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Tata Group की इस कंपनी का पोर्टफोलियो हुआ मजबूत, न्यूयॉर्क की फर्म को बनाया अपना
टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा कम्युनिकेशंस ने न्यूयॉर्क की स्विच एंटरप्राइजेस एलएलसी को खरीदने के लिए एक डील साइन की है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
टाटा कम्युनिकेशंस एक विदेशी कंपनी का अधिग्रहण करने जा रही है. टाटा ने ऐलान किया है कि उसने न्यूयॉर्क की स्विच एंटरप्राइजेस एलएलसी (Switch Enterprises LLC) को खरीदने के लिए डील साइन की है. Tata Communications के मुताबिक, इस डील के लिए उसकी इंटरनेशनल सब्सिडियरी टाटा कम्युनिकेशंस (नीदरलैंड्स) ने न्यूयॉर्क की कंपनी के साथ डेफ्निटिव एग्रीमेंट किया है.
लीडिंग लाइव वीडियो प्रोडक्शन कंपनी
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, Switch Enterprises दुनिया की लीडिंग लाइव वीडियो प्रोडक्शन और ट्रांसमिशन सर्विस प्रोवाइडर है. उसकी उत्तर अमेरिका के टॉप स्पोर्टिंग वेन्यूज तक पहुंच है. इस डील के तहत टाटा ने स्विच एंटरप्राइजेस LLC और उसकी अंतर्राष्ट्रीय एसेट्स को खरीदने पर सहमति जताई है. दोनों कंपनियों के बीच यह डील करीब 486.3 करोड़ रुपए में हुई है. हालांकि, इस डील के लिए अभी रेगुलेटर से मंजूरियां लेनी होंगी.
190 देशों तक होगी पहुंच
डील फाइनल होने के बाद Tata Communications स्विच के कस्टमर्स को 190 से ज्यादा देशों तक वैश्विक पहुंच उपलब्ध कराने में सहायता करेगी. टाटा की तरफ से कहा गया है कि स्विच अपने साथ अच्छी क्वालिटी के उत्पादन में सहायक अत्याधुनिक क्षमताएं लेकर आएगी. टाटा कम्युनिकेशंस के ग्लोबल हेड (मीडिया और एंटरटेनमेंट बिजनेस) Dhaval Ponda ने बताया कि कंपनी पहले से ही कुछ ग्लोबल स्पोर्ट्स फेडरेशन, ब्रॉडकास्टर्स और OTT प्लेटफॉर्म्स को अपने नेक्स्ट जनरेशन डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए मदद कर रही है. स्विच की के साथ, हम TV के लिए लाइव और शेड्यूल्ड प्रोग्रामिंग को शामिल करते हुए बड़े स्तर पर सॉल्युशंस विकसित करने में सक्षम होंगे.
1990 में हुई थी स्थापना
स्विच की स्थापना 1990 में हुई थी. यह किसी भी मध्यम में लीनियर, ऑन-डिमांड और स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म सहित किसी भी आउटलेट पर लाइव कंटेंट प्रोड्यूस और डिलीवर करती है. पिछले साल इसने 674.8 करोड़ रुपए की कमाई की थी. वहीं, इस डील का असर आने वाले दिनों में टाटा कम्युनिकेशंस के शेयरों पर भी देखने को मिल सकता है. पिछले छह महीने में इस शेयर ने 39.54% फीसदी का रिटर्न दिया है. हालांकि, एक साल में इसका शेयर करीब 10 फीसदी और एक महीने में 2 फीसदी से ज्यादा कमजोर भी हुआ है.
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