा पर दबाव पड़ सकता है. यही वजह है कि मंगलवार को पेटीएम के शेयर में शुरुआती कारोबार में गिरावट देखने को मिली.
एक साल में 35% से ज्यादा चढ़ा पेटीएम का शेयर
हालिया दबाव के बावजूद पेटीएम के शेयर ने इस साल अच्छा प्रदर्शन किया है. पिछले एक सप्ताह में शेयर करीब 1 फीसदी कमजोर हुआ है, जबकि एक महीने में इसमें 17 फीसदी से अधिक की तेजी आई है. 2026 में अब तक पेटीएम का शेयर 22 फीसदी से ज्यादा चढ़ चुका है.
मार्च में ₹930.60 के 52-सप्ताह के निचले स्तर पर पहुंचने के बाद शेयर में तेज रिकवरी हुई और यह पिछले सप्ताह ₹1,657.60 के 52-सप्ताह के उच्च स्तर तक पहुंच गया था. इस तरह निचले स्तर से शेयर में करीब 78 फीसदी की तेजी आई.
एक साल की अवधि में पेटीएम के शेयर ने करीब 35 फीसदी और तीन साल में करीब 84 फीसदी का रिटर्न दिया है. हालांकि, शेयर अभी भी 2021 के आईपीओ मूल्य से नीचे कारोबार कर रहा है. कंपनी का बाजार पूंजीकरण ₹1.01 लाख करोड़ से अधिक है.
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