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Swiss Court में पहुंचा हिंदुजा परिवार का मामला, बैंकिंग एम्पायर भी जांच के दायरे में

मानव तस्करी  (human trafficking) के लिए दोषी पाए जाने पर प्रकाश हिंदुजा परिवार (Hinduja Family) को 5 साल तक की जेल की सजा हो सकती है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

स्विट्जरलैंड (Switzerlank) के जिनेवा (Geneva) की एक कोर्ट ने अरबपति प्रकाश और उनकी पत्नी कमल हिंदुजा, उनके बेटे अजय और बेटे की पत्नी नम्रता के खिलाफ मानव तस्करी से जुड़े आपराधिक आरोपों पर सुनवाई शुरू कर दी है. इस सप्ताह मामले की सुनवाई समाप्त हो सकती है, ऐसे में दोषी पाए जाने पर हिंदुजा परिवार के सदस्यों को 5 साल तक की जेल का सामना करना पड़ सकता है. 

परिवार पर ये आरोप
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार हिंदुजा परिवार पर जिनेवा झील पर अपने विला में घरेलू कर्मचारियों का शोषण करने, 15 से 18 घंटे तक के कार्य दिवसों के लिए कम से कम 8 डॉलर का भुगतान करने और उनके लिए काम करने वालों के पासपोर्ट जब्त करने का आरोप है. 

अजय हिंदुजा पर ये भी है आरोप 
इसके अलावा अजय हिंदुजा को हिंदुजा बैंक के संबंध में भी आपराधिक कार्यवाही का सामना करना पड़ रहा है, जिसकी क्रॉस होल्डिंग्स के माध्यम से भारत के इंडसइंड बैंक में हिस्सेदारी है. इंडसइंड बैंक को इंडसइंड इंटरनेशनल होल्डिंग्स लिमिटेड (IIHL) द्वारा प्रवर्तित (Promoted) किया जाता है, जो मॉरीशस में स्थित है. इसके 600 छिपे हुए शेयरधारक हैं, जो भारत में पब्लिक और अथॉरिटीज के लिए अज्ञात हैं.  संभावना है कि स्विट्जरलैंड स्थित हिंदुजा बैंक मॉरीशस होल्डिंग कंपनी के शेयरधारकों में से एक है.

कर्मचारियों को अवैध रूप से काम करने के लिए किया मजबूर 

मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार हिंदुजा परिवार के विला में काम करने वाले कर्मचारियों के साथ मामला सुलझाने के बाद कोर्ट में यह मुकदमा शुरू हुआ. समझौते के विवरण का खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन नागरिक मुकदमा दायर होने के 6 साल बाद बीते शुक्रवार को दोनों पक्षों के बीच एक समझौता हुआ, जिसमें आरोप है कि उन्होंने चाइल्ड केयर वर्कर सहित अपने कर्मचारियों को लोकल मजदूरी का एक अंश भुगतान किया और उन्हें लंबे समय तक अवैध रूप से काम करने के लिए मजबूर किया. 

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कर्मचारियों के पासपोर्ट जब्त किए
ये आपराधिक आरोप इस दावे पर केंद्रित हैं कि हिंदुजा परिवार अपने कर्मचारियों के पासपोर्ट जब्त करने के बाद उन्हें अवैध रूप से स्विट्जरलैंड के अंदर और बाहर लाता था. अदालती कार्यवाही में यह तर्क दिया गया कि हिंदुजा के नौकरों को बिना अनुमति के एम्प्लॉयर्स (हिंदुजा परिवार) का घर छोड़ने की अनुमति नहीं थी और उन्हें भारत में उनके काम के लिए भुगतान किया गया था, जिसका अर्थ है कि उनके पास कोई स्विस पैसा नहीं था, इसलिए देश में आने पर उन्हें बहुत कम स्वतंत्रता थी. 

हिंदुजा परिवार के वकील ने कही ये बात 

हिंदुजा के वकीलों ने कहा है कि प्रति दिन 18 घंटे काम करने का दावा झूठा है और वेतन जिसे प्रति दिन 8 डॉलर से कम बताया जा रहा है, उसे कम नहीं कहा जा सकता, क्योंकि उन्हें नकद में भी भुगतान किया जाता था और कर्मचारियों के खाने और रहने का खर्च परिवार द्वारा ही उठाया जाता था. 

हिंदुजा बैंक धोखाधड़ी मामला

जिनेवा स्थित अभियोजकों (Prosecutors) ने हिंदुजा बैंक के एक खाते के संबंध में दिसंबर 2019 में अजय हिंदुजा के खिलाफ एक आपराधिक आदेश प्राप्त किया था. अजय हिंदुजा ने कथित तौर पर खुद को खाते का लाभकारी मालिक घोषित किया था, जिसे 2008 में खोला गया था और कहा गया था कि इसे परिवार की एक परिचित महिला द्वारा नियंत्रित किया जाता था.

हिंदुजा बैंक के स्वामित्व को लेकर पारिवारिक विवाद 

हिंदुजा बैंक के स्वामित्व को लेकर एक बड़ा पारिवारिक विवाद है, जिसके कारण हिंदुजा परिवार में झगड़े हो रहे हैं, जो यूरोप के सबसे धनी परिवारों में से एक के रूप में जाना जाता है, जिसका विश्वव्यापी एम्पायर बैंकिंग, कार मेकिंग, रियल एस्टेट, एनर्जी, आउटसोर्सिंग और फिलनथ्रोफी है. 2014 में की गई घोषणा के बाद 4 हिंदुजा भाईयों ने दावा किया है कि हिंदुजा बैंक का संयुक्त स्वामित्व उनका है. वे यूके और स्विस अदालतों के साथ-साथ जर्सी में प्राइवेट हियरिंग में अपना मामला लेकर गए हैं. पिछले साल एसपी हिंदुजा के निधन के बाद उनके भाई गोपी ने परिवार के कारोबार की जिम्मेदारी संभाली है. बढ़ते पारिवारिक झगड़े के बीच, हिंदुजा बंधुओं में से एक अशोक हिंदुजा ने रिलायंस कैपिटल को खरीदने के लिए बोली लगाई है, लेकिन अधिग्रहण के लिए 9850 करोड़ रुपये जुटाने के लिए 3 डेडलाइन से चूक गए.


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