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चढ़ती कीमतों से परेशान जनता को राहत, शून्य से भी नीचे पहुंच गई महंगाई
पेट्रोल-डीजल की कीमतों के साथ-साथ रसोई गैस के दाम भी आसमान पर पहुंच गए हैं. ऐसे में महंगाई दर में कमी आना अच्छे संकेत हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
महंगाई (Inflation) की मार झेल रही जनता को कुछ राहत मिली है. खुदरा महंगाई (Retail Inflation) के बाद अब थोक महंगाई (Wholesale Inflation) में भी कमी आई है. अप्रैल में थोक मूल्य सूचकांक (WPI) आधारित महंगाई दर शून्य से भी नीचे पहुंच गई है. यह थोक महंगाई का 3 साल का सबसे निचला स्तर है. बता दें कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों के साथ-साथ रसोई गैस के दाम भी आसमान पर पहुंच गए हैं. इसके अलावा, खाने-पीने की चीजों की चढ़ती कीमतें लोगों को खून के आंसू रुलाती रही हैं. ऐसे में पहले खुदरा और अब थोक महंगाई दर का घटना अच्छे संकेत हैं.
ऐसे आई गिरावट
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल में थोक मूल्य सूचकांक (WPI) आधारित महंगाई की दर गिरकर शून्य से 0.92 फीसदी नीचे आ गई. जुलाई 2020 के बाद ऐसा पहली बार हुआ है जब थोक महंगाई दर शून्य से भी नीचे पहुंच गई है. इससे पहले मार्च के दौरान भी थोक महंगाई की दर में भारी गिरावट दर्ज की गई थी और यह कम होकर 1.34 फीसदी पर आ गई थी. गौरतलब है कि थोक महंगाई की दर लगातार कम हो रही है. यह दर फरवरी में 3.85% और जनवरी में 4.73% रही थी.
इस वजह से आई कमी
इससे पहले खुदरा मूल्य आधारित महंगाई दर में भी गिरावट आई थी. अप्रैल में खुदरा महंगाई की दर मार्च के 5.7% की तुलना में कम होकर 4.7% पहुंच गई थी. वहीं, वाणिज्य मंत्रालय का कहना है कि अप्रैल में थोक महंगाई में कमी का कारण कई जरूरी चीजों की कीमतों में नरमी है. खाने-पीने का सामान, बेसिक मेटल्स, मिनरल ऑयल, टेक्सटाइल, नॉन-फूड आर्टिकल्स, केमिकल, रबर, पेपर आदि के भाव तेजी से कम हुए हैं. इसका असर थोक महंगाई के आंकड़ों में दिख रहा है और इसमें गिरावट आई है.
सिलेंडर पर राहत कब?
मोदी सरकार के कार्यकाल में पेट्रोल-डीजल के साथ-साथ घरेलू रसोई गैस की कीमतें भी नई ऊंचाई पर पहुंच गई हैं. कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में तो उतार-चढ़ाव चलता रहता है, लेकिन घरेलू सिलेंडर के दाम बढ़ने के बाद नीचे नहीं आ रहे हैं. कई शहरों में गैस सिलेंडर के दाम 1100 रुपए के आंकड़े को पार कर गए हैं. यदि इस मोर्चे पर भी जनता को कुछ राहत मिल जाए, तो उसकी मुश्किलें कुछ हद तक कम हो जाएंगी.
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