होम / बिजनेस / एक और मीडिया कंपनी में चला छंटनी का दौर, बंद की अपनी Fantasy गेमिंग कंपनी
एक और मीडिया कंपनी में चला छंटनी का दौर, बंद की अपनी Fantasy गेमिंग कंपनी
ट्विटर समर्थित कंपनी अपनी वेबसाइट के अनुसार 2,500 से अधिक लोगों को रोजगार देती है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
नई दिल्लीः ले-ऑफ के क्रम में एक और कंपनी ने अपने 5 फीसदी कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है. सोशल मीडिया स्टार्टअप शेयरचैट ने शुक्रवार को कहा कि उसने अपने फैंटेसी गेमिंग वर्टिकल Jeet11 को बंद करने के परिणामस्वरूप अपने लगभग 5% कर्मचारियों को बाहर कर दिया है. ट्विटर समर्थित कंपनी अपनी वेबसाइट के अनुसार 2,500 से अधिक लोगों को रोजगार देती है.
जून में कंपनी ने जुटाए थे 52 करोड़ रुपये
जून में शेयरचैट ने गूगल, टाइम्स ग्रुप और टेमासेक से 52 करोड़ डॉलर जुटाने की घोषणा की थी. इस फंडिंग से कंपनी को 5 अरब डॉलर का मूल्यांकन हासिल करने में मदद मिली थी. छंटनी पर कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि, “हम पुष्टि कर सकते हैं कि हम जीत11 के संचालन को बंद कर रहे हैं और अपने कुछ कार्यों को पुनर्गठित कर रहे हैं, जिसका मतलब है कि टीमों के भीतर कुछ कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया गया है."
मोहल्ला टेक का एमएक्स मीडिया ने किया था अधिग्रहण
शेयरचैट की पैरेंट कंपनी मोहल्ला टेक द्वारा एमएक्स मीडिया समर्थित एमएक्स टकाटक के अधिग्रहण के बाद फंडिंग की गई थी. अधिग्रहण के परिणामस्वरूप एक संयुक्त इकाई Moj और MX TakaTak बनी, जिसमें 100 मिलियन निर्माता और 300 से अधिक मासिक सक्रिय यूजर्स शामिल हैं. Moj ShareChat का शॉर्ट-वीडियो ऐप है.
2020 में लॉन्च हुआ था Jeet11
2020 में लॉन्च किया गया Jeet11,ड्रीम11 के लिए शेयरचैट का जवाब था, जो शेयरचैट की तरह टाइगर ग्लोबल द्वारा समर्थित है. भारत में कई राज्यों ने सट्टेबाजी ऐप्स पर प्रतिबंध जारी रखा है, जिससे ड्रीम11 और मोबाइल प्रीमियर लीग जैसे कानूनी पेंच फंस गए हैं. स्टार्टअप्स ने कहा है कि फैंटेसी गेम्स किस्मत से ज्यादा निर्णायक रणनीति के बारे में हैं.
2017 में, पंजाब उच्च न्यायालय ने फैसला सुनाया कि फैंटेसी खेल, कौशल का खेल है और मौका नहीं है, और इसे सर्वोच्च न्यायालय ने बरकरार रखा था. पिछले महीने द ऑल इंडिया गेमिंग फेडरेशन ने तमिलनाडु में ऑनलाइन जुए पर प्रतिबंध लगाने और ऑनलाइन गेमिंग को विनियमित करने के लिए एक अध्यादेश को चुनौती देने के लिए मद्रास हाईकोर्ट का रुख किया था.
VIDEO: जानिए कम बजट में कैसे मार्केटिंग करें STARTUP
टैग्स