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ब्रैंड्स के लिए कैसा रहा ये साल, एक्सपर्ट्स का 2022 पर ये रहा नजरिया
वर्ष 2022 को लेकर हर विशेषज्ञ की अपनी-अपनी राय है. कुछ मानते हैं कि ये साल किसी सेक्टर के लिए अच्छा रहा तो कुछ मानते हैं कि डिजिटल की दुनिया के लिए बेहतर रहा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
साल 2022 अब अपने अंतिम दौर में प्रवेश कर गया है. ऐसे में इस साल का आंकलन होने लगा है कि 2022 मार्केट और मीडिया वर्ल्ड के लिए आखिर कैसा रहा. कई जानकार मानते हैं कि कोविड-19 के बाद साल 2022 ऐसा पहला साल है, जिसमें उपभोक्ताओं की भावनाएं एक बार फिर से बाजार की तरफ देखने को मिली है. इस साल में कई ब्रैंड्स की परफॉर्मेंस एक बार फिर प्री कोविड-19 की तरह नजर आई हैं, जिसमें उनकी मार्केट स्ट्रैटजी भी शामिल है. इस साल में सभी ब्रैंड्स का मार्केट इनफ्लुएंसर की तरफ विश्वास एक बार फिर बढ़ता हुआ नजर आया है. इसी को लेकर हमने अलग-अलग इंडस्ट्रीज के कई प्रमुख लोगों से बातचीत की है और पता लगाया है कि आखिर उनकी नजर में 2022 कैसा रहा है. आइए जानते हैं क्या है उनकी राय.
डाबर इंडिया के मीडिया हेड राजीव दुबे बताते हैं कि दो साल के बाद 2022 की शुरुआत ओमीक्रॉन के साथ हुई जैसे ही बीमारी निपटी तो रूस और यूक्रेन के बीच हुए युद्ध ने हालात बदल दिए. हर तरफ महंगाई के चलते कई प्रोडक्ट की डिमांड में कमी आ गई. वहीं अगर व्यूवरशिप के मामले में देखें तो टीवी इंडस्ट्री के लिए यह साल नेगेटिव ही रहा. पिछले दो साल के मुकाबले अगर देखें तो टीवी के लिए वर्ष 2022 की स्थिति निराशाजनक ही रही. टीवी के लिए निराशाजनक रहने का मतलब यह है कि टीवी पर दिए जाने वाले विज्ञापन इस साल डिजिटल पर ज्यादा नजर आ रहे हैं, जिसके चलते उनके कारोबार में पिछले साल के मुकाबले 90% तक की ग्रोथ देखी गई. राजीव दुबे का मानना है कि इसके चलते डिजिटल बिजनेस अगले साल डबल डिजिट की ग्रोथ में पहुंच सकता है.
फैबइंडिया की ग्रुप हैड दीपाली पाठवा कहती हैं, 2022 का साल उन उपभोक्ताओं के लिए रहा है जो क्रिएटर हैं, कंटेंट मार्केटिंग से जुड़े हैं. उनके लिए ये साल पिछले कई वर्षों के मुकाबले इस साल से बेहतर रहा है. एडवरटाइजिंग और मार्केटिंग का कारोबार उपभोक्ताओं की आवश्यकताओं से ज्यादा जुड़ा हुआ नजर आ रहा है. इस साल कंपनियों ने मार्केटिंग ब्रैंडिंग और एडवरटाइजिंग के रास्ते को अपनाने की बजाय उपभोक्ताओं के अनुभव और उन्हें कंपनी के साथ जोड़ने पर ज्यादा फोकस नजर आया. पोस्ट कोविड के बाद आए 2022 में उपभोक्ताओं का व्यवहार और एटीट्यूड ब्रैंड्स की मार्केटिंग स्ट्रेटजी और उनके प्लान पर ज्यादा आकर्षित दिखाई दिया. मुझे लगता है कि पांच ऐसे हानिकारक बदलाव है, जिन्होंने कंज्यूमर के एटीट्यूड को बदला है, जिसमें पहला मोबाइल और डिजिटल शॉपिंग, दूसरा मार्केट लोकलाइजेशन होना, रिटेल सेक्टर का पर्सनलाइजेशन होना, पारंपरिक व्यापार का लाइव और कन्वरसेशनल होने जैसे फैक्टर प्रमुख रूप से शामिल हैं.
मनीष कृष्णमूर्ति बताते हैं कि ये साल ब्रैंड्स को पसंद करने वालों के लिए वापसी का साल रहा है. 2022 अगर देखा जाए तो ब्रैंड्स बिल्डिंग और स्टोरी टेलिंग के लिए एक तरह से वापसी का साल रहा है. कई ब्रैंड्स का बजट दो साल बाद एक बार फिर वापस आया है. 2022 में ब्रैंड्स ने सिर्फ सेलिब्रिटीज को ही इनडोर्स नहीं किया है, बल्कि विज्ञापन में दिखाई जाने वाले फाउंडर हो और कंज्यूमर की प्रवृत्ति को भी पसंद किया.. इस साल फोन पे, पेटीएम और जियो ने सोशल मीडिया के बड़े प्लेयर गूगल और फेसबुक को पीछे छोड़ दिया. वहीं व्हाट्सएप पर ग्राहकों के आने वाले मैसेजेस ने सबको हैरान किया है.
नवीन मुरली बताते हैं कि पिछले 2 साल गवाह रहे हैं कि किस तरीके से ऑनलाइन एडवरटाइजमेंट में ग्रोथ हुई है. पिछले दो सालों में कंटेंट इनफ्लुएंसर, शॉर्ट फॉर्मेट वीडियोस, पहले के पारंपरिक व्यापार से आगे नई सीमाओं से परे जाकर ग्रोथ की है. अगर मैं पेपरफ्राई ग्रुप की बात करूं तो इस साल हमने चैनल, टीवी, आउटडोर, डिजिटल ऑडियो स्ट्रीमिंग, प्लेटफॉर्म और दूसरे माध्यमों से उपभोक्ताओं के पास पहुंचने की कोशिश की है. हमारी 2022 की दिवाली का कैंपेन ‘Pepperfry Meme Superstars’ जिसमें करीना कपूर और सैफ अली खान शामिल रहे. ये अपनी तरह का पहला 360 डिग्री कैंपेन रहा, जिसके जरिए हमने ऑनलाइन और ऑफलाइन दुनिया से संबंध स्थापित करने की कोशिश की.
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