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खत्म होगा विस्तारा एयरलाइंस का भारत में नाम, टाटा करेगी इस कंपनी में विलय
टाटा ग्रुप अपनी सभी एयरलाइंस कंपनियों को एक ब्रैंड में विलय करने पर विचार कर रहा है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
नई दिल्लीः टाटा ग्रुप अपनी सभी एयरलाइंस कंपनियों को एक ब्रैंड में विलय करने पर विचार कर रहा है. फिलहाल विस्तारा और एयर एशिया के अलावा टाटा के पास एयर इंडिया व एयर इंडिया एक्सप्रेस का भी स्वामित्व है. अब कंपनी सिंगल ब्रैंड के तहत अपनी सभी एयरलाइंस का विलय करके परिचालन करेगा ताकि वो एविएशन सेक्टर में फिर से अपने आपको स्थापित कर सके.
एयरइंडिया में होगा सभी कंपनियों का विलय
भारत का सबसे बड़ा समूह विस्तारा ब्रांड को खत्म करने पर भी विचार कर रहा है , जो दक्षिण एशियाई राष्ट्र में सिंगापुर एयरलाइंस लिमिटेड का स्थानीय सहयोगी है. सिंगापुर एयरलाइंस संयुक्त इकाई में हिस्सेदारी के आकार का मूल्यांकन कर रही है. टाटा समूह आगे से एयर इंडिया ब्रैंड नाम के साथ ही एयरलाइंस का संचालन करेगा.
सिंगापुर एयरलाइंस ने एक बयान में कहा कि "एसआईए और टाटा के बीच चर्चा चल रही है."
एयर इंडिया के लिए 300 विमानों का ऑर्डर देगा टाटा
एयर इंडिया अपने नए मालिक टाटा ग्रुप की अगुवाई में बदलाव की ओर बढ़ रहा है. फुल सर्विस विमान सेवा प्रदाता कंपनी 300 छोटे बॉडी वाले विमानों की खरीदारी पर विचार कर रहा है। अगर इन विमानों की खरीदारी का ऑर्डर दिया जाता है तो यह विमानन उद्योग का अब तक का सबसे बड़ा ऑर्डर होगा. एयर इंडिया के चीफ एग्जीक्यूटिव कैंपबेल विल्सन ने पिछले महीने ही कहा था कि विमानन कंपनी अपने 113 विमानों के काफिले को बढ़ाकर अगले पांच वर्षों में तीन गुना करना चाहता है.
विस्तारा में है सिंगापुर एयरलाइंस की 49 फीसदी हिस्सेदारी
इसी महीने टाटा ने कहा कि वो एयरएशिया को पूरी तरह खरीदकर उसे लो कॉस्ट कैरियर के तौर पर एयर इंडिया एक्सप्रेस में विलय करने जा रही है. फिलहाल सिंगापुर एयरलाइंस की टाटा सिंगापुर एयरलाइंस में 49 फीसदी हिस्सेदारी है. विस्तारा एयरलाइंस में टाटा की विदेशी साझीदार सिंगापुर एयरलाइंस को एयर इंडिया लिमिटेड में 20 से 25 फीसदी हिस्सेदारी दी जा सकती है. साथ ही विस्तारा के कुछ बोर्ड सदस्यों को एयर इंडिया के बोर्ड में जगह दी जा सकती है.
एयर एशिया ने बोल दिया भारत से टाटा
एयरएशिया इंडिया ने 2014 में भारत के आसमान में उड़ना शुरू किया था. यह टाटा ग्रुप और एयरएशिया का जॉइंट वेंचर था. एयरएशिया ग्रुप की भारत में आठ साल की यह यात्रा काफी मुश्किलों भरी रही. उसका घाटा लगातार बढ़ रहा था. यही वजह रही कि एयरएशिया ने भारत को पूरी तरह 'टाटा' कहने का फैसला लिया है.
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