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Meta से खाली हाथ नहीं गए छंटनी की जद में आए कर्मचारी, जुकरबर्ग ने बताया क्या दिया 

मार्क जुकरबर्ग ने छंटनी की मजबूरियों के बारे में बात करते हुए यह भी बताया कि नौकरी से निकाले गए कर्मचारियों को कितना पैसा दिया जा रहा है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

ट्विटर के बाद फेसबुक से भी बड़े पैमाने पर छंटनी हो चुकी है. मार्क जुकरबर्ग ने 11 हजार से अधिक कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है. मार्क ने छंटनी को कठिन फैसला बताते हुए कर्मचारियों के लिए एक इमोशनल मैसेज भी लिखा है. फेसबुक की पैरेंट कंपनी Meta के सीईओ ने कहा कि मैं इन फैसलों और हम यहां कैसे पहुंचे, इसके लिए जवाबदेही लेना चाहता हूं. मुझे पता है कि यह सभी के लिए कठिन दौर है, और मुझे विशेष रूप से प्रभावित लोगों के लिए खेद है. उन्होंने आगे का कि हम विवेकाधीन खर्च में कटौती करके और Q1 के माध्यम से अपनी हायरिंग फ्रीज को बढ़ाकर एक लीन और अधिक कुशल कंपनी बनने के लिए कई अतिरिक्त कदम उठा रहे हैं. 

हेल्थकेयर खर्चा उठाएगी कंपनी
अपने मैसेज में जुकरबर्ग ने छंटनी की मजबूरियों के बारे में बताते हुए यह बताया कि नौकरी से निकाले गए कर्मचारियों को कितना पैसा दिया जा रहा है. जिन कर्मचारियों का नाम छंटनी के लिस्ट में है, उन्हें 4 महीने की अतिरिक्त सैलरी दी जा रही है. इसके साथ ही कंपनी निकाले गए स्टाफ और उनके परिवार के लिए अगले छह महीने तक हेल्थकेयर पर होने वाला खर्चा उठाएगी. साथ ही एक्सटर्नल वेंडर के साथ तीन महीने का करियर सपोर्ट भी प्रदान किया जाएगा. जुकरबर्ग ने यह भी बताया कि कंपनी छंटनी की जद में आए कर्मचारियों को आवश्यकता अनुसार इमिग्रेशन सपोर्ट भी उपलब्ध कराया जाएगा. कंपनी सभी शेष PTO टाइम के लिए भुगतान करेगी और प्रभावित कर्मचारियों को 15 नवंबर, 2022 का RSU vesting भी प्रदान किया जाएगा.  

US से बाहर भी करेंगे मदद
मार्क जुकरबर्ग ने अपने संदेश में कहा है कि अमेरिका से बाहर जिन कर्मचारियों को नौकरी से निकाला गया है, उन्हें स्थानीय रोजगार कानून के मुताबिक  सभी तरह की सहायता प्रदान की जाएगी. जुकरबर्ग ने यह भी स्पष्ट किया है कि आने वाले समय में मेटा ज्यादा लोगों की भर्ती नहीं करेगी. उन्होंने कहा कि अगले साल हमारी केवल कुछ नई भर्तियां करने की ही योजना है. मार्क ने बताया कि कोविड की शुरुआत में दुनिया तेजी से ऑनलाइन हो गई और ई-कॉमर्स के बढ़ने से रिवेन्यु में वृद्धि हुई. कई लोगों ने भविष्यवाणी की थी कि यह एक स्थायी बढ़ोतरी होगी, जो महामारी के खत्म होने के बाद भी जारी रहेगी. मैंने भी इस पर भरोसा किया, इसलिए मैंने अपने निवेश में उल्लेखनीय वृद्धि की. लेकिन दुर्भाग्य से, यह मेरी अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा. बढ़ी हुई प्रतिस्पर्धा और विज्ञापन हानि के कारण हमारा राजस्व प्रभावित हुआ.  

'छंटनी कोई अच्छा तरीका नहीं'
मार्क जुकरबर्ग ने कहां कि छंटनी करना कोई अच्छा तरीका नहीं है, उन्हें मजबूरी के चलते यह फैसला लेना पड़ा है. बता दें कि छंटनी के तुरंत बाद Meta ने सभी निकाले गए कर्मचारियों के एक्सेस बंद कर दिए थे, ताकि कोई संवेदनशील डेटा लीक न हो जाए. हालांकि, उनके ऑफिशियल ईमेल कुछ समय तक काम करते रहे. ऐसा इसलिए कि निकाले गए कर्मचारी अपने भाव व्यक्त कर सकें. फेसबुक से पहले ट्विटर ने भी बड़े पैमाने पर छंटनी की है. 


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