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मुश्किल में जूते-चप्पल बनाने वाली ये कंपनी, इस वजह से घट रहा मुनाफा; लुढ़क रहे शेयर
भारत दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा फुटवियर कंज्यूमर और प्रोड्यूसर है. ग्लोबल फुटवियर प्रोडक्शन में भारत का योगदान 10.7 प्रतिशत है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
फुटवियर कंपनी रिलैक्सो के दिन अच्छे नहीं चल रहे हैं. कंपनी का रिवेन्यु घट रहा है. कमजोर प्रदर्शन की वजह से शेयर मार्केट में उसके स्टॉक्स भी लगातार नीचे आ रहे हैं. सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को Relaxo Footwears के शेयर अपने 18 महीने के निचले स्तर पर पहुंच गए, जो निश्चित तौर पर कंपनी में निवेश करने वालों के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं.
इनकम हुई प्रभावित
रिलैक्सो फुटवियर 10 ब्रैंड्स के तहत अपने प्रोडक्ट बनाती है, जिसमें सबसे फेमस Flite, Sparx, Bahamas और Schoolmate. कोरोना महामारी के बाद से कंपनी का प्रदर्शन उत्साहजनक नहीं रहा है. बढ़ती महंगाई के चलते भी कंपनी के चप्पल-जूते उम्मीद अनुसार नहीं बिक रहे हैं. नतीजतन कंपनी की इनकम पर असर पड़ रहा है. एक रिपोर्ट के अनुसार, रिलैक्सो ने पिछली 10 तिमाहियों में अपना सबसे खराब प्रदर्शन दर्ज किया है. कंपनी का रिवेन्यू साल-दर-साल 6% घटकर लगभग 670 करोड़ रुपए हो गया है.
घट रहा मुनाफा
सितंबर तिमाही के दौरान कंपनी का मुनाफा सालाना आधार पर 67 फीसदी घटकर 22.4 करोड़ रुपए आ गया है. ये गिरावट कच्चे माल की बढ़ती लागत, कीमतों में कटौती और डिमांड में कमजोरी के चलते आई है. रिलैक्सो सस्ती चप्पलें और सैंडल के साथ-साथ स्पोर्ट्स और कैजुअल शूज भी बनाती है. इसमें उसकी चप्पल सबसे ज्यादा बिकती है, लेकिन कोरोना महामारी के बाद से उसकी बिक्री प्रभावित हुई है.
महंगाई ने बिगाड़ा गणित
बढ़ती महंगाई ने भी रिलैक्सो फुटवियर की सेल को प्रभावित किया है. एक मीडिया रिपोर्ट में कंपनी के हवाले से बताया गया है कि ग्राहकों को महंगाई के दबाव का सामना करना पड़ रहा है. इस वजह से उन्होंने सस्ते विकल्पों की ओर रुख करना शुरू कर दिया है. वैसे रिलैक्सो ने भी बाजार में बने रहने के लिए सितंबर 2022 में अपने प्रोडक्ट्स की कीमतों को रिवाइज किया है.
इतना बड़ा है मार्केट
एक रिपोर्ट बताती है कि भारत दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा फुटवियर कंज्यूमर और प्रोड्यूसर है. पहले नंबर पर चीन आता है. ग्लोबल फुटवियर प्रोडक्शन में भारत का योगदान 10.7 प्रतिशत है. 2030 तक भारत में इस बाजार में 8 गुना तेजी आने की उम्मीद है. इसके साथ ही यह 15.5 बिलियन डॉलर तक पहुंच जाएगा. यही वजह है कि तमाम कंपनियां इस सेक्टर में दस्तक दे चुकी हैं, जिसके परिणामस्वरूप प्रतियोगिता बढ़ रही है. रिलैक्सो फुटवियर के शेयर की बात करें तो शुक्रवार को यह 1.72% की गिरावट के साथ 892.95 रुपए पर बंद हुआ. पिछले पांच दिनों में इसमें 3.24% और एक महीने में 7.67% की नरमी देखने को मिली है.
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