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क्या TRAI सिर्फ रबर स्टैंप बनकर रह जाएगा? टेलीकॉम ड्राफ्ट बिल पर अश्विनी वैष्णव की सफाई?
TRAI अपनी चिंताएं टेलीकॉम डिपार्टमेंट को बताएगा, अगर विभाग उसकी चिंताओं को दूर करने में नाकाम रहा तो वो मामले को हायर अथॉरिटी के पास भी लेकर जा सकता है
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
नई दिल्ली: ड्राफ्ट टेलीकॉम बिल को लेकर टेलीकॉम रेगुलेटर TRAI की चिंताओं का निवारण अब टेलीकॉम मंत्रालय करेगा. मीडिया में छपी खबरों के मुताबिक TRAI का बिल के कुछ प्रावधानों पर आपत्ति है, रेगुलेटर को लगता है कि इससे रेगुलेटर के तौर पर उसकी शक्तियां कम हो जाएंगी.
टेलीकॉम ड्राफ्ट बिल अभी फाइनल नहीं
खबरों के मुताबिक इस ड्राफ्ट बिल को लेकर टेलीकॉम मंत्रालय के अधिकारी इंडस्ट्री के लोगों के साथ जल्द ही एक बैठक करने वाले हैं. सरकार भी इसकी डेडलाइन बढ़ाने पर विचार कर रही है. टेलीकॉम मंत्रालय TRAI की शंकाओं और चिंताओं का समाधान करना चाहता है ताकि रेगुलेटर और मंत्रालय के बीच किसी भी तरह के टकराव को रोका जा सके. ड्राफ्ट टेलीकॉम बिल को TRAI को भेजा गया है और उसके कमेंट्स मांगे गए हैं. मीडिया में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक विभाग के एक अधिकारी का कहना है कि फाइनल बिल में TRAI के सुझावों को भी शामिल किया जाएगा, अभी बिल को अंतिम रूप नहीं दिया गया है.
TRAI को क्या आपत्ति है?
एक दूसरे अधिकारी ने कहा है कि TRAI अपनी चिंताएं टेलीकॉम डिपार्टमेंट को बताएगा, अगर विभाग उसकी चिंताओं को दूर करने में नाकाम रहा तो वो मामले को हायर अथॉरिटी के पास भी लेकर जा सकता है, जो कि PMO हो सकता है. दरअसल ड्राफ्ट बिल में एक ऐसा प्रावधान है जिसे लेकर TRAI को सख्त आपत्ति है, बिल में कहा गया है कि टैरिफ तय करने का अधिकार TRAI के साथ साथ अब टेलीकॉम विभाग के पास भी होगा, साथ ही विभाग को जब लगेगा तो वो TRAI के फैसलों को पलट भी सकता है. टेलीकॉम विभाग जब चाहे TRAI के टैरिफ फैसलों में संशोधन कर सकता है. इसके अलावा सर्विसे मुद्दों को लेकर भी टेलीकॉम विभाग दखल दे सकेगा. फिलहाल ये दोनों अधिकार TRAI के पास हैं.
क्या कहना है टेलीकॉम मंत्री का
सूत्रों का कहना है कि इन प्रावधानों के चलते TRAI सिर्फ सरकार का एक रबर स्टैंप बनकर रह जाएगा, ऐसे में TRAI एक रेगुलेटरी बॉडी की जगह सिर्फ एक सलाहकार बॉडी के रूप में रह जाएगा. हालांकि ET में छपी खबर के मुताबिक टेलीकॉम मंत्री अश्विनी वैष्णव का कहना है कि विभाग ये सिर्फ एक ड्राफ्ट बिल है ना कि फाइनल बिल, इसमें अभी कई सुधार और बदलाव होंगे. TRAI की चिंताओं को लेकर विभाग काम कर रहा है.
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