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डिजिटल कॉमर्स ने कैसे बदल दी दुनिया, BW इवेंट में एक्सपर्ट्स ने समझाया
BW बिजनेस वर्ल्ड के इवेंट में विभिन्न सेक्टर्स के एक्सपर्ट्स ने भाग लेकर अलग-अलग मुद्दों पर अपने विचार रखे.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
समय के साथ-साथ टेक्नोलॉजी तेजी से बदल रही है. टेक्नोलॉजी के चलते जो काम कल तक असंभव लगते थे, आज संभव हो गए हैं. 'BW Brand Mavericks Summit 2022' में टेक्नोलॉजी, आने ट्रेंड्स जैसे विषयों पर गंभीर चर्चा हुई. गुरुग्राम स्थित होटल 'द लीला' में आयोजित इस कार्यक्रम में अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़ीं हस्तियों ने शिरकत की.
पैनल डिस्कशन में इन्होंने की शिरकत
Trends in 2023 (What top trends will float in the Media, Marketing & Advertisement ecosystem?) टॉपिक पर हुए पैनल डिस्कशन में Just Dial के चीफ मार्केटिंग ऑफिसर प्रसून कुमार, Bajaj Allianz General Insurance के मार्केटिंग प्रमुख विक्रमजीत भयाना, AirAsia India के चीफ मार्केटिंग ऑफिसर Siddhartha Butalia और SAP Indian Subcontinent के VP और मार्केटिंग प्रमुख राहुल सिंह ने भाग लिया. मॉडरेटर की भूमिका Wavemaker India के चीफ कंटेंट ऑफिसर कार्तिक नागराजन ने निभाई.
मेटावर्स से शुरू हुई बात
कार्तिक नागराजन ने सबसे पहले मेटावर्स और वेब 3.0 से शुरुआत की, जिस पर सभी ने अपने विचार रखें. प्रसून कुमार ने कहा कि आने वाले समय में मेटावर्स मेनस्ट्रीम में होगा. वहीं, Siddhartha Butalia ने कहा कि पहले की तुलना में यदि आज को देखें तो काफी कुछ बदल गया है. आज लोगों के पास वर्चुअल असिस्टेंट हैं. आने वाला समय इससे कहीं ज्यादा एडवांस होगा. मेटावर्स निश्चित तौर पर मेनस्ट्रीम में होगा. बात को आगे बढ़ाते हुए विक्रमजीत भयाना ने कहा कि मेटावर्स की मदद से हम काफी कुछ कर सकते हैं. उदाहरण के तौर पर यदि मैं इंश्योरेंस सेक्टर की बात करूं तो, क्योंकि हमारे पास आपकी हेल्थ का रिकॉर्ड है, हम बता सकते हैं कि अगले कुछ सालों में आपके साथ क्या हो सकता है, कौन से फैक्टर आपको परेशान कर सकते हैं, कितनी सेविंग की ज़रूरत आपको पड़ सकती है.
डिजिटल कॉमर्स है रियलिटी
इसके बाद डिजिटल कॉमर्स पर बातचीत हुई. Just Dial के चीफ मार्केटिंग ऑफिसर प्रसून कुमार ने कहा कि डिजिटल कॉमर्स महज कांसेप्ट नहीं है, आज यह जीवन की रियलिटी है. ‘जस्ट डायल’ एक हाइपर लोकल प्लेटफ़ॉर्म है. हम SME, MSME, छोटी उद्यमी, सर्विस प्रोविडर, सेलर्स-रीसेलर्स के साथ काम कर रहे हैं. उनमें अपने व्यवसाय को डिजिटाइज्ड करने का उत्साह है, उन्हें डिजिटल से मिलने वाले अवसर साफ नजर आते हैं. कुमार ने आगे कहा कि हिमाचल का ‘आनंद मिष्ठान’ अपने प्रोडक्ट पैन इंडिया में बेचना चाहता है. उन्हें डिजिटल कैटलॉग चाहिए, वो बिज़नेस चलाने के पारंपरिक ढंग से आगे बढ़ना चाहते हैं. आज हर कोई MNC बन रहा है, पहले केवल बड़ी कंपनियां ही ऐसा सोच सकती थीं और ये सबकुछ डिजिटल कॉमर्स प्लेटफ़ॉर्म की वजह से ही संभव हो सका है.
ऐसे बदला इंश्योरेंस सेक्टर
Bajaj Allianz General Insurance के मार्केटिंग प्रमुख विक्रमजीत भयाना ने कहा कि जहां तक इंश्योरेंस सेक्टर की बात है, तो पहले हम पूरी तरह से एजेंट पर निर्भर थे. लेकिन आज डिजिटल कॉमर्स की वजह से बहुत कुछ बदल गया है. आज लोग अपने कार्ड स्वाइप करने, कांटेक्ट डिटेल साझा करने, वेबसाइट पर कार्ड डिटेलभरने में नहीं झिझकते. हेल्थ इंश्योरेंस के मामले में ज़रूर, लोग चाहते हैं कि आमने-सामने बैठकर सबकुछ समझें, लेकिन मोटर या साइबर इंश्योरेंस के मामले में उनका डिजिटल के इस्तेमाल पर ज्यादा जोर रहता है. हालांकि, डिजिटल कॉमर्स की एक खामी ये है कि आज कई एग्रीगेटर बाजार में मौजूद हैं, जो विभिन्न कंपनियों की पॉलिसी की तुलना करती हैं. ऐसे में कंपनियों रणनीति, प्राइसिंग में बदलाव करना पड़ता है. लेकिन ये भी सच्चाई है कि डिजिटल की वजह से ही कंपनियां ऐसे इलाकों तक भी पहुंच बना पाईं हैं, जहां उनके एजेंट नहीं हैं.
उदाहरण से समझाई बात
SAP Indian Subcontinent के VP और मार्केटिंग प्रमुख राहुल सिंह ने कहा कि डिजिटल युग के बावजूद काम करने के पुराने तरीके चलन में बने रहेंगे. उन्होंने कहा, ‘मैं उस ज़माने से हूं जब स्टोरी टेलिंग कोई आर्ट नहीं बल्कि जीवन का हिस्सा थी. मेरा मानना है कि मार्केटिंग आधा विज्ञान, आधी कला है. आप कह सकते हैं कि 80% मार्केटिंग परफॉरमेंस हैं, लेकिन बाकी में टेक्नोलॉजी की भूमिका अहम है. फिर भी मुझे लगता है कि फिजिकल एक्सपीरियंस लगातार मायने रखेगा. मैं एक उदाहरण के जरिए अपनी बात समझाना चाहता हूं. आज टेक्नोलॉजी, मेटावर्स के जरिए लाखों लोग घर बैठकर विंबलडन देख सकते हैं, लेकिन क्या ये स्टेडियम में मैच देखने की जगह ले सकता है? निश्चित तौर पर नहीं.
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