होम / बिजनेस / सरप्लस कैश से इस तरह मुनाफा कमाएंगी सरकारी कंपनियां, मिल गई है ये मंजूरी
सरप्लस कैश से इस तरह मुनाफा कमाएंगी सरकारी कंपनियां, मिल गई है ये मंजूरी
केंद्र सरकार ने सरकारी कंपनियों को म्यूचुअल फंड के डेट प्लान में निवेश की इजाजत दे दी है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों (PSUs) को निजी इस म्यूचुअल फंड के डेट प्लान में निवेश करने की अनुमति दे दी है. अब ये कंपनियां अपने पास मौजूद अतिरिक्त नकदी यानी सरप्लस कैश को निवेश करके मुनाफा कमा सकेंगी. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार के निवेश एवं सार्वजनिक संपत्ति विभाग (दीपम) ने इस बारे में एक ऑफिस मेमोरेंडम जारी किया है. बता दें कि दीपम सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों की संपत्ति की देखभाल करता है.
नकदी बढ़ाने में मिलेगी मदद
एक्सपर्ट्स मानते हैं कि यह एक अच्छा कदम है, क्योंकि कई कंपनियों के पास अतिरिक्त नकदी पड़ी होती है. जिसे अब वह निजी म्यूचुअल फंड के फिक्स इनकम इंस्ट्रूमेंट में निवेश कर सकेंगी और मुनाफा कमा सकेंगी. इससे उनकी आर्थिक स्थिति भी बेहतर होगी. इस तरह के निवेश से कंपनियों को अपनी नकदी बढ़ाने में मदद मिलेगी. दीपम के मेमोरेंडम ने कहा गया है कि सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां सभी म्यूचुअल फंड की डेट स्कीम में निवेश कर सकती हैं.
डेट स्कीम में बढ़ेगी तरलता
अब तक सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां UTI जैसे म्यूचुअल फंड में ही अपने सरप्लस फंड को निवेश कर सकती थीं. दीपम के इस फैसले से निजी म्युचुअल फंड कंपनियों को भी फायदा होगा. एक रिपोर्ट के अनुसार, PSUs के पास मार्च 2022 तक 1.58 लाख करोड़ रुपए की नकदी बची हुई है. जिसे अब वह निजी म्यूचुअल फंड में निवेश कर सकती हैं. बता दें कि म्यूचुअल फंड में निवेश पिछले कुछ वक्त में बढ़ा है. जानकार मानते हैं कि दीपम के इस फैसले से म्यूचुअल फंड की डेट स्कीम में तरलता बढ़ेगी.
क्या है दीपक?
कुछ साल पहले तक 'दीपम' नाम का कोई विभाग नहीं था. दरअसल, केंद्र सरकार ने 20 अप्रैल 2016 को 'विनिवेश विभाग' का नाम बदलकर 'दीपम' यानी डिपार्टमेंट ऑफ इन्वेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट कर दिया था. 'दीपम' केंद्रीय वित्त मंत्रालय के अधीन काम करता है और केंद्र सरकार की इक्विटी में निवेश सहित सार्वजनिक क्षेत्र के केंद्रीय उपक्रमों के विनिवेश से सम्बंधित मामलो को देखता है.
टैग्स