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मुश्किल में घिरी इस एयरलाइन ने अपने पायलट्स को दिया दिवाली गिफ्ट
एविएशन सेक्टर की एक कंपनी ने अपने पायलट्स की सैलरी में इजाफा कर दिया है. बढ़ी हुई सैलरी उन्हें नवंबर से मिलेगी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
छंटनी के मौसम में एविएशन सेक्टर की एक कंपनी ने अपने कर्मचारियों को दिवाली का तोहफा दिया है. हालांकि, ये तोहफा केवल कुछ पायलट्स के लिए है. दरअसल, स्पाइसजेट एयरलाइन ने कैप्टन के सैलरी स्ट्रक्चर में बदलाव किया है, जो नवंबर से लागू हो जाएगा. इस बदलाव के तहत फ्लाइट के पायलट्स को पहले से ज्यादा वेतन मिलेगा.
अब इतना मिलेगा वेतन
मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि स्पाइसजेट अब 80 घंटे की उड़ान के लिए कैप्टन को सात लाख रुपए प्रतिमाह देगी. एयरलाइन ने एक बयान जारी करके दावा किया कि इस वृद्धि के बाद अब कैप्टन पद का वेतन कोविड से पहले के वेतन से भी अधिक हो जाएगा. इसके अलावा प्रशिक्षकों और सीनियर ‘फर्स्ट ऑफिसर’ (फ्लाइंग और ऑपरेशन में सहयोग करने वाले कमर्शियल एयरलाइन के पायलट) के वेतन भी बढ़ाए गए हैं.
लगातार बढ़ रही सैलरी
कंपनी ने कहा कि पायलटों के मूल वेतन में निरंतर वृद्धि की जा रही है. अगस्त की तुलना में सितंबर में प्रशिक्षकों का वेतन 10% और कैप्टन एवं ‘फर्स्ट ऑफिसर’ का वेतन आठ फीसदी अधिक रहा है. जबकि अक्टूबर में कैप्टन और ‘फर्स्ट ऑफिसर’ का वेतन फिर 22 फीसदी बढ़ा दिया गया है.
उड़ रहीं आधी फ्लाइट्स
स्पाइसजेट पिछले काफी समय से मुश्किल में चल रही है. उसके कई विमानों में उड़ान के दौरान आई गड़बड़ी की वजह से एविएशन रेगुलेटर DGCA ने जुलाई के एक आदेश में उसे केवल आधी फ्लाइट्स ऑपरेट करने को कहा था. बाद में एक हफ्ते की इस व्यवस्था को 29 अक्टूबर तक के लिए बढ़ा दिया गया. ऐसे में हाई डिमांड के सीजन में भी कंपनी को सीमित विमानों के साथ काम चलाना पड़ रहा है. कुछ समय पहले आई एक रिपोर्ट में बताया गया था कि स्पाइसजेट की आर्थिक स्थिति इतनी खराब हो गई है कि कंपनी PF और TDS का पैसा भी जमा नहीं करा पा रही है. इतना ही नहीं उसे अपने कुछ पायलट्स को तीन महीने लीव विदआउट पे पर भेजना पड़ा है.
कॉम्पिटिशन काफी बढ़ा
स्पाइसजेट लो-कॉस्ट एयरलाइन मानी जाती है. बीते कुछ वक्त में कंपनी और एविएशन सेक्टर में ऐसा बहुत कुछ हुआ है, जिससे स्पाइसजेट का बाजार प्रभावित हुआ है. सबसे पहली बात तो यही है कि इस क्षेत्र में कॉम्पिटिशन काफी बढ़ गया है. टाटा समूह द्वारा एयर इंडिया को टेकओवर करने के बाद से उसकी परफॉरमेंस लगातार सुधर रही है. यात्री फिर से एयर इंडिया में विश्वास जताने लगे हैं. जिसका सीधा सा मतलब है कि अन्य विमान कंपनियों के कारोबार में सेंध लगी है. इसके अलावा, लो-कॉस्ट एयरलाइन टैग के साथ ‘अकासा एयर’ की भी एंट्री हो चुकी है और जेट एयरवेज की री-एंट्री होने वाली है.
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