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2 महीने की गिरावट के बाद पहली बार बढ़ा फॉरेक्स रिजर्व, $532.87 बिलियन पहुंचा
मजबूत होते डॉलर, लगातार बढ़ती ब्याज दरें, सुस्त होगी ग्लोलब इकोनॉमी ने दुनिया भर की करेंसीज को डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पहुंचा दिया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
नई दिल्ली: विदेशी मुद्रा भंडार को लेकर अच्छी खबर है. दो महीने में पहली बार ऐसा हुआ है कि विदेशी मुद्रा भंडार में इजाफा दर्ज किया गया है, वो भी ऐसा तब हो रहा है जब रुपया डॉलर के मुकाबले एतिहासिक गिरावट के बीच झूल रहा है. रुपया 82 के स्तर के नीचे फिसल चुका है.
2 महीने में पहली बार बढ़ा फॉरेक्स रिजर्व
भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, एशिया की तीसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी का विदेशी मुद्रा भंडार 7 अक्टूबर को खत्म हफ्ते में 204 मिलियन डॉलर बढ़कर 532.87 बिलियन डॉलर हो गया. हालांकि हाजिर विदेशी मुद्रा भंडार मार्च के अंत में 607 अरब डॉलर से तेजी से कम हो गया है और पिछले साल 3 सितंबर को 642.45 अरब डॉलर से 109.58 अरब डॉलर कम हो गया है. 30 सितंबर को समाप्त सप्ताह के लिए विदेशी मुद्रा भंडार जुलाई 2020 के बाद से अपने न्यूनतम स्तर पर गिरकर 532.66 अरब डॉलर हो गया था.
FCA में गिरावट
भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से जारी साप्ताहिक सांख्यिकीय सप्लीमेंट के अनुसार, विदेशी मुद्रा भंडार में मामूली इजाफे के बावजूद, विदेशी मुद्रा आस्तियों (FCA), जो कि ओवर ऑल भंडार का एक मुख्य घटक है, इसमें 7 अक्टूबर को समाप्त हफ्ते में गिरावट आई. इसी अवधि में विदेशी मुद्रा आस्तियां (FCA) 1.31 अरब डॉलर घटकर 471.50 अरब डॉलर रह गई. जबकि सोने का भंडार 1.35 अरब डॉलर बढ़कर 38.96 अरब डॉलर हो गया. रिजर्व बैंक गवर्नर शक्तिकांत दास ने अपनी नई मॉनिटरी पॉलिसी स्पीच में कहा था कि चालू वित्त वर्ष के दौरान विदेशी मुद्रा भंडार में लगभग 67% की गिरावट वैल्यूएशन में बदलाव की वजह से आई, जिसकी जिम्मेदार मजबूत अमेरिकी डॉलर और US बॉन्ड यील्ड हैं.
मजबूत होते डॉलर, लगातार बढ़ती ब्याज दरें, सुस्त होगी ग्लोलब इकोनॉमी ने दुनिया भर की करेंसीज को डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पहुंचा दिया है. दुनिया भर के केंद्रीय बैंक अपनी करेंसीज को संभालने के चक्कर में ऐसे पड़े कि वैश्विक विदेशी मुद्रा भंडार लगभग 1 ट्रिलियन डॉलर या 7.8% कम होकर इस साल 12 ट्रिलियन डॉलर हो गया, ये साल 2003 के बाद से सबसे बड़ी गिरावट है, जबसे ब्लूमबर्ग ने डेटा जुटाना शुरू किया है.
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