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यहां के घोड़े खच्चर वालों ने 6 महीने में कमाए 1 अरब रुपये, जानेंगे तो हैरान रह जाएंगे
इस बार बाबा की यात्रा से जुड़े सभी लोग मालामाल हो गए हैं. आलम ये है कि बाबा केदारनाथ में इस साल इतने श्रद्धालु पहुंचे कि यहां के घोड़े खच्चर वालों ने 100 करोड़ से ज्याादा की कमाई कर डाली.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
बाबा केदारनाथ के कपाट आज बंद हो गए हैं. अब बाबा केदार अपने शीत प्रवास पर रवाना हो चुके हैं. लेकिन इस बार बाबा की यात्रा से जुड़े सभी लोग मालामाल हो गए हैं. आलम ये है कि बाबा केदारनाथ में में इस साल इतने श्रद्धालु पहुंचे कि यहां के घोड़े- खच्चर वालों ने 100 करोड़ से ज्यादा की कमाई कर डाली. सरकार की ओर से जारी किए गए आंकड़े बता रहे हैं कि इस बार सिर्फ घोड़ा-खच्चर ही नहीं बल्कि हेलीकॉप्टर सेवा से लेकर जीएमवीएन गढवाल मंडल विकास निगम की कमाई भी करोड़ों को पार कर गई है.
अकेले घोड़ा-खच्चर वालों ने कमाए एक अरब से ज्यादा
सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार केदारनाथ धाम में इस बार घोड़े-खच्चर कारोबारियों ने क़रीब एक अरब 9 करोड़ 28लाख रुपए का रिकॉर्ड कारोबार किया है, जिससे सरकार को भी आठ करोड़ रुपए से ज्यादा की आमदनी हुई है. यात्रा सुगम बनाने के लिए प्रशासन ने 4302 घोड़ा मालिकों के 8664 घोड़े-खच्चरों को पंजीकृत किया था. इस सीजन में दिखे यात्रियों के उत्साह के चलते 5.34 लाख तीर्थयात्रियों ने घोड़े-खच्चरों की सवारी कर केदारनाथ धाम तक यात्रा की. अकेले यमुनोत्री धाम में घोड़े-खच्चरों वालों ने 21 करोड़ का कारोबार किया है.
हेलीकॉप्टर टिकट और डंडी-कंडी वालों ने भी की जमकर कमाई
बाबा केदारनाथ की कृपा सिर्फ घोड़े-खच्चर वालों पर नहीं पड़ी है, बल्कि बाबा की यात्रा से जुड़े हर व्यवसायी को बाबा का आशीर्वाद मिला है. अगर बात करें तो अकेले डंडी-कंडी वालों ने आठ लाख रुपए की कमाई की और हेली कंपनियों ने 75 करोड़ 40लाख रुपए का कारोबार किया. इधर सीतापुर और सोनप्रयाग पार्किंग से लगभग 75 लाख का राजस्व सरकार को प्राप्त हुआ. जबकि केदारनाथ और यमनोत्री में घोड़ा-खच्चर,हेली और डंडी-कंडी से 211 करोड़ का कारोबार हुआ है.
GMVNने भी कमा डाले 50 करोड़ से ज्यादा
गढ़वाल मंडल विकास निगम सरकार की वो ईकाई है जो यात्रा के लिए आने-जाने वाले यात्रियों को आवास की सुविधा मुहैया कराती है. सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार यात्राकाल में GMVN की आय भी ₹5 करोड़ के आंकड़े को पार करने की संभावना बताई गई है. पिछले सालों तक GMVN जहां आर्थिक नुक़सान झेल रहा था, इस साल अगस्त तक 40 करोड़ की आय कर चुका है. GMVNके प्रबंध निदेशक बंशीधर तिवारी ने बताया कि यह आँकड़ा 50 करोड़ के क़रीब जाने का अनुमान है. इसके अलावा चारधाम यात्रा से जुड़े टैक्सी व्यवसायों ने भी पिछले सालों की औसत आय से तीन गुना अधिक का कारोबार किया है.
चार धाम के लिए पहुंचे कितने यात्री
उत्तराखंड में चार धाम यात्रा यहां की अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा है. ये यात्रा भले ही छ: महीने चलती हो लेकिन इससे लाखों लोगों का रोजगार जुड़ा हुआ है. इस साल चार धाम की यात्रा के लिए रिकार्ड 46लाख यात्री उत्तराखंड पहुंचे. जो कि पिछले दो दशक में यह सबसे अधिक आँकड़ा है गढ़वाल वहीं अकेले श्री केदारनाथ धाम मे 15 लाख 36 हजार तीर्थ यात्रियों ने बाबा केदार के दर्शन किए.
मुख्यमंत्री ने जताई खुशी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चारधाम यात्रा के सफल संचालन को लेकर ख़ुशी जताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री जी के कहे अनुसार आने वाला दशक उत्तराखण्ड है उसकी शुरूआत आज से ही हो चुकी है. इस बार की चार धाम यात्रा बहुत उत्साह वर्धक रही है गढ़वाल प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिला है.
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