✕

होम / बिजनेस / क्‍या भारत में भी बढ़ाया जाना चाहिए ट्रेडिंग टाइम, जानिए क्‍या कहते हैं एक्‍सपर्ट

क्‍या भारत में भी बढ़ाया जाना चाहिए ट्रेडिंग टाइम, जानिए क्‍या कहते हैं एक्‍सपर्ट

मौजूदा समय में दुनिया के कई देशों में 18 घंटे तक ट्रेडिंग हो रही है. उसी का नतीजा है कि उन्‍हें इसका फायदा भी मिल रहा है ऐसे ही भारत में भी किए जाने की जरूरत है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

NSE के चेयरमैन आशीष चौहान ने भारत में ट्रेडिंग का समय बढ़ाए जाने को लेकर एक महत्वपूर्ण बयान दिया है उन्होंने कहा है कि दुनिया के कई देशों में मौजूदा समय में 17 से 18 घंटे ट्रेडिंग होती है जबकि भारत में यह समय सिर्फ 6 घंटा 15 मिनट है, उन्होंने कहा है मुझे लगता है कि भारत जैसे डेवलपिंग नेशन के लिए इसे बढ़ाये  जाने की आवश्यकता है. उनके इस बयान को लेकर हमने कई एक्सपर्ट से बात की और ये जानने की कोशिश की कि  क्या यह संभव है.....


NSE चेयरमैन ने कही ये बात
NSE चेयरमैन आशीष चौहान ने ये बात मुंबई में आयोजित हुई तीन मार्केट एसोसिएशन की प्री बजट मीटिंग में कही. उन्‍होंने ये बात एसोसिएशन ऑफ नेशनल स्‍टॉक एक्सचेंज मेंबर ऑफ इंडिया, मुंबई स्टॉक एक्सचेंज ब्रोकर फॉर्म और कमोडिटी पार्टिसिपेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया के प्री बजट मीट में कही. उन्होंने सभी मार्केट बॉडी से इस प्रपोजल को समर्थन देने की बात कही.


दुनिया में हो रही है 16 से 18 घंटे ट्रेडिंग
एक फरवरी को आने वाले बजट से पहले आयोजित हुई प्री बजट मीट के राउंडटेबल चर्चा में आशीष चौहान ने कहा कि आज ग्लोबल इकोनामी के दौर में सिंगापुर और अमेरिका जैसे देशों में 16-18 घंटे की ट्रेडिंग होती है. उन्होंने कहा लेकिन भारत में इसका समय सिर्फ 6 घंटा 15 मिनट ही निर्धारित है. उन्होंने ये भी कहा कि भारत जैसे डेवलपिंग देश जो कि तेजी से ग्रोथ कर रहे हैं उनके लिए इस आइडिया पर काम करना बेहद जरूरी है. उन्होंने कहा कि सिंगापुर जैसे देश आज इस तकनीक को अपनाकर लगातार समृद्धि की तरफ आगे बढ़ रहे हैं. उन्होंने कहा कि ट्रेडिंग का समय बढ़ाए जाने के बाद Mutual Fund, insurance और Banking जैसे सेक्टरों को ज्यादा लिक्विडिटी हासिल करने में आसानी होगी.


अभी कितनी देर खुलता है मार्केट
आशीष चौहान ने कहा कि मौजूदा समय में कमोडिटी मार्केट सुबह 9:00 बजे से खुलकर रात को 11:55 तक काम करता है ये लगभग 15 घंटे का समय है जबकि इक्विटी एक्सचेंज मार्केट सुबह 9:15 से खुलकर शाम को 3: 30 तक काम करता है. उन्होंने कहा कि 2008 में सेबी ने कमोडिटी मार्केट को टाइम बढ़ाने की अनुमति दी थी.

क्‍या कहते हैं एक्‍सपर्ट 
BSE के पूर्व चेयरमैन एस रवि कहते हैं कि ये एक बेहतर आइडिया है. वो कहते हैं कि जब दुनिया में 16 से 18 घंटे की ट्रेडिंग होती है तो भारत में भी इसे बढ़ाना जाना चाहिए. हमें इसे धीरे-धीरे बढ़ाना चाहिए. वो कहते हैं कि इसका ये फायदा होता है कि इसमें ग्‍लोबल पार्टिसिपेशन बढ़ जाता है. दूसरे टाइम जोन वाले हमारे वहां लाइव ट्रेडिंग कर सकते हैं. ये एक एडवांटेज है इससे पहले आपने देखा होगा कि गिफ्ट सिटी मे भी इसलिए बढ़ाया गया था कि ताकि वहां कोई भी ट्रेड कर सकता है. मुझे ये बयान सही नजर आता है. लेकिन उसके लिए हमारे पास स्किल सेट होना चाहिए. ज्‍यादा ट्रेडिंग ऑवर्स के लिए मॉनिटरिंग मैकेनिज्‍म बढ़ जाता है लेकिन इसे धीरे-धीरे करना चाहिए.इस काम को एक ही दिन में नहीं किया जा सकता है इसे धीरे-धीरे करना चाहिए.

मौजूदा समय में भारत में 6 घंटे का समय क्यों निर्धारित किया गया है इसके जवाब में एस रवि कहते हैं पहले 10:00 बजे से लेकर 6:30 बजे तक ट्रेडिंग होती थी दूसरा हम लोग भी ग्रोइंग इकोनॉमी हैं आज से 10 साल पहले  स्थिति अलग थी लेकिन आज की स्थिति अलग है इसलिए मार्केट को बहुत ज्यादा लंबा ओपन नहीं करते थे और आप यह भी देखेंगे कि मार्केट में जो बहुत सारे रिफॉर्म्स हुए हैं उसमें हम आप कर सकते हैं पहले इस स्थिति में नहीं थे कि हम ऐसा कर सकते थे


टैग्स
सम्बंधित खबरें

भारत में कारोबार बढ़ाने की तैयारी में डुमारे, EV और AI टेक्नोलॉजी पर रहेगा फोकस

डुमारे ग्रुप भारत में अपने कारोबार का विस्तार करने के साथ इंजन की दक्षता बढ़ाने, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित कंट्रोल सिस्टम और क्लीन मोबिलिटी सॉल्यूशंस पर काम कर रहा है.

2 hours ago

बच्चों पर सोशल मीडिया के असर को लेकर सुप्रीम कोर्ट सख्त, मेटा के फेसबुक-इंस्टाग्राम पर उठे सवाल

याचिका में आरोप लगाया गया है कि फेसबुक और इंस्टाग्राम के एल्गोरिदम बच्चों को लंबे समय तक स्क्रीन पर सक्रिय रहने के लिए प्रेरित करते हैं. याचिकाकर्ता ने बच्चों की मानसिक सेहत, निजता और ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर भारत में विशेष सुरक्षा उपाय लागू करने की मांग की है.

3 hours ago

टाटा ग्रुप के विवाद पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की सलाह, आपसी बातचीत से सुलझाएं मतभेद

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने टाटा ग्रुप के नेतृत्व से आंतरिक मतभेदों को बातचीत के जरिए सुलझाने और समूह में सामान्य स्थिति बहाल करने की अपील की है. उन्होंने कहा कि टाटा ग्रुप भारतीय अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा है और इस विवाद का सार्वजनिक रूप से जारी रहना ठीक नहीं है.

3 hours ago

2029 तक 3 लाख करोड़ रुपये के रक्षा उत्पादन का लक्ष्य, 50 हजार करोड़ रुपये के निर्यात पर सरकार की नजर

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा- सेना के आधुनिकीकरण और स्वदेशी रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने पर है जोर, रक्षा बजट बढ़कर रिकॉर्ड 7.85 लाख करोड़ रुपये हुआ

3 hours ago

SBI के मुनाफे में 14.28% की बढ़ोतरी, दूसरी तिमाही में ₹23,038 करोड़ का शुद्ध लाभ

नेट इंटरेस्ट इनकम में 14.69% का उछाल, बढ़कर ₹49,143 करोड़ हुई; बैंक की एसेट क्वालिटी में भी सुधार

3 hours ago


बड़ी खबरें

SBI के मुनाफे में 14.28% की बढ़ोतरी, दूसरी तिमाही में ₹23,038 करोड़ का शुद्ध लाभ

नेट इंटरेस्ट इनकम में 14.69% का उछाल, बढ़कर ₹49,143 करोड़ हुई; बैंक की एसेट क्वालिटी में भी सुधार

3 hours ago

बच्चों पर सोशल मीडिया के असर को लेकर सुप्रीम कोर्ट सख्त, मेटा के फेसबुक-इंस्टाग्राम पर उठे सवाल

याचिका में आरोप लगाया गया है कि फेसबुक और इंस्टाग्राम के एल्गोरिदम बच्चों को लंबे समय तक स्क्रीन पर सक्रिय रहने के लिए प्रेरित करते हैं. याचिकाकर्ता ने बच्चों की मानसिक सेहत, निजता और ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर भारत में विशेष सुरक्षा उपाय लागू करने की मांग की है.

3 hours ago

टाटा ग्रुप के विवाद पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की सलाह, आपसी बातचीत से सुलझाएं मतभेद

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने टाटा ग्रुप के नेतृत्व से आंतरिक मतभेदों को बातचीत के जरिए सुलझाने और समूह में सामान्य स्थिति बहाल करने की अपील की है. उन्होंने कहा कि टाटा ग्रुप भारतीय अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा है और इस विवाद का सार्वजनिक रूप से जारी रहना ठीक नहीं है.

3 hours ago

2029 तक 3 लाख करोड़ रुपये के रक्षा उत्पादन का लक्ष्य, 50 हजार करोड़ रुपये के निर्यात पर सरकार की नजर

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा- सेना के आधुनिकीकरण और स्वदेशी रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने पर है जोर, रक्षा बजट बढ़कर रिकॉर्ड 7.85 लाख करोड़ रुपये हुआ

3 hours ago

रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन ने पकड़ी रफ्तार, 12 साल में तीन गुना बढ़ा आंकड़ा; 99.7% नेटवर्क हुआ इलेक्ट्रिक

आंकड़ों के मुताबिक, 1950 तक देश के केवल 0.7 फीसदी रेल नेटवर्क का विद्युतीकरण हुआ था. 1961 में यह आंकड़ा 1.3 फीसदी और 2001 तक 23.6 फीसदी पहुंचा. इसके बाद भी रफ्तार सीमित रही, लेकिन 2014 के बाद इलेक्ट्रिफिकेशन के काम में तेजी आई.

8 hours ago