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Indigo में खत्म नहीं हुआ मुश्किलों का दौर, अब आई यह नई परेशानी
देश की सबसे बड़ी एयरलाइंस इंडिगो को विमानन क्षेत्र में कई सारी चीजों से प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
नई दिल्लीः देश की सबसे बड़ी एयरलाइंस इंडिगो को विमानन क्षेत्र में कई सारी चीजों से प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है. इंडिगो जो कि समय पर फ्लाइट ऑपरेट करने के लिए जानी जाती थी, एक साथ कई मुश्किलों का सामना कर रही है. पहली बार कंपनी के फ्लाइट्स का ऑन टाइम परफॉर्मेंस भी गिर गया है. इससे पहले कंपनी का मार्केट शेयर जो फरवरी 2020 में 48 फीसदी था, वह सितंबर में बढ़कर 57.7 फीसदी हो गया.
फ्लाइट्स होने लगी हैं लेट
लो बजट कैरियर की सबसे खास बात यह थी कि उसकी फ्लाइट्स समय पर उड़ान भरती थीं, हालांकि सितंबर 2022 में यह 84.1 फीसदी रह गया जो अप्रैल 2022 में 90.1 फीसदी था. इसका कारण है कि कंपनी कर्मचारियों की कमी से जूझ रही है. एयर सेक्टर से जुड़े सूत्रों के मुताबिक कंपनी में कार्यरत कर्मचारियों की संख्या में कमी आ गई है और बहुत से कर्मचारी अभी भी कंपनी छोड़ने की सोच रहे हैं. इनमें से ज्यादातर ग्राउंड स्टाफ के अलावा, केबिन क्रू और पायलट्स तक शामिल हैं.
विमानों में आ रही है तकनीकी खराबी
अभी हाल ही में कंपनी के विमान में उड़ान भरने के बाद चिंगारी निकलती दिखाई दी, जिसके बाद उसकी इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी. इंडिगो के बेंगलुरु जाने वाले विमान के इंजन में दिल्ली हवाई अड्डे पर आग लग गई थी, जिसकी एविएशन रेगुलेटर डीजीसीए इस जांच कर रहा है.
26 हजार कर्मचारियों की संख्या
मार्च 2022 के अंत तक इंडिगो में 26,164 स्थायी कर्मचारी थे, जिसमें 3,791 पायलट और 6,398 केबिन क्रू शामिल थे. कंपनी रोजाना 1600 से अधिक दैनिक उड़ानों का संचालन करती है और इसके बेड़े में 279 विमान शामिल हैं. एक कर्मचारी ने कहा कई लोग एयरलाइन छोड़ रहे हैं, खासकर सपोर्ट टीमों से क्योंकि रिकवरी के साथ बेहतर अवसर लोगों को मिल रहे हैं.
घाटे में बढ़ोतरी
कंपनी द्वारा जारी किए गए तिमाही नतीजे भी अच्छे नहीं आए हैं. चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में घाटा बढ़कर 1,583.34 करोड़ रुपये हो गया है। खर्च बढ़ने की वजह से घाटा भी बढ़ा है. एयरलाइन ने एक बयान में कहा कि पिछले वर्ष सितंबर तिमाही में उसे 1,435.66 करोड़ रुपए का घाटा हुआ था.
इंडिगो के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पीटर एल्बर्स ने कहा कि सितंबर तिमाही लगातार ऐसी दूसरी तिमाही है जब कोविड से पहले की क्षमता से अधिक का परिचालन उसने किया है. उन्होंने कहा, ‘‘हम पुनरुद्धार के रास्ते पर लगातार बढ़ रहे हैं और घरेलू तथा अंतरराष्ट्रीय बाजार में कई अवसरों के लाभ हमें मिल रहा है.''
इन कंपनियों से मिल रही है टक्कर
एयर इंडिया एक्सप्रेस और एयरएशिया इंडिया को एक इकाई में समेकित करने के लिए तैयार है, और अकासा एयर भी उड़ान भर रही है, इंडिगो के लिए आसमान अधिक प्रतिस्पर्धी हो रहा है. जेट एयरवेज के दोबारा शुरू होने से प्रतिस्पर्धा में इजाफा होगा.इंडिगो ने अगस्त 2006 में अपनी यात्रा शुरू की थी और इस 16 साल से अधिक की यात्रा के दौरान, जेट एयरवेज और किंगफिशर एयरलाइंस सहित कुछ एयरलाइनों का कारोबार भी बंद हो गया है.
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