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इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश ₹4 लाख करोड़ के पार, लेकिन NFO से दूरी बना रहे निवेशक
बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों का भरोसा पुरानी और बेहतर प्रदर्शन करने वाली योजनाओं पर बढ़ा, 2026 की पहली छमाही में नए फंड ऑफर का योगदान छह साल के निचले स्तर पर पहुंचा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 day ago
साल 2026 की पहली छमाही में इक्विटी म्यूचुअल फंड योजनाओं में निवेश का प्रवाह मजबूत बना रहा. निवेशकों ने बाजार में जारी उतार-चढ़ाव के बावजूद इक्विटी फंड्स में जमकर पैसा लगाया, जिससे कुल सकल निवेश ₹4 लाख करोड़ के पार पहुंच गया. हालांकि, नए फंड ऑफर (NFO) को लेकर निवेशकों का उत्साह कमजोर रहा और इनसे जुटाई गई रकम छह साल के निचले स्तर पर आ गई.
आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी से जून 2026 के दौरान ऐक्टिव इक्विटी म्यूचुअल फंड योजनाओं में कुल ₹4.07 लाख करोड़ का निवेश आया. यह आंकड़ा 2024 की दूसरी छमाही में दर्ज किए गए रिकॉर्ड ₹4.34 लाख करोड़ के निवेश के काफी करीब रहा. यह दूसरी बार है जब किसी छह महीने की अवधि में इक्विटी फंड्स में निवेश ₹4 लाख करोड़ के पार पहुंचा है.
SIP और एकमुश्त निवेश ने संभाला मोर्चा
इक्विटी फंड्स में निवेश की मजबूती के पीछे लगातार बढ़ता सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) योगदान और मौजूदा योजनाओं में हुआ बड़ा एकमुश्त निवेश प्रमुख कारण रहे. इन दोनों ने NFO से आने वाले निवेश में आई गिरावट की भरपाई कर दी.
2026 की पहली छमाही में NFO के जरिए सिर्फ ₹7,092 करोड़ जुटाए गए, जबकि 2025 की दूसरी छमाही में यह आंकड़ा ₹22,026 करोड़ और 2024 की दूसरी छमाही में ₹53,000 करोड़ से अधिक था.
इसके चलते कुल ऐक्टिव इक्विटी निवेश में NFO की हिस्सेदारी घटकर केवल 1.7 फीसदी रह गई, जो पिछले कम से कम छह वर्षों में सबसे निचला स्तर है.
निवेशकों ने थीमैटिक फंड के बजाय भरोसेमंद योजनाओं को चुना
फंड उद्योग के विशेषज्ञों का कहना है कि 2026 में निवेशकों ने नई और जोखिम भरी थीमैटिक या सेक्टोरल योजनाओं के बजाय पहले से स्थापित और विविधीकृत फंड्स को प्राथमिकता दी. निवेश का प्रवाह लगातार बना हुआ है, लेकिन अब ज्यादा पैसा मौजूदा योजनाओं में जा रहा है. 2023 और 2024 में लॉन्च हुए कई सेक्टोरल और थीमैटिक NFO उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए, जबकि फ्लेक्सीकैप, मल्टीकैप और मिडकैप जैसी विविधीकृत योजनाओं ने बेहतर प्रदर्शन किया है.
फ्लेक्सीकैप, स्मॉलकैप और मिडकैप फंड में सबसे ज्यादा निवेश
2026 की पहली छमाही में फ्लेक्सीकैप, स्मॉलकैप और मिडकैप फंड निवेशकों की पसंद बने रहे. इन तीनों श्रेणियों ने मिलकर करीब ₹1.8 लाख करोड़ के कुल शुद्ध इक्विटी निवेश में लगभग 60 फीसदी हिस्सेदारी हासिल की. वहीं, मौजूदा योजनाओं में एकमुश्त निवेश बढ़ने से भी इक्विटी फंड्स में कुल निवेश को मजबूती मिली.
एकमुश्त निवेश ₹2.5 लाख करोड़ तक पहुंचा
SIP, एकमुश्त निवेश और NFO के जरिए इक्विटी फंड्स में आए कुल निवेश के विश्लेषण से पता चलता है कि 2026 की पहली छमाही में अनुमानित एकमुश्त निवेश बढ़कर ₹2.5 लाख करोड़ हो गया. यह किसी भी छह महीने की अवधि के लिए दूसरा सबसे बड़ा आंकड़ा है. इससे पहले 2024 की दूसरी छमाही में एकमुश्त निवेश ₹2.6 लाख करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा था.
वहीं, 2026 की पहली छमाही में शुद्ध इक्विटी निवेश करीब ₹1.8 लाख करोड़ रहा, जो पिछली छह महीने की अवधि के मुकाबले लगभग 5 फीसदी कम है. बावजूद इसके, निवेशकों का भरोसा इक्विटी म्यूचुअल फंड बाजार में कायम रहा है.
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