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रिलायंस इंडस्ट्रीज और रोल्स-रॉयस की साझेदारी, AMCA के लिए स्वदेशी कॉम्बैट इंजन विकसित करने की तैयारी
इंजन के डिजाइन, डेवलपमेंट, मैन्युफैक्चरिंग और डिलीवरी पर होगा फोकस. सोमवार को RIL के शेयरों पर रहेगी नजर
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) के शेयरों पर सोमवार को निवेशकों की नजर रहेगी. कंपनी ने भारत के एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) कार्यक्रम के लिए स्वदेशी कॉम्बैट इंजन विकसित करने को लेकर ब्रिटिश एयरोस्पेस और डिफेंस कंपनी रोल्स-रॉयस के साथ साझेदारी की योजना का ऐलान किया है. रिलायंस इंडस्ट्रीज ने शुक्रवार को शेयर बाजार को दी जानकारी में कहा कि प्रस्तावित साझेदारी के तहत इंजन के डिजाइन, विकास, निर्माण और डिलीवरी पर काम किया जाएगा.
भारत में एयरोस्पेस गैस टर्बाइन कॉम्प्लेक्स स्थापित करने की योजना
दोनों कंपनियां भारत में एक समर्पित एयरोस्पेस गैस टर्बाइन कॉम्प्लेक्स स्थापित करने की संभावनाएं भी तलाशेंगी. यह कॉम्प्लेक्स पावर और प्रोपल्शन टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में काम कर सकता है. रिलायंस का कहना है कि प्रस्तावित कॉम्प्लेक्स इंजन डिजाइन और डेवलपमेंट से लेकर मैन्युफैक्चरिंग, टेस्टिंग, प्रोडक्शन और पूरे लाइफसाइकिल सपोर्ट तक एक मजबूत घरेलू क्षमता विकसित करने में मदद करेगा.
स्वदेशी एयरो-इंजन इकोसिस्टम बनाने पर जोर
रिलायंस इंडस्ट्रीज के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनंत अंबानी ने कहा कि रोल्स-रॉयस के साथ कंपनी का उद्देश्य उन्नत प्रोपल्शन टेक्नोलॉजी में उसकी वैश्विक विशेषज्ञता को रिलायंस की टेक्नोलॉजी, मैन्युफैक्चरिंग, बड़े पैमाने पर काम करने की क्षमता और एग्जीक्यूशन क्षमताओं के साथ जोड़ना है. उन्होंने कहा कि इस साझेदारी के जरिए भारत में एक मजबूत और स्वदेशी एयरो-इंजन इकोसिस्टम तैयार करने का लक्ष्य है.
रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को मिलेगा बढ़ावा
यह पहल ऐसे समय में सामने आई है, जब भारत रक्षा निर्माण को मजबूत करने और सैन्य उपकरणों व प्रोपल्शन सिस्टम के आयात पर निर्भरता कम करने पर जोर दे रहा है. रोल्स-रॉयस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी तुफान एर्गिनबिल्गिक ने कहा कि यह साझेदारी कंपनी की इंजीनियरिंग और इंजन निर्माण विशेषज्ञता को भारत के औद्योगिक इकोसिस्टम में रिलायंस की मजबूत स्थिति के साथ जोड़ेगी.
उन्होंने कहा कि भारत में कंपनी की मौजूदा साझेदारियों और क्षमताओं के साथ यह सहयोग देश में एक मजबूत और आत्मनिर्भर एयरोस्पेस इकोसिस्टम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा.
AMCA के अलावा अन्य क्षेत्रों में भी सहयोग की संभावना
रिलायंस के अनुसार, प्रस्तावित एयरोस्पेस गैस टर्बाइन कॉम्प्लेक्स का इस्तेमाल सिर्फ AMCA कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहेगा. यह रक्षा, सिविल एयरोस्पेस और अगली पीढ़ी के पावर व प्रोपल्शन सिस्टम से जुड़े अन्य सहयोग के अवसर भी पैदा कर सकता है.
AMCA भारत का प्रस्तावित पांचवीं पीढ़ी का लड़ाकू विमान कार्यक्रम है. इसके लिए स्वदेशी प्रोपल्शन सिस्टम का विकास देश की उन्नत सैन्य विमानन क्षमता को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है. हालांकि, रिलायंस और रोल्स-रॉयस के बीच प्रस्तावित साझेदारी अभी आवश्यक मंजूरियों और दोनों कंपनियों के बीच आगे की बातचीत पर निर्भर करेगी.
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