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Tata बनाएगी अपना पहला स्वदेशी इलेक्ट्रॉनिक इंटेलिजेंस विमान, ये होंगी खूबियां
केंद्र सरकार Make In India के तहत स्वदेशी हथियारों के निर्माण पर जोर दे रही है और करीब 70 प्रतिशत रक्षा उपकरणों का स्वदेशीकरण किया जा चुका है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
मेक इन इंडिया (Make In India) के तहत अब भारत की तीनों सेनाओं को भी विदेशी हथियारों से मुक्त करने का काम किया जा रहा है. इसके लिए केंद्र सरकार ने स्वदेशी हथियारों के निर्माण पर जोर देना शुरू कर दिया है और करीब 70 प्रतिशत रक्षा उपकरणों का स्वदेशीकरण किया जा चुका है. इसी कड़ी में अब टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड (Tata Advance System Ltd) ने भी भारतीय सेना के लिए अपना पहला स्वदेशी इलेक्ट्रॉनिक इंटेलिजेंस (ELINT) विमान बनाने की योजना तैयार कर ली है. ये विमान उच्च क्षमता के साथ महत्त्वपूर्ण खुफिया जानकारी इकट्ठा और विश्लेषण करेगा, जिससे भारत की रक्षा स्वावलंबन में योगदान होगा. तो आइए जानते हैं ये विमान कब तक तैयार होगा और इसकी क्या खूबियां होंगी?
कब तक तैयार हो जाएगा विमान?
टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड (TASL) साल 2026 तक भारतीय वायु सेना (Indian Air Force) के लिए अपना पहला ग्रोब G 180 विमान लॉन्च कर देगी. ऊंचाई पर उड़ान भरने में सक्षम इस जुड़वां इंजन वाले विमान को इलेक्ट्रॉनिक इंटेलिजेंस (ELINT) प्लेटफॉर्म के रूप में काम करने के लिए कस्टमाइज किया जाएगा. यह आधुनिक सेनाओं के लिए एक महत्वपूर्ण संपत्ति होगी. टाटा ग्रुप ने 2021 में जर्मन मूल के ग्रोब G 180 SPn के लिए बौद्धिक संपदा अधिकार हासिल कर लिए थे. यह एक ऐसा प्लेटफॉर्म था जो कभी भी पूर्ण पैमाने पर उत्पादन तक नहीं पहुंचा, लेकिन अब टीएसीएल की योजना भारतीय आवश्यकताओं के अनुरूप एक स्वदेशी सैन्य विमान विकसित और निर्माण करने की है.
ये होंगी ग्रोब G 180 की खूबियां
1. ग्रोब G 180 में 45,000 फीट तक की ऊंची उड़ान, 1,800 समुद्री मील की सीमा और 6 से 7 घंटे की उड़ान क्षमता शामिल है.
2. 1,000 किलोग्राम से अधिक की पेलोड क्षमता के साथ विमान सेंसर और उपकरणों के एक बड़े समूह को ले जा सकता है. इस विमान में बजरी या घास की हवाई पट्टियों से ऑपरेट होने की क्षमता है.
3. ELINT प्लेटफॉर्म के रूप में विमान इलेक्ट्रॉनिक संकेतों को जुटाने, उनका विश्लेषण और उन्हें प्रोसेस करने के लिए सुसज्जित होगा. इससे दुश्मनों की क्षमता, मंशा और गतिविधियों पर महत्वपूर्ण खुफिया जानकारी मिल सकेगी. यह जानकारी सैन्य योजनाकारों और निर्णय लेने वालों के लिए अमूल्य होती है.
भारत की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करेगी ये परियोजना
मिलिटरी एयरक्राफ्ट सेगमेंट में टीएएसएल का प्रवेश भारतीय निजी क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है. एक स्वदेशी ELINT विमान का विकास और निर्माण करके कंपनी का लक्ष्य विदेशी प्लेटफार्मों पर निर्भरता कम करना और रक्षा क्षेत्र में भारत के आत्मनिर्भरता लक्ष्यों में योगदान देना है. यह परियोजना भारत की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने और उसे एक प्रमुख रक्षा प्रौद्योगिकी केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है.
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