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GST अधिनियम में बदलाव की तैयारी, जानें क्या है सरकार की योजना
सरकार GST को करदाताओं के लिए और सुगम बनाने के लिए कुछ जरूरी बदलाव करने पर विचार कर रही है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
केंद्र सरकार गुड्स एडं सर्विस टैक्स (GST) अधिनियम में बदलाव करने जा रही है. सरकार GST को करदाताओं के लिए और सुगम बनाने के लिए ऐसे दंडात्मक अपराधों को इससे हटाने पर विचार कर रही है, जो भारतीय दंड संहिता (IPC) के दायरे में पहले से ही आते हैं. यह प्रस्ताव GST परिषद की अगली बैठक में रखा जा सकता है.
कानून में होगा संशोधन
यदि परिषद की मंजूरी मिल जाती है, तो उसके बाद वित्त मंत्रालय जीएसटी कानून में संशोधन का प्रस्ताव देगा, जिसे संसद के शीतकालीन सत्र में रखा जाएगा. मीडिया रिपोर्ट्स में एक अधिकारी के हवाले से बताया गया है कि विधि समिति ने जीएसटी कानून की धारा-132 में बदलावों को अंतिम रूप दे दिया है. ऐसे अपराध जो भारतीय दंड संहिता के दायरे में आते हैं, उन्हें जीएसटी कानून से हटा दिया जाएगा.
राज्यों भी करेंगे बदलाव
संसद यदि कानून में संशोधन को मंजूरी देती है, तो इसके बाद राज्यों को भी अपने जीएसटी कानून बदलने पड़ेंगे. टैक्स एक्सपर्ट्स का मानना है कि शुरुआत में फर्जी बिज के अपराधों को GST के दायरे से बाहर किया जा सकता है. एक अन्य विशेषज्ञ के मुताबिक, ऐसा अनुमान है कि फर्जी बिल जारी करने और इन्हें स्वीकार करने से जुड़े अपराध IPC के दायरे में लाए जा सकते हैं.
क्या होगा फायदा?
बता दें कि आईपीसी की धारा 420 के तहत धोखाधड़ी के मामले में 7 साल तक की सजा का प्रावधान है, जबकि जीएसटी में समान अपराध के लिए 5 साल की सजा है. फर्जी बिल से धोखाधड़ी को GST से निकालकर IPC के दायरे में लाया जाता है, तो ऐसा करने वालों को 5 के बजाए 7 साल की सजा हो सकेगी. इससे उनमें कानून के प्रति खौफ बढ़ेगा और फर्जी बिल जैसे मामलों में कमी लाई जा सकेगी.
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