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मुफ्त की फाइनेंशियल एडवाइज देने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाएगा SEBI

भारतीय मार्केट रेगुलेटर SEBI (सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया) जल्द ही 4 बड़ी कंपनियों के खिलाफ एक्शन ले सकता है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

 

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो भारतीय मार्केट रेगुलेटर SEBI (सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया) जल्द ही 4 बड़ी कंपनियों के खिलाफ एक्शन ले सकता है. इन कंपनियों पर आरोप है कि, बिना अनुमति लिए ये कंपनियां सोशल मीडिया पर स्टॉक टिप्स साझा कर रही थीं. यह एक्शन पिछले 12 महीनों के दौरान जारी किये जा चुके 4 आदेशों के आधार पर लिया जा रहा है. 

बिना अनुमति के दे रहे थे फाइनेंशियल एडवाइज
दरअसल मार्केट में इस वक्त एक मुद्दा सभी के लिए परेशानी का विषय बना हुआ है. ऐसी कंपनियां और लोग, रिटेल इन्वेस्टर्स को स्टॉक मार्किट में इन्वेस्ट करने का लालच दे रहे हैं, जिन्हें किसी प्रकार की फाइनेंशियल एडवाइस देने की अनुमति नहीं है. इसी समस्या को काबू करने के लिए SEBI पिछले 12 महीनों में 4 जरूरी आदेश जारी कर चुका है. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, केवल वही एडवाइजर्स इन्वेस्टमेंट की एडवाइज दे सकते हैं जिन्होंने SEBI के साथ खुद को रजिस्टर किया हुआ है. 

SEBI लेगा सख्त एक्शन
ऐसी संस्थाओं और लोगों के खिलाफ बहुत सख्त एक्शन लिया जा सकता है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मामले से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि, इन संस्थाओं या लोगों को कैपिटल मार्केट पर बैन होने के साथ-साथ पेनल्टी और गलत तरीके से प्राप्त किये गए प्रॉफिट को वापस करने जैसे सख्त एक्शन्स का सामना करना पड़ सकता है. ऐसे डिजिटल इन्वेस्टमेंट प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ भी एक्शन लिया जा सकता है जो बिना रेगुलेटरी लाइसेंस के फाइनेंशियल एडवाइज और इन्वेस्टमेंट प्रोडक्ट्स प्रदान करते हैं. 

सख्त एक्शन की है पूरी तैयारी
SEBI इन केसों की जांच कर रहा है कि, कहीं कोई फ्रॉड या अनरजिस्टर्ड इन्वेस्टमेंट एडवाइज का मामला दर्ज तो नहीं है. इतना ही नहीं, मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो मामले से जुड़े सूत्रों ने बताया कि SEBI इन फाइनेंशियल इन्फ्लुएंसर्स के खिलाफ केस-टू-केस आधार पर एक्शन लेना चाहता है और SEBI अपने पुराने प्रावधानों का इस्तेमाल भी कर सकता है. 

रिटेल इन्वेस्टर्स के साथ फ्री के एडवाइजर्स भी बढ़े
कोरोना महामारी के दौरान अन्य बड़ी मार्केटों के साथ-साथ भारत ने भी रिटेल इन्वेस्टर्स द्वारा शेयर्स की खरीद में बढ़ोत्तरी दर्ज की थी. इसके साथ ही, ऐसे बहुत से अनरजिस्टर्ड एडवाइजर्स की संख्या में भी बढ़ोत्तरी देखने को मिली थी जिनका लक्ष्य ये नए रिटेल इन्वेस्टर्स थे. SEBI द्वारा इस साल 25 जनवरी को रिलीज की गयी एक स्टडी में बताया गया है कि साल 2018-19 और 2021-22 के बीच भारत के फ्यूचर्स और ऑप्शंस मार्केटों में रिटेल इन्वेस्टर्स की संख्या 500% जितनी बढ़ गयी है और हर 10 में से 9 रिटेल इन्वेस्टर्स को घाटा उठाना पड़ा है. 

बहुत बड़ी है समस्या
SEBI ने इस मुद्दे पर सख्त कदम उठाने के लिए लोकल स्टॉक एक्सचेंजों और एसेट मैनेजमेंट कंपनियों से मदद मांगी है और ऐसे ऑनलाइन चैट ग्रुपों को पहचानने का अनुरोध किया है जिनमें इन्वेस्टमेंट एडवाइज का आदान-प्रदान किया जा रहा है. रेगुलेटरी और एक्सचेंज के अधिकारियों के अनुसार ऐसे हर चैनल से 50,000 से 1,00,000 सब्सक्राइबर्स जुड़े हुए हैं और देश भर में ऐसे हजारों चैनल्स मौजूद हैं. 

 

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