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SME लिस्टिंग से लेकर AI तक SEBI का बड़ा प्लान, नियमों में होंगे कई बदलाव
छोटे और मध्यम उद्यमों की लिस्टिंग व्यवस्था में ट्रेडिंग, मार्केट मेकिंग और मेन बोर्ड में माइग्रेशन से जुड़े नियमों की होगी समीक्षा
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) छोटे और मध्यम उद्यमों (SME) की लिस्टिंग व्यवस्था में व्यापक बदलाव की तैयारी कर रहा है. इसके साथ ही वित्तीय बाजारों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग (ML) के इस्तेमाल को लेकर संस्थाओं की जवाबदेही भी स्पष्ट की जाएगी. सेबी के चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय ने कहा कि SME प्लेटफॉर्म से जुड़े कई पहलुओं की समीक्षा की जा रही है और जल्द ही व्यापक सुधारों के लिए कंसल्टेशन पेपर जारी किया जाएगा.
SME प्लेटफॉर्म पर इन नियमों की होगी समीक्षा
मुंबई में फिक्की के सालाना कैपिटल मार्केट्स कॉन्फ्रेंस के दौरान पांडेय ने कहा कि सेबी SME प्लेटफॉर्म पर ट्रेडिंग, मार्केट मेकिंग, अंडरराइटिंग और कंपनियों के मेन बोर्ड में माइग्रेशन से जुड़े मौजूदा नियमों की कमियों की समीक्षा कर रहा है.
सेबी के सामने SME प्लेटफॉर्म पर बनने वाले ‘ऑड लॉट’ भी चिंता का विषय हैं. इससे निवेशकों के लिए शेयरों में कारोबार करना मुश्किल हो सकता है. पांडेय के मुताबिक, रिटेल निवेशकों की भागीदारी को नियंत्रित करने के लिए ट्रेडिंग लॉट और एप्लीकेशन साइज बढ़ाने जैसे कदम अपेक्षित परिणाम नहीं दे पाए हैं.
मार्केट मेकिंग और अंडरराइटिंग में भी बदलाव की जरूरत
सेबी चेयरमैन ने कहा कि SME प्लेटफॉर्म पर मार्केट मेकिंग की मौजूदा व्यवस्था प्रभावी ढंग से काम नहीं कर रही है. इससे SME कंपनियों की लागत भी बढ़ रही है. अंडरराइटिंग व्यवस्था में बदलाव की जरूरत के साथ-साथ मेन बोर्ड में माइग्रेशन और पेड-अप कैपिटल से जुड़ी आवश्यकताओं की भी समीक्षा की जाएगी. उन्होंने कहा कि सेबी व्यापक सुधारों का प्रस्ताव तैयार करेगा और इस संबंध में कंसल्टेशन पेपर जारी किया जाएगा.
AI-ML के इस्तेमाल पर संस्थाओं की जवाबदेही तय होगी
वित्तीय बाजार में AI और ML के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए सेबी इनके जिम्मेदार इस्तेमाल के लिए नए दिशानिर्देश तैयार कर रहा है. सेबी के मुताबिक, तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाने के साथ यह स्पष्ट करना जरूरी है कि AI या ML से जुड़े किसी फैसले या सिस्टम की जिम्मेदारी किसकी होगी.
प्रस्तावित व्यवस्था के तहत सेबी के दायरे में आने वाली प्रत्येक संस्था अपने इस्तेमाल किए जाने वाले AI या ML टूल के लिए जिम्मेदार होगी. यह जिम्मेदारी इस बात से प्रभावित नहीं होगी कि टूल संस्था ने खुद विकसित किया है या किसी तीसरी पार्टी से लिया है.
डेटा की सुरक्षा और AI के नतीजों की भी जिम्मेदारी
AI-ML से जुड़े प्रस्तावित नियमों में निवेशकों के डेटा की प्राइवेसी, सुरक्षा और प्रमाणिकता के साथ-साथ AI सिस्टम से मिलने वाले नतीजों की जवाबदेही भी शामिल होगी. सेबी अलग-अलग स्तरों के लिए जिम्मेदारी और निगरानी से जुड़े स्पष्ट नियम बनाने की तैयारी में है. प्रस्तावित व्यवस्था में ‘किल स्विच’ और ‘ह्यूमन इन द लूप’ जैसे सुरक्षा उपायों को भी शामिल किया जा सकता है. इसके अलावा डेटा पर नियंत्रण की व्यवस्था पर भी जोर दिया जाएगा, ताकि तकनीकी नवाचार और निवेशकों की सुरक्षा के बीच संतुलन कायम रहे.
संदिग्ध वित्तीय प्रचार की निगरानी में AI का इस्तेमाल
सेबी संदिग्ध वित्तीय प्रचार और संभावित रूप से भ्रामक विज्ञापनों की पहचान के लिए AI का इस्तेमाल कर रहा है. इसके लिए ‘प्रोजेक्ट सुदर्शन’ और ‘R(AI)DAR’ जैसी पहल का उपयोग किया जा रहा है. इसके अलावा मार्केट इकोसिस्टम में सूचनाओं के आदान-प्रदान और साइबर सुरक्षा को मजबूत करने के लिए सेबी ने साइबर सुरक्षा पोर्टल भी बनाया है.
LODR और डीलिस्टिंग फ्रेमवर्क की भी समीक्षा
SME लिस्टिंग और AI-ML नियमों के अलावा सेबी लिस्टिंग ऑब्लिगेशन्स एंड डिस्क्लोजर रिक्वायरमेंट्स (LODR) और डीलिस्टिंग फ्रेमवर्क की भी समीक्षा कर रहा है. वहीं, रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (REITs) और इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (InvITs) के लिए भी कुछ नियमों में बदलाव पर विचार किया जा रहा है. इनमें निर्धारित सीमाओं के भीतर निर्माणाधीन परियोजनाओं में निवेश की अनुमति को अधिक लचीला बनाने का प्रस्ताव शामिल हो सकता है.
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