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फिर मुश्किल में Jet Airways: टेक ऑफ हुआ नहीं और विमान छिनने की नौबत आ गई
जेट एयरवेज अब तक संचालन शुरू नहीं कर पाई है, इस वजह से बैंकों को लगने लगा है कि उनका पैसा जल्द नहीं मिलने वाला.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
जेट एयरवेज को आसमान में फिर से उड़ान भरने की अनुमति कुछ महीने पहले ही मिल गई थी, लेकिन अब तक कंपनी ऑपरेशन शुरू नहीं कर पाई है. यही वजह है कि अब उसे कर्ज देने वाले बैंकों के सब्र का बांध टूटने लगा है. ये बैंक जेट एयरवेज के 11 विमानों को बेचने की योजना बना रहे हैं. यदि ऐसा होता है, तो कंपनी को बड़ा झटका लगेगा. कम विमानों के साथ उसके लिए इंडिगो, एयर इंडिया जैसे कंपनियों से मुकाबला करना आसान नहीं होगा.
पैसा मिलने की उम्मीद नहीं
मीडिया रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि चूंकि जेट एयरवेज की उड़ान शुरू नहीं हो पा रही हैं, बैंकों को अपना पैसा मिलने की उम्मीद नजर नहीं आ रही है. ऐसे में उनके पास कंपनी के विमान बेचकर वसूली के सिवा कोई रास्ता नहीं है. लिहाजा, माना जा रहा है कि जल्द ही इस संबंध में कोई फैसला लिया जा सकता है. बैंकों का कहना है कि जालान-कार्लोक कंसोर्सियम रिजोल्यूशन प्लान को करीब दो साल हो चुके हैं, लेकिन अब तक कंपनी उनका पैसा चुकाने में नाकाम रही है.
घट रही है विमानों की वैल्यू
बैंकों के कब्जे में जेट एयरवेज के फिलहाल 11 विमान हैं, जिनकी वैल्यू दिन ब दिन कम होती जा रही है. ऐसे में बैंक ज्यादा देर तक रुकने के मूड में नहीं हैं, उन्हें लगता है कि विमानों को बेचकर पैसों की वसूली की जा साथी है. उन्हें आशंका है कि जेट एयरवेज की उड़ानों में अभी काफी समय लग सकता है. यदि वह स्थिति सामान्य होने की उम्मीद करते हैं, तो विमानों की वैल्यू और कम हो जाएगी और उन्हें जितना मिलने की उम्मीद है, उनके हाथ उससे भी कम आएगा. यानी उन्हें घाटा उठाना पड़ेगा, इसलिए वह विमानों को बेचना चाहते हैं.
2020 में मिली थी मंजूरी
बैंकों ने अक्टूबर 2020 में जेट एयरवेज के रिजोल्यूशन प्लान को मंजूरी दी थी, इसके बाद नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने जून 2021 में इस पर सहमति जता दी थी. उसके बाद से कंपनी की कमान लंदन के कालरॉक कैपिटल और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के निवेशक मुरारी लाल जालान वाली कंसोर्टियम के हाथों में आ गई थी. तब उम्मीद जताई गई थी कि जेट एयरवेज के नए मालिक कंपनी को जल्द ही बेहतर स्थिति में ला सकते हैं. हालांकि, अब तक जेट के विमान आसमान में उड़ान नहीं भर पाए हैं. बताया जा रहा है कि बैंकों को जेट एयरवेज के 11 विमान खरीदने के लिए 5-6 कंपनियों से बोली मिली है.
कौन हैं नए मालिक?
बता दें कि जेट एयरवेज की स्थापना नरेश गोयल ने की थी. एक जमाने में जेट की तूती बोलती थी, लेकिन धीरे-धीरे कंपनी मुनाफे से घाटे में जाती रही और फिर बंद हो गई. अब ब्रिटेन की कालरॉक कैपिटल (Kalrock Capital) और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के इन्वेस्टर मुरारी लाल जालान (Murari Lal Jalan) वाली कंसोर्टियम जेट एयरवेज (Jet Airways) की नई मालिक बन गई है. मुरारी लाल जालान MJ डेवलपर्स कंपनी के मालिक हैं. उन्होंने परिवार के पेपर बिजनेस से शुरुआत की थी. UAE के साथ ही भारत, रूस और उज्बेकिस्तान सहित कई देशों में उन्होंने इन्वेस्ट किया हुआ है. हालांकि, एविएशन सेक्टर में ये उनका पहला अनुभव है.
टेस्ला की शुरुआत निवेशक
कालरॉक कैपिटल की बात करें, तो यह फाइनेंशियल एडवाइजर के साथ-साथ अल्टरनेटिव एसेट मैनेजमेंट से जुड़ा कारोबार करती है. कालरॉक कैपिटल मुख्य तौर पर रियल एस्टेट और वेंचर कैपिटल से जुड़ी है. कंपनी टेस्ला के शुरुआती निवेशकों में एक रही है. इसके अलावा कंपनी ने ऑल माय होम्स, बियॉन्ड लिमिट्स, बायोटेस्ट और डिलिवरी हीरो जैसी कंपनियों में निवेश किया है. कालरॉक कैपिटल को उम्मीद है कि जेट एयरवेज के साथ वह एविएशन सेक्टर पर पकड़ बना सकती है.
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