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SEBI ने इन 7 कमोडिटीज पर एक साल का और बढ़ाया प्रतिबंध
इन उत्पादों पर प्रतिबंध हटाए जाने को लेकर CPAI ने इस महीने की शुरूआत में वित्त मंत्रालय और SEBI को एक पत्र लिखा था. उसने कहा था कि लंबे समय तक बैन बाजार के लिए सही नहीं है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
SEBI ने 7 कमोडिटीज की डेरिवेटिव ट्रेडिंग पर एक और साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया है. ये बैन अब अगले साल 20 दिसंबर 2023 तक के लिए लगा दिया गया है. इन कमोडिटीज में धान (गैर बासमती) गेहूं, चना, सरसों के बीज सोयाबीन, कच्चे ताड़ का तेल, और मूंग शामिल है.
CPAI ने कहा था हटाया जाए प्रतिबंध
दिसंबर महीने की शुरूआत में कमोडिटी पार्टिसिपेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया CPAI ने सरकार और SEBI से इन उत्पादों की डेरेवेटिव ट्रेडिंग से प्रतिबंध हटाने की मांग की थी. सीपी CPAI वित्त मंत्रालय को एक पत्र भी इस मामले में लिखा था, जिसमें उसने कहा था कि इन पर लंबे समय तक लगाया गया प्रतिबंध सही नहीं है.
इंडस्ट्री को उम्मीद थी हटेगा बैन
इंडस्ट्री को उम्मीद थी कि महंगाई दर के पिछले 11 महीनों में 5.9% से कम आने के बाद प्रतिबंध को हटा लिया जाएगा. लेकिन ऐसा नहीं हुआ. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार यह निर्णय बिना किसी तर्क के लिया गया था. इससे पहले SEBI ने कमोडिटी में वायदा कारोबार पर भी प्रतिबंध लगा दिया था. लेकिन एक बार में 7 कमोडिटीज पर भविष्य के लिए प्रतिबंध लगाना वह भी बिना इस तर्क के की जिसमें कभी न खत्म होने वाले चुनाव में लोकलुभावन वादे को खत्म करने के अतिरिक्त कोई तर्क न शामिल हो किसी की समझ में नहीं आ रहा है.
अब तक 19 आइटम पर लग चुका है बैन
पिछले दो दशक में अब तक 19 आइटम्स की ट्रेडिंग पर बैन लग चुका है, जिसमें कुछ कमोडिटीज पर सस्पेंशन भी शामिल है. इसमें पिछले साल 2021 में बैन की गई 7 कृषि कमोडिटी भी शामिल है. NCDEX की सितंबर में जारी हुई रिपोर्ट के अनुसार इस सस्पेंशन करने के बावजूद महंगाई कम करने के प्रयासों में कोई बेहतर रिजल्ट नहीं मिला है. जबकि इससे शॉर्ट टर्म में मामूली सुधार हुए हैं.
NCDEX हुआ बुरी तरह प्रभावित
इन कमोडिटीज पर लगाये गए बैन के कारण NCDEX बुरी तरह प्रभावित हुआ है. पिछले साल कुल जमा में अगर इन 7 कमोडिटी का शेयर देखें तो पिछले अप्रैल 2021 से लेकर जुलाई 2021 तक इनका योगदान 54% का रहा है। जिसमें सबसे ज्यादा 40% का योगदान चने का रहा है.
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