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इस ई-कॉमर्स कंपनी ने आईपीओ को लेकर बदला मन, ये है बड़ा कारण
एक जमाने में Snapdeal देश की नंबर वन ई-कॉमर्स कंपनी हुआ करती थी, मगर अमेजन और फ्लिपकार्ट की मौजूदगी से उसकी पकड़ बाजार पर ढीली होती चली गई.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
यदि आप दिग्गज ई-कॉमर्स कंपनी स्नैपडील (Snapdeal) के आईपीओ यानी इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग का इंतजार कर रहे हैं, तो आपके लिए बुरी खबर है. कंपनी ने अपने 1,250 करोड़ रुपए के IPO लाने की योजना को फिलहाल टाल दिया है. कंपनी ने वीक मार्केट कंडीशन, खासकर टेक कंपनियों के शेयरों के प्रति निगेटिव सेंटिमेंट को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया है.
जमा किए थे डाक्यूमेंट्स
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, Snapdeal ने पिछले साल दिसंबर 2021 में बाजार नियामक सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) के पास जरूरी डॉक्यूमेंट जमा करके आईपीओ लाने के लिए मंजूरी मांगी थी. कंपनी की योजना IPO से 1,250 करोड़ रुपए जुटाने की थी. इस दौरान, वह 3 करोड़ से अधिक शेयरों की बिक्री पेशकश करने वाली थी. स्नैपडील ने फिलहाल यह नहीं बताया है कि उसकी अगली योजना क्या है, यानी उसका आईपीओ अब कब आएगा.
उस वक्त थी ज्यादा उम्मीद
एक रिपोर्ट के मुताबिक, जिस समय कंपनी ने डाक्यूमेंट्स दाखिल किए थे, उसे बाजार से काफी उम्मीद थी, लेकिन बीते कुछ वक्त में जिस तरह से मार्केट में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है उससे कंपनी आशंकित है. एक जमाने में Snapdeal देश की नंबर वन ई-कॉमर्स कंपनी हुआ करती थी, मगर अमेजन और फ्लिपकार्ट की मौजूदगी से उसकी पकड़ बाजार पर ढीली होती चली गई.
मर्जर से हट गई थी पीछे
2017 में स्नैपडील का फ्लिपकार्ट में मर्जर होने वाला था, लेकिन कंपनी इससे पीछे हट गई. कंपनी के फाउंडर कुणाल बहल और रोहित बंसल ने स्नैपडील को और मजबूती के साथ पेश करने के लिए स्नैपडील 2.0 लॉन्च किया. हालांकि, उसके बाद भी खास बदलाव देखने को नहीं मिला. फिलहाल, इस मार्केट में वॉलमार्ट के स्वामित्व वाले फ्लिपकार्ट (Flipkart) और दिग्गज अमेरिकी ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन का दबदबा है. बता दें कि स्नैपडील में 71 शेयरधारक है, जिसमें सॉफ्टबैंक की 35.41 प्रतिशत की सबसे बड़ी हिस्सेदारी है. वहीं, कुणाल बहल और रोहित बंसल दोनों की कुल हिस्सेदारी 20.28 फीसदी है.
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