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कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और कमजोर डॉलर से रुपया मजबूत, शुरुआती कारोबार में 28 पैसे चढ़ा
पश्चिम एशिया में तनाव कम होने के संकेतों और बेहतर वैश्विक माहौल से रुपये को मिला समर्थन
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 53 minutes ago
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, अमेरिकी डॉलर में कमजोरी और वैश्विक बाजारों में सुधरे जोखिम भाव से सोमवार को शुरुआती कारोबार में भारतीय रुपया मजबूत हुआ. रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 28 पैसे बढ़कर 96.25 के स्तर पर पहुंच गया. इससे पहले शुक्रवार को रुपया 20 पैसे की बढ़त के साथ 96.56 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था. बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से भारत के आयात बिल और महंगाई के दबाव को कम करने में मदद मिलेगी, जिससे रुपये को सहारा मिला है.
कच्चे तेल में गिरावट से रुपये को राहत
भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है. ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में गिरावट से देश के चालू खाते के घाटे और आयातित महंगाई पर दबाव कम होता है. हाल के दिनों में महंगे कच्चे तेल और भू-राजनीतिक तनाव के कारण रुपये पर दबाव बना हुआ था. इसके अलावा अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में कमजोरी से भी उभरते बाजारों की मुद्राओं को मजबूती मिली है. इसका फायदा भारतीय रुपये को भी मिला.
फेड के फैसले पर बाजार की नजर
अब मुद्रा बाजार की नजर इस सप्ताह होने वाली अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति बैठक पर है. निवेशक फेड के ब्याज दरों से जुड़े संकेतों और डॉलर की आगे की दिशा पर नजर रख रहे हैं. सोमवार को घरेलू शेयर बाजारों में भी सकारात्मक शुरुआत देखने को मिली. कच्चे तेल की कीमतों में नरमी को भारत के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है, क्योंकि इससे विदेशी मुद्रा की मांग कम हो सकती है और आर्थिक मोर्चे पर राहत मिल सकती है.
हालांकि, सोमवार की तेजी के बावजूद रुपया अभी भी अपने रिकॉर्ड निचले स्तरों के करीब बना हुआ है. हाल के सत्रों में महंगे तेल, भू-राजनीतिक अनिश्चितता और डॉलर की मजबूत मांग के कारण रुपये पर दबाव रहा है.
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