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कितनी दौलत छोड़ गई हैं महारानी एलिजाबेथ-II, कैसे होती थी कमाई? जानें सबकुछ 

ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय अपने पीछे अरबों की संपत्ति छोड़ गई हैं. हालांकि, उनकी नेट वर्थ को लेकर अलग-अलग रिपोर्ट्स में कई दावें किए गए हैं.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 years ago

ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय (Queen Elizabeth II) का गुरुवार को स्कॉटलैंड के बाल्मोरल कैसल में निधन हो गया. 96 वर्षीय महारानी अपने पीछे अरबों की दौलत छोड़ गई हैं, यह संपत्ति अब प्रिंस चार्ल्स (Prince Charles) को राजा बनने पर विरासत में मिलेगी. महारानी की पर्सनल एसेट से लेकर उनके महल तक सबकुछ अब प्रिंस चार्ल्स के हो जाएंगे. एलिजाबेथ द्वितीय 1952 में ब्रिटेन की महारानी बनी थीं. उनके निधन के बाद अब उनकी संपत्ति, वारिस और इनकम के सोर्से को लेकर चर्चा हो रही है.  

नेटवर्थ का अलग-अलग दावा
एलिजाबेथ द्वितीय अपने पीछे अरबों की संपत्ति छोड़ गई हैं. हालांकि, महारानी एलिजाबेथ द्वितीय की नेट वर्थ को लेकर अलग-अलग रिपोर्ट्स में कई दावें किए गए हैं. फार्च्यून की एक रिपोर्ट बताती है कि महारानी एलिजाबेथ द्वितीय 500 मिलियन डॉलर की पर्सनल एसेट छोड़ गई हैं, जो प्रिंस चार्ल्स को किंग बनने पर विरासत में मिलेगी. इसके अलावा, उन्हें शाही परिवार की दौलत भी मिलेगी. 

शाही परिवार की दौलत
फोर्ब्स के अनुसार, शाही परिवार के पास 2021 तक लगभग 28 अरब डॉल की अचल संपत्ति थी. हालांकि, संपत्ति को बेचा नहीं जा सकता. इसमें द क्राउन एस्टेट (19.5 बिलियन डॉलर), बकिंघम पैलेस (4.9 बिलियन डॉलर), द डची ऑफ कॉर्नवाल (1.3 बिलियन डॉलर), द डची ऑफ लैंकेस्टर (748 मिलियन डॉलर), केंसिंग्टन पैलेस (630 मिलियन डॉलर), स्कॉटलैंड का क्राउन एस्टेट (592 मिलियन डॉलर) शामिल हैं. क्वीन एलिजाबेथ II का अपनी राजशाही के माध्यम से इस 28 अरब डॉलर की संपत्ति पर पूरा नियंत्रण था, जिसका कामकाज रॉयल फर्म संभालती है.

ऐसे होती थी कमाई 
अब सवाल उठता है कि आखिर महामारी की आय होती कैसे थी? दरअसल, महारानी को टैक्सपेयर्स की तरफ से मोटी रकम प्राप्त होती थी, जिसे सॉवरेन ग्रांट के रूप में जाना जाता है. इसे वार्षिक आधार शाही परिवार को दिया जाता है. इस ग्रांट की शुरुआत किंग जॉर्ज III के समय में हुई थी. वर्ष 2021 और 2022 में सॉवरेन ग्रांट की राशि 86 मिलियन पाउंड से अधिक तय की गई थी. ये धनराशि आधिकारिक यात्रा, संपत्ति के रखरखाव के लिए आवंटित की जाती है.

क्या है रॉयल फर्म?
महारानी को दुनियाभर से कीमती उपहार भी मिले थे. उन्होंने अपने निवेश, कला संग्रह, ज्वैलरी और रियल एस्टेट होल्डिंग्स से पर्सनल एसेट के रूप में 500 मिलियन डॉलर से अधिक की रकम जमा की थी. इसमें सैंड्रिंघम हाउस और बाल्मोरल कैसल शामिल हैं. अब ये सबकुछ उनके बड़े बेटे प्रिंस चार्ल्स को मिलेगा. रॉयल फर्म की बात करें, तो इसे The Monarchy PLC के रूप में जाना जाता है. यह हाउस ऑफ विंडसर के वरिष्ठ सदस्यों और कुछ अन्य लोगों का एक समूह है. इस रॉयल फैमिली की प्रमुख क्वीन थीं. इस लिहाज से क्वीन और 7 अन्य रॉयल्स फर्म के सदस्य हैं.  
 


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