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जिस प्लास्टिक के नुकसान पर होती है चर्चा, उसका इकॉनमी में है इतना योगदान
MSME मंत्री नारायण राणे के मुताबिक, देश में 60 प्रतिशत प्लास्टिक रीसायकल हो रही है, यह आंकड़ा विकसित देशों से भी ज्यादा है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
प्लास्टिक को एनवायरनमेंट के लिए कितना भी घातक क्यों न बताए जाए, लेकिन अर्थव्यवस्था में इसके योगदान से इनकार नहीं किया जा सकता. केंद्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) मंत्री नारायण राणे का कहना है कि प्लास्टिक उद्योग अर्थव्यवस्था का एक अभिन्न अंग है और भारत से लगभग 35,000 करोड़ रुपए का प्लास्टिक निर्यात किया जाता है. एक कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने बताया कि वर्तमान में, लगभग 50,000 इंडस्ट्रीज प्लास्टिक सेक्टर में काम कर रहीं हैं और इनमें से अधिकांश सूक्ष्म, लघु और मध्यम स्तर की हैं.
60% होती है रीसायकल
नारायण राणे ने कहा कि ये इंडस्ट्रीज देश की अर्थव्यवस्था में 3.5 लाख करोड़ रुपए का योगदान देती हैं और इनसे बड़े पैमाने पर लोगों को रोजगार मिला हुआ है. राणे के मुताबिक, देश में 60 प्रतिशत प्लास्टिक रीसायकल हो रही है, यह आंकड़ा विकसित देशों से भी ज्यादा है. सरकार की 'मेक इन इंडिया', 'स्किल इंडिया', 'स्वच्छ भारत' और 'डिजिटल इंडिया' पहल से प्लास्टिक का उत्पादन बढ़ रहा है.
इतना बढ़ जाएगा कारोबार
केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि 2027 तक प्लास्टिक उद्योग का सालाना कारोबार 10 लाख करोड़ रुपए होने की उम्मीद है, जिसमें निर्यात बढ़कर दो लाख टन हो जाएगा. राणे ने यह भी कहा कि इस सेक्टर के माध्यम से अगले पांच वर्षों में एक करोड़ लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे.
सहयोग के लिए सरकार प्रतिबद्ध
MSME ने कहा कि सरकार प्लास्टिक इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए लेटेस्ट टेक्नोलॉजी के विकास में हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने आगे कहा कि प्लास्टिक उद्योग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'आत्मनिर्भर भारत' के सपने को पूरा करने में महत्वपूर्ण योगदान देगा.
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