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परेशानियों में घिरी ये कंपनी उठाने जा रही है बड़ा कदम, कर्मचारियों पर होगा सीधा असर
जानी-मानी टेक्नोलॉजी फर्म अपनी वर्कफोर्स में कटौती करने जा रही है. कंपनी अपने कामकाजी खर्च में कटौती के लिए ये कदम उठाएगी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
मंदी की आहट के बीच वैश्विक स्तर पर छंटनी हो रही है. हर रोज किसी न किसी कंपनी से ऐसी खबर सुनने को मिल जाती है. इस लिस्ट में अब जानी-मानी टेक्नोलॉजी फर्म फिलिप्स (Philips) का नाम भी जुड़ने जा रहा है. कंपनी अपना कामकाजी खर्च घटाने के लिहाज से अपने स्टाफ की संख्या में कमी करने वाली है. एक अनुमान के मुताबिक, इस कदम से कंपनी को करीब 30 करोड़ डॉलर की बचत होगी.
4000 की जाएगी नौकरी
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, Philips अपनी वर्कफ़ोर्स में 4000 कर्मचारियों की कमी कर सकती है. जिससे आने वाली तिमाही में उसके कामकाजी खर्च में 30 करोड़ डॉलर की कमी आ सकती है. फिलिप्स के कारोबार में रीस्ट्रक्चरिंग ऐसे समय हो रही है जब नए चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर के रूप में रॉय जैकब्स ने अपना कामकाज संभाला है. कंपनी के पिछले चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर 12 साल से इस पद पर बने हुए थे.
कंपनी की बिक्री हुई प्रभावित
फिलिप्स को कई मोर्चों पर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. इस वजह से तीसरी तिमाही में उसकी बिक्री प्रभावित हुई है. 12 अक्टूबर को कंपनी द्वारा दिए गए अपडेट के अनुसार उसकी कुल सेल 5 फीसदी की गिरावट के साथ 4.3 अरब यूरो रही. रॉय जैकब्स का कहना है कि उनकी पहली प्राथमिकता कंपनी को के बेहतर स्थिति में लाना है और इसके लिए कामकाजी खर्च में कटौती करनी होगी.
80 हजार से ज्यादा कर्मचारी
Koninklijke Philips N.V जिसे आमतौर पर फिलिप्स के नाम से जाना जाता है कि एक मल्टीनेशनल कंपनी है. इसकी स्थापना 1891 में हुई थी. 2020 की एक रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी में कुल 81,595 कर्मचारी काम करते हैं. फिलिप्स इंडिया में भी बड़ी संख्या में कर्मचारी हैं. अभी ये साफ नहीं है कि छंटनी की गाज भारतीय कर्मचारियों पर भी गिरेगी या नहीं. गौरतलब है कि अब तक कई कंपनियां अपने कर्मचारियों को नौकरी से निकाल चुकी हैं. खर्चों में कटौती के नाम पर आने वाले वक्त में हजारों कर्मचारियों की नौकरी जाने की आशंका वक्त की जा रही है.
कई तरह की परेशानियां
चीन में COVID स्थिति और रूस-यूक्रेन युद्ध के चलते फिलिप्स पहले से ही तमाम तरह की परेशानियों का सामना कर रही थी और Sleep Apnea Device ने उसकी परेशानियों में इजाफा कर दिया है. कंपनी को अपनी ये डिवाइस बाजार से वापस मंगानी पड़ रही है. दरअसल, एक रिपोर्ट के अनुसार, आरोप है कि फिलिप्स के वेंटीलेटर्स की वजह से मरीजों को कैंसर का खतरा पैदा हो गया है. हालांकि, कंपनी ने इससे इनकार किया है. इस मामले को लेकर कंपनियों आर्थिक नुकसान के साथ-साथ मुकदमेबाजी का भी सामना करना पड़ा.
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