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जल्द महंगा हो सकता है सिगरेट का कश लगाना, GST Council ले सकती है यह बड़ा फैसला
शनिवार को जीएसटी काउंसिल की 48वीं बैठक है, टैक्स चोरी पर लगाम कसने के लिए भी ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स चर्चा करेंगे.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
नई दिल्लीः सिगरेट व अन्य तंबाकू उत्पादों का सेवन करना और महंगा हो सकता है. ऐसा इसलिए क्योंकि सरकार इन वस्तुओं पर होने वाली टैक्स की चोरी को रोकने के लिए ऐसा किया जा सकता है. इसके अलावा ऑनलाइन गेमिंग पर टैक्स लगाने में बढ़ोतरी की जा सकती है. शनिवार को जीएसटी काउंसिल की 48वीं बैठक है, जिसमें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के अलावा वित्त राज्य मंत्री और राज्यों के वित्त मंत्री व अधिकारी भाग लेंगे.
लिए जा सकते हैं ये बड़े फैसले
जीएसटी काउंसिल की कानून समिति जिसमें केंद्र और राज्यों के कर अधिकारी शामिल हैं ने काउंसिल को जीएसटी अपराधों के लिए अभियोजन शुरू करने के लिए मौद्रिक सीमा बढ़ाने का सुझाव दिया है. कानून समिति ने यह भी सुझाव दिया है कि जीएसटी अपराधों के कंपाउंडिंग के लिए करदाता द्वारा देय शुल्क को कर राशि के 25 प्रतिशत तक कम किया जाना चाहिए.इसने वर्तमान में 5 करोड़ रुपये से अभियोजन शुरू करने की सीमा को बढ़ाकर 20 करोड़ रुपये करने का सुझाव दिया है.
गुटखा व पान मसाला कारोबारियों पर कसेगी लगाम
गुटखा और पान मसाला बनाने वाले कारोबारियों द्वारा की जाने वाली टैक्स चोरी पर लगाम कसने के लिए भी ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स चर्चा करेंगे. इसके अलावा सभी तंबाकू उत्पादों पर लगने वाले सेस में बढ़ोतरी पर भी विचार किया जाएगा. ऐसा इसलिए क्योंकि यह उत्पाद स्वास्थ्य के लिए सही नहीं है और लोगों को इनके सेवन से रोकने के लिए ऐसा किया जा सकता है.
माल और सेवा कर अपीलीय न्यायाधिकरण (GSTATs) की स्थापना के संबंध में, GoM ने सुझाव दिया है कि न्यायाधिकरणों में दो न्यायिक सदस्य और केंद्र और राज्यों के एक-एक तकनीकी सदस्य के अलावा प्रेसीडेंट के रूप में एक सेवानिवृत्त सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश शामिल होने चाहिए. जीएसटीएटी पर जीओएम जुलाई में हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला की अध्यक्षता में स्थापित की गई थी.
28 फीसदी टैक्स ऑनलाइन गेमिंग पर लगने की संभावना
ऑनलाइन गेमिंग, कसीनो और घुड़दौड़ पर लगने वाले टैक्स में 18 से सीधे 28 फीसदी करने का सुझाव जो पिछली बैठक में दिया गया था उस पर भी इस बार सहमति बन सकती है. टैक्स सकल गेमिंग राजस्व पर लगाया जाता है, जो कि ऑनलाइन गेमिंग पोर्टल्स द्वारा लिया जाने वाला शुल्क है.
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