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पारस डिफेंस को BEL से ₹45.32 करोड़ का ऑर्डर, भारत की वायु सुरक्षा को मिलेगी मजबूती
पारस डिफेंस और बीईएल का यह सहयोग भारत की रक्षा उद्योग में आत्मनिर्भरता को और मजबूत करेगा और देश को एक आधुनिक, बहु-स्तरीय और सक्षम एयर डिफेंस नेटवर्क की ओर अग्रसर करेगा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 10 months ago
डिफेंस और स्पेस इंजीनियरिंग के क्षेत्र में अग्रणी कंपनी पारस डिफेंस एंड स्पेस टेक्नोलॉजीज लिमिटेड (Paras Defence and Space Technologies Limited) को भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) से लगभग ₹45.32 करोड़ (कर सहित) का महत्वपूर्ण आदेश मिला है. यह ठेका सिग्नल और डेटा प्रोसेसिंग सिस्टम्स तथा मल्टी-सेंसर फ्यूजन सिस्टम्स की आपूर्ति का है, जो भारत के एयर डिफेंस क्षेत्र को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे. यह सिस्टम 29 महीनों के अंदर या उससे पहले डिलीवर किए जाएंगे.
पारस डिफेंस का बयान
पारस डिफेंस एंड स्पेस टेक्नोलॉजीज के मैनेजिंग डायरेक्टर, मुनजल शरद शाह ने कहा, “यह आदेश हमारे तकनीकी कौशल और भारत की रणनीतिक आवश्यकताओं के अनुरूप उन्नत रक्षा समाधान प्रदान करने की हमारी क्षमता को दर्शाता है. बीईएल के साथ मिलकर काम करते हुए हम देश की एयर डिफेंस संरचना को मजबूत बनाने में अपना योगदान जारी रखेंगे.”
एयर डिफेंस का महत्व
आधुनिक सैन्य तकनीक के तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्र में एयर डिफेंस एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है. मल्टी-लेयर्ड सर्विलांस, तेज प्रतिक्रिया तंत्र और एआई-संचालित सेंसर सिस्टम्स के एकीकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. वैश्विक सुरक्षा चिंताओं के बढ़ने और देशी प्रणालियों की मांग के बीच, पारस डिफेंस जैसी कंपनियां आत्मनिर्भर और अत्याधुनिक समाधान प्रदान करने में अहम भूमिका निभा रही हैं.
सिस्टम की विशेषताएँ
यह आदेश प्राप्त सिस्टम सिग्नल प्रोसेसिंग और मल्टी-सेंसर फ्यूजन को जोड़ते हुए स्थिति जागरूकता, खतरा पहचान और रियल-टाइम निर्णय समर्थन प्रदान करेंगे. इससे भारत की जटिल एयर डिफेंस परिस्थितियों में तत्परता और मजबूती बढ़ेगी.
रक्षा क्षेत्र में प्रगति
यह आदेश ऐसे समय आया है जब ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत का रक्षा क्षेत्र अभूतपूर्व प्रगति कर रहा है. वित्तीय वर्ष 2024-25 में रक्षा उत्पादन ₹1.50 ट्रिलियन के उच्चतम स्तर पर पहुंचा, जिसमें निजी क्षेत्र का योगदान 27% की बढ़ोतरी के साथ लगभग ₹34,000 करोड़ रहा. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने निजी उद्योग को रक्षा निर्माण क्षेत्र में नेतृत्व लेने की चुनौती दी है और निजी भागीदारी को तेज़ करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं.
पारस डिफेंस की भूमिका
पारस डिफेंस ने रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑप्टिक्स और महत्वपूर्ण इंजीनियरिंग में देशी क्षमताओं के विकास में निरंतर निवेश किया है. कंपनी के बढ़ते अनुबंधों की श्रृंखला, खासकर एयर डिफेंस, एवियोनिक्स और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम्स में, इसे भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता के मिशन में एक प्रमुख समाधान प्रदाता के रूप में स्थापित करती है.
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