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Johnson & Johnson ने बेच दिया भारत में अपना सबसे बड़ा प्लांट, इस वजह से लिया ये फैसला
विश्व की प्रमुख बेबीकेयर उत्पादक कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन ने भारत में अपने सबसे बड़े प्लांट को बहुत कम कीमत पर बेच दिया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
नई दिल्लीः विश्व की प्रमुख बेबीकेयर उत्पादक कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन ने भारत में अपने सबसे बड़े प्लांट को बहुत कम कीमत पर बेच दिया है. कंपनी का कहना है बिक्री घटने की वजह से उसने यह कदम उठाया है. गौरतलब है कि कंपनी के उत्पादों की मांग दुनियाभर में घट रही है और कंपनी ने ऐलान भी किया है वो अगले दो सालों में अपने टेलकम बेबी पाउडर का निर्माण भी बंद कर देगी.
इस कंपनी ने किया प्लांट का अधिग्रहण
फार्मास्युटिकल्स फर्म हेटेरो ने सोमवार को कहा कि उसने तेलंगाना के पेनजेरला में जॉनसन एंड जॉनसन के विनिर्माण संयंत्र का अधिग्रहण कर लिया है और इसके उन्नयन पर अतिरिक्त 600 करोड़ रुपये का निवेश करेगी. सूत्रों के मुताबिक कंपनी ने 130 करोड़ रुपये में प्लांट का अधिग्रहण किया है. कंपनी ने एक बयान में कहा कि यह सुविधा 55.27 एकड़ में फैली हुई है और हेटेरो की प्रमुख स्टेराइल फार्मास्युटिकल और बायोलॉजिक्स निर्माण इकाई होगी और 2,000 नई नौकरियां पैदा करेगी.
हेटेरो के प्रबंध निदेशक वामसी कृष्णा बांदी ने कहा, "हम साइट पर मौजूदा सुविधाओं को अपग्रेड करने और बढ़ाने और हमारे वैश्विक बायोलॉजिक्स और स्टेराइल फार्मास्युटिकल उत्पादों के निर्माण का विस्तार करने के लिए 75 मिलियन अमेरीकी डॉलर, (लगभग 600 करोड़ रुपये) से ऊपर के निवेश के लिए प्रतिबद्ध हैं."
हेटेरो ने कहा कि भूमि, संयंत्र और मशीनरी के साथ ब्राउनफील्ड निर्माण सुविधा को जॉनसन एंड जॉनसन प्राइवेट लिमिटेड से वित्तीय विवरण का खुलासा किए बिना मंदी की बिक्री में अधिग्रहित किया गया है. बयान में कहा गया है कि पीडब्ल्यूसी ने कंपनी के विशेष वित्तीय सलाहकार के रूप में काम किया.
टैल्कम की जगह इससे बनाएगी पाउडर
कंपनी ने कहा कि वह दुनियाभर में टैल्क बेस्ड बेबी पाउडर की बजाए कॉर्नस्टार्च बेस्ड बेबी पाउडर बेचेगी. कंपनी ने यह फैसला इसलिए किया है क्योंकि आरोप है कि दुनिया भर में उसके टैल्कम पाउडर में कैंसर कारक एस्बेस्टस का प्रयोग किया जाता है. कई महिलाओं ने हजारों मुकदमें दायर कर रखे हैं, जिनको ओवरियन कैंसर का शिकार होना पड़ा था. बता दें कि कंपनी के खिलाफ करीब 38,000 से अधिक मामले चल रहे हैं.
कंपनी ने कहा था कि पाउडर सुरक्षित है
कंपनी ने अपने स्टेटमेंट को दोहराया है कि दशकों के स्वतंत्र शोध से पता चलता है कि उत्पाद उपयोग करने के लिए सुरक्षित है. उस समय J&J ने अपनी स्थिति दोहराई कि इसका बेबी पाउडर उपयोग करने के लिए सुरक्षित है. कंपनी ने एक बयान जारी करते हुए कहा है "हमारे कॉस्मेटिक टैल्क की सुरक्षा पर हमारी स्थिति अपरिवर्तित बनी हुई है. हम दुनिया भर के चिकित्सा विशेषज्ञों द्वारा दशकों के स्वतंत्र वैज्ञानिक विश्लेषण के पीछे मजबूती से खड़े हैं जो पुष्टि करता है कि टैल्क-आधारित जॉनसन का बेबी पाउडर सुरक्षित है, इसमें एस्बेस्टस नहीं है, और यह कैंसर का कारण नहीं बनता है."
2020 में बंद कर दी थी यूएस और कनाडा में बिक्री
2020 में कंपनी ने अपने टैल्कम पाउडर की बिक्री यूएसए और कनाडा में बंद कर दी थी. उस समय फर्म ने कहा था कि वह यूके और बाकी दुनिया में अपने टैल्क-आधारित बेबी पाउडर की बिक्री जारी रखेगी.जॉनसन का बेबी पाउडर लगभग 130 वर्षों से बेचा जा रहा है. बेबी पाउडर का उपयोग नैपी रैश को रोकने और कॉस्मेटिक उपयोग के लिए किया जाता है, जिसमें ड्राई शैम्पू भी शामिल है.
अमेरिकन रेग्युलेटर्स ने भी दावा किया था कि उन्हें कंपनी के बेबी पाउडर में कैंसर (Cancer) पैदा करने वाले तत्व मिले हैं. हालांकि, कंपनी ने इन आरोपों का खंडन किया था. कंपनी ने कहा था कि उसने उत्तरी अमेरिका में बिक्री में गिरावट के चलते उस प्रोडक्ट को हटाया था.जॉनसन एंड जॉनसन पहले ही दुनियाभर में मुकदमा करने वालों को अरबों डॉलर का मुआवजा दे चुकी है.
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