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सुनील शेट्टी ने आखिर क्यों दी इस एडटेक कंपनी को राहुल द्रविड़ बनने की सलाह?
सुनील शेट्टी ने लिखा है कि लंबी अवधि की सोच रखें. छोटी और लंबी दौड़ के बारे में सोचें. राहुल द्रविड़ और मैराथन के बारे में सोचें.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
बॉलीवुड एक्टर और बिजनेसमैन सुनील शेट्टी (Suniel Shetty) ने एडटेक कंपनी बायजूस (Byju's) द्वारा 2500 कर्मचारियों को नौकरी से निकाले जाने को लेकर सोशल मीडिया पर कुछ लिखा है. उन्होंने कंपनी का नाम लिए बगैर बायजूस को राहुल द्रविड़ बनने की सलाह दी है. बता दें कि पूर्व क्रिकेटर राहुल द्रविड़ को दीवार कहा जाता था. वह ज्यादा तेज रन बनाने के बजाए एक छोर पर टिके रहते थे और टीम को लक्ष्य के करीब ले जाते थे.
मुश्किल रहा होगा फैसला
सुनील शेट्टी ने अपने लिंक्डइन (LinkedIn) पोस्ट में Byju's का नाम लिए बिना लिखा है, 'एक कंपनी द्वारा अपने 2500 एंप्लॉयीज को नौकरी से हटाने की खबर पढ़ना बहुत मुश्किल था. यदि मान लिया जाए कि निकाले गए प्रत्येक कर्मचारी पर परिवार के चार लोगों की जिम्मेदारी थी, तो इसका असर 10,000 जिंदगियों पर पड़ेगा. मेरा मानना है कि यह फैसला लेना कंपनी के लिए भी आसान नहीं रहा होगा. उम्मीद है कि जिन लोगों की नौकरी गई है, वे जल्द से जल्द फिर से अपने पैरों पर खड़े हो जाएं'. गौरतलब है कि Byju's ने मुनाफा बढ़ाने के लिए छंटनी का फैसला लिया था.
सर्वाइवल माइंडसेट ज़रूरी
शेट्टी ने आगे लिखा है कि पिछले कुछ सालों में वैल्यूएशंस और फंड रेजिंग में बहुत तेजी आई थी, लेकिन अब यह साफ हो गया है कि ग्लोबल सेंटिमेंट कंजरवेटिव हो गया है. शेट्टी ने कहा कि इंडिया स्टोरी में उनका भरोसा बना हुआ है. कई दूसरी वजहों के साथ हमारी बड़ी आबादी और उसकी उम्मीदें कंपनियों को अपनी ग्रोथ जारी रखने के लिए मौके पेश करती हैं. भले ही ग्रोथ पहले के मुकाबले कम हो, लेकिन संभावनाएं मौजूद हैं. शेट्टी के मुताबिक, उनकी नज़र में यह समय मिड और स्मॉल साइज बिजनेस के लिए कामकाज से जुड़े कुछ सिद्धांत तय करने का है. इनमें सर्वाइवल माइंडसेट रखना, ग्रोथ के लिए जल्दबाजी नहीं करना और कस्टमर्स को प्राथमिकता में रखना शामिल है. उन्हें ऐसा तब तक करना होगा जब तक की स्थिति में सुधार न हो जाए.
लंबी अवधि की सोच रखें
एक्टर ने Byju's जैसी कंपनियों को सलाह देते हुए लिखा कि लंबी अवधि की सोच रखें. छोटी और लंबी दौड़ के बारे में सोचें. राहुल द्रविड़ और मैराथन के बारे में सोचें. धीरे-धीरे आगे बढ़ना और स्थिरता बहुत बड़ी चीज है. उन्होंने यह भी कहा कि बेवजह की जल्दबाजी से बचें. यदि किसी कंपनी के पास पर्याप्त फंड है, वो बड़े पैमाने पर हायरिंग कर रही है, तो ज़रूरी नहीं कि आप भी उसी के रास्ते पर चलें. मालूम हो कि कोरोना काल में एडटेक कंपनियों का रिवेन्यु और प्रॉफिट एकदम से बढ़ गया था, लेकिन स्थिति सामान्य होने के बाद से उनकी आर्थिक सेहत बिगड़ रही है.
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