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J&J का लाइसेंस रद्द करने के फैसले को महाराष्ट्र सरकार ने इसलिए ठहराया हाईकोर्ट में सही
महाराष्ट्र के खाद्य व औषधि प्रशासन (FDA) ने जॉनसन एंड जॉनसन प्राइवेट लिमिटेड के बेबी पाउडर का निर्माण लाइसेंस बीते सितंबर के महीने में रद्द कर दिया था.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
नई दिल्लीः महाराष्ट्र के खाद्य व औषधि प्रशासन (FDA) ने जॉनसन एंड जॉनसन (Johnson and Johnson Baby Powder) प्राइवेट लिमिटेड के बेबी पाउडर का निर्माण लाइसेंस बीते सितंबर के महीने में रद्द कर दिया था. एफडीए ने ऐसा सार्वजनिक स्वास्थ्य के व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए किया है. तब राज्य सरकार की एजेंसी ने कहा था कि कंपनी का उत्पाद जानसन बेबी पाउडर नवजात बच्चों की त्वचा को नुकसान पहुंचा सकता है. इस बात को एक बार फिर से महाराष्ट्र सरकार ने बॉम्बे हाईकोर्ट में दोहराते हुए कहा है कि लाइसेंस रद्द करना बिलकुल सही कदम है.
फेल हुए थे बेबी पाउडर के नमूने
प्रयोगशाला में जांच के दौरान बेबी पाउडर के नमूने फेल हो गए थे. पाउडर के नमूने मानक पीएच मान के अनुरूप नहीं पाए गए थे. एफडीए ने कहा है कि कोलकाता स्थित केंद्रीय औषधि प्रयोगशाला की रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई थी. प्रयोगशाला की रिपोर्ट में कहा गया था कि जॉनसन बेबी पाउडर का नमूना पीएच के परीक्षण के संबंध में आइएस 5339:2004 के अनुरूप नहीं मिला है. एफडीए ने पाउडर की गुणवत्ता की जांच के लिए पुणे और नासिक से नमूने एकत्र किए थे.
सरकार के आदेश के खिलाफ कंपनी गई थी हाईकोर्ट
सरकार के लाइसेंस कैंसिल करने के आदेश के खिलाफ कंपनी ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. वहां सरकार ने बॉम्बे हाईकोर्ट को बताया कि उसने उपभोक्ताओं के कल्याण और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उपनगरीय मुलुंड में अपने संयंत्र में बेबी पाउडर बनाने के लिए जॉनसन एंड जॉनसन प्राइवेट लिमिटेड (जेएंडजे) का लाइसेंस रद्द कर दिया था. सरकार ने दो-न्यायाधीशों की पीठ के समक्ष एक हलफनामा प्रस्तुत किया, जो बहु-राष्ट्रीय कंपनी द्वारा दायर एक याचिका के जवाब में प्रस्तुत किया गया था. हलफनामे में सरकार ने कहा कि यदि वे ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट और लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए बनाए गए नियमों के वैधानिक प्रावधानों को लागू करने में विफल रहे तो यह उनकी ओर से एक बड़ी विफलता होगी.
याचिकाकर्ता (जे एंड जे) की नैतिक जिम्मेदारियों के अलावा यह वैधानिक कर्तव्य है कि वह ऐसे उत्पाद का निर्माण और आपूर्ति करे जो इस मामले में उपभोक्ताओं, विशेष रूप से शिशु शिशुओं के लिए बिल्कुल सुरक्षित हो.
पीएच नहीं करता उपभोक्ता का स्वास्थ्यः कंपनी
हलफनामे के अनुसार, प्रयोगशाला परीक्षण के लिए भेजे गए नमूने मानक गुणवत्ता के नहीं थे क्योंकि पीएच मान 8.42 था. हलफनामे में जॉनसन एंड जॉनसन के दावों का खंडन किया गया कि पीएच मान उपभोक्ता के स्वास्थ्य को प्रभावित नहीं करता है. एफडीए अधिकारियों द्वारा कार्रवाई बड़े पैमाने पर सार्वजनिक स्वास्थ्य के मद्देनजर की जाती है, और जब बड़े पैमाने पर सार्वजनिक स्वास्थ्य की बात आती है तो कुछ और मायने नहीं रखता है.
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