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इस प्रोजेक्ट से ‘मेक इन इंडिया’ को मिलेगी मजबूती, देश में पहली बार होगा ये काम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को गुजरात के वडोदरा में टाटा-एयरबस प्रोजेक्ट की आधारशिला रखी. इस प्रोजेक्ट के तहत C-295 एयरक्राफ्ट बनाए जाएंगे.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
'मेक इन इंडिया' को मजबूती देने वाले एक और प्रोजेक्ट की शुरुआत हो चुकी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को गुजरात के वडोदरा में टाटा-एयरबस प्रोजेक्ट की आधारशिला रखी. इस प्रोजेक्ट के तहत C-295 एयरक्राफ्ट बनाए जाएंगे. इस मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गुजरात के राज्यपाल और मुख्यमंत्री के साथ-साथ टाटा संस के अध्यक्ष एन. चंद्रशेखरन, Airbus के CCO Christian Scherer, टोरेंट ग्रुप के चेयरमैन समीर मेहता, सन फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज के प्रबंध निदेशक दिलीप सांघवी, आरपी-संजीव गोयनका ग्रुप के चेयरमैन संजीव गोयनका और बजाज ऑटो के नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर नीरज बजाज आदि उपस्थित थे.
घर में ही बनेंगे 40 विमान
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के अनुसार, गुजरात में स्थापित फैसिलिटी टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स और एयरबस डिफेंस एंड स्पेस SA, स्पेन के सहयोग से भारतीय वायु सेना (IAF) के लिए C-295 विमान का निर्माण करेगी. पीएमओ ने एक बयान में कहा है कि यह अपनी तरह की पहली परियोजना है जिसमें एक निजी कंपनी द्वारा भारत में सैन्य विमान का निर्माण किया जाएगा. परियोजना की कुल लागत 21,935 करोड़ रुपए है और इन विमानों का इस्तेमाल नागरिक उद्देश्यों के लिए भी किया जा सकता है. टाटा-एयरबस द्वारा कुल 40 विमान भारत में बनाए जाएंगे.
ऐसा है सी-295 एयरक्राफ्ट
सी-295 एयरक्राफ्ट सैन्य और राहत कामों के लिए भरोसेमंद विमान है. यह एक बार में 71 सैनिकों या फिर उपकरणों के साथ 50 पैराट्रूपर्स को ले जाने में सक्षम है. इसकी मदद से दुर्गम इलाकों में भी रसद पहुंचाई जा सकती है. सी-295 हर प्रकार के मौसम में दिन हो या रात आसानी से उड़ान भर सकता है. कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि भारत 'मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड' के मंत्र के साथ तेजी से आगे बढ़ रहा है. हमारा लक्ष्य 2025 तक अपने रक्षा विनिर्माण को 25 बिलियन डॉलर से अधिक करना है, हमारा रक्षा निर्यात 5 बिलियन डॉलर से अधिक होगा.
रक्षामंत्री ने बताया, क्या है लक्ष्य
वहीं, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यह मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी आत्मनिर्भर भारत अभियान की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी. उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य सेना की ज़रूरतों को घरेलू निर्माताओं से पूरा करना है और भारत को एक बड़ा डिफेंस एक्सपोर्टर बनाना है. टाटा संस के अध्यक्ष एन चंद्रशेखरन ने कहा कि यह न केवल टाटा ग्रुप के लिए बल्कि देश के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है. यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'आत्मनिर्भर' होने के सपने का सही मायने में सच होना है.
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