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IMF में बोलीं FM "फूड वेस्ट और फसल हानि पर ज्यादा फोकस की आवश्यकता”- निर्मला सीतारमण
मौजूदा संकट के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारत की ग्रोथ रेट 7 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है. उन्होंने कहा कि बावजूद इसके हम दुनिया भर की चुनौतियों को लेकर चिंतित हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस समय अमेरिका के दौरे पर हैं. वो वहां आईएमएफ और विश्व बैंक की सालाना मीटिंग में भाग लेने गई हुई हैं. जहां आज उन्होंने दुनियाभर के देशों के सामने अपने संबोधन में कहा कि जिस तरह से फूड और एनर्जी क्राइसेस पेपर में उर्जा संरक्षण को प्राथमिकता मिलती है उसी तरह से फूड वेस्ट और फसल हानि को भी प्राथमिकता मिलनी चाहिए. निर्मला सीतारमण ने आज इस मीटिंग में कई अन्य पहलूओं को लेकर भी बात की, जिसमें उन्होंने कहा कि भारत की 7 प्रतिशत ग्रोथ रेट के अनुमान के बीच हम वैश्विक चुनौतियों को लेकर चिंतित हैं.
दो प्रमुख विषयों पर हो रही है ये सालाना बैठक
अमेरिका के वाशिंगटन में हो रही ये बैठक जिसमें दुनिया के सभी देशों के वित्त मंत्री भाग ले रहे हैं वो दो विषयों पर हो रही है, जिसमें पहला विषय दुनिया भर में फूड और उर्जा के संकट के चलते पैदा हुई चुनौती और दूसरा विषय ग्लोबल क्लाइमेट और विकास के मुददों को पाने की चुनौती जैसे विषय शामिल हैं. इसी विषय पर दुनिया भर के देशों की अर्थ मंत्रियों की ये सालान बैठक है.
भारत की विकास दर 7 प्रतिशत का अनुमान
दुनिया भर में सामने आए मौजूदा संकट के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारत की ग्रोथ रेट 7 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है. उन्होंने कहा कि बावजूद इसके हम दुनिया भर की चुनौतियों को लेकर चिंतित हैं. वित्त मंत्री ने विश्व बैंक से मिलने वाली सब्सिडी को लेकर एक पक्षीय रवैये से बचने की अपील और कहा कि इसे कमजोर परिवारों को सपोट करने के लक्ष्य के अनुसार तय किया जाए. इसपर उन्होने देश में दी जा रही उज्जवला गैस सब्सिडी का उदाहरण भी दिया और कहा कि हम इसके जरिए समाज की कमजोर महिलाओं को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं. उन्होंने ये भी कहा कि डालर के बढ़ने के कारण रुपये पर दबाव दिख रहा है.
भारत कम कर रहा है तेल पर अपनी निर्भरता
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतों में हो रहे इजाफे के बीच भारत लगातार ईंधन के दूसरे विकल्पों पर तेजी से काम कर रहा है. उन्होंने कहा कि हम इस साल क्लीन हाइड्रोजन और 2जी बायोइथेनॉल की रिफाइनरी सेटअप करने जा रहे हैं. जिससे हमें कच्चे तेल के आयात में कमी लाने में मदद मिलेगी. आज ही जारी हुए कामर्स मंत्रालय के आंकड़ों में तेल इंपोर्ट में कमी दर्ज की गई है.
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