होम / बिजनेस / Pre Budget Meeting: रोजगार बढ़ाने से लेकर टैक्स और इंफ्रा पर सरकार को मिले ये सुझाव
Pre Budget Meeting: रोजगार बढ़ाने से लेकर टैक्स और इंफ्रा पर सरकार को मिले ये सुझाव
पहले दिन इंफ्रा और क्लाइमेट चेंज से जुड़े अलग-अलग संगठनों ने अपनी मांग रखी. सरकार को प्राइवेटाइजेशन पर अग्रेसिव तरीके से आगे बढ़ना चाहिए.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
नई दिल्लीः सोमवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ उद्योग संगठनों की प्री-बजट मीटिंग हुई. पहले दिन इंफ्रा और क्लाइमेट चेंज से जुड़े अलग-अलग संगठनों ने अपनी मांग रखी. इसमें पीएचडी और सीआईआई ने रोजगार और वित्तीय घाटे को कम करने से लेकर देश में प्राइवेटाइजेशन बढ़ाने और इज ऑफ डूइंग बिजनेस को लेकर अपनी बातें कही. इस बैठक में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ राज्य मंत्री पंकज चौधरी, और भागवद करात सहित सचिव भी मौजूद रहे।
CII ने क्या कहा
निर्मला सीतारमन के साथ हुई मीटिंग में CII के अध्यक्ष संजीव बजाज ने अपनी बात रखते हुए कहा की इस वित्त वर्ष में वित्तीय घाटा 6.4 प्रतिशत रहने की उम्मीद है जबकि 2024 में ये 6 % करने का लक्ष्य होना चाहिए. उन्होंने ये भी मांग की 2026 में हमें इसे 6% लाने की कोशिश करनी चाहिए. जबकि 2026 में इसे 4.5% किए जाने की जरूरत है. CII ने दूसरी मांग की है की सरकार को प्राइवेटाइजेशन पर अग्रेसिव तरीके से आगे बढ़ना चाहिए. इस लक्ष्य को पाने के लिए अगर किसी PSU के विनिवेश का निर्णय हो जाता है तो उसे मंत्रालय से लेकर DIPAM को दे दिया जाना चाहिए. तीसरी मांग जो CII ने की है वो ये है की टैक्स का बेस बढ़ाया जाना चाहिए. इसे मौजूदा स्तर 11.7% से 16% किया जाना चाहिए. साथ ही GST रेट्स का रेशनलाइजेशन किया जाना चाहिए और टैक्स एडमिनिस्ट्रेशन में सुधार किए जाने की जरूरत है. कैपिटल एक्सपेंडिचर को पिछले साल की तरह 35% तक बढ़ाया जाना चाहिए. ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है. CII ने रोजगार बढ़ाने के लिए सरकार को Employment Link Incentive स्कीम को लाना चाहिए जिसकी शुरूआत पर्यटन, लॉजिस्टिक, रिटेल, और फिल्म एनीमेशन से की जानी चाहिए.
PHD चैंबर ने क्या कहा
PHD Chamber ने भी वित्त मंत्री को अपनी सिफारिश दी है. PHD के अध्यक्ष साकेत डालमिया ने अपनी बात रखते हुए कहा की जिसमें प्राइवेट इन्वेस्टमेंट को बढ़ाने, कुल खपत को बढ़ाने, देश की फैक्ट्रियों में कैपिटल यूटिलाइजेशन बढ़ाने के साथ-साथ रोजगार बढ़ाने, सामाजिक इन्फ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने और आर्थिक प्रगति को बढ़ाने की बात की है. प्राइवेट सेक्टर में इन्वेस्टमेंट बढ़ाने के लिए PHD ने फैक्ट्री स्तर पर इज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ाने की भी बात कही है. टैक्स का सरलीकरण और कृषि सेक्टर में आय बढ़ाने की बात कही है. PHD ने मौजूदा समय में घर खरीदने पर दिए जाने वाले रिबेट की सीमा दो लाख से बढ़ाकर इसे दूसरे क्षेत्रों में भी दिए जाने की मांग की है, जिसमें जैसे कार खरीदने, एक से ज्यादा घर खरीदने पर भी देने की मांग की है. कृषि क्षेत्र में भी एक्सपोर्ट को बढ़ाए जाने की जरूरत है. फूड प्रोसेसिंग में एक्सपोर्ट 100 बिलियन डॉलर किए जाने की जरूरत है.
हर साल होती है प्री बजट मीटिंग
देश का बजट आने से पहले हर साल वित्त मंत्री अलग-अलग उद्योगों के साथ मुलाकात करती है और उनकी इस बजट को लेकर उम्मीद जानती है. इन्ही मांगो और उम्मीद के बाद बजट का खाका तैयार होता है. जिसे वो संसद में पेश करती है.
VIDEO: Transportation में आया Digital Seal का जमाना
टैग्स