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Fed Rate Hike: कल ब्याज दरों में 0.75% बढ़ोतरी तय, आखिर कब थमेगा सिलसिला?

कई इंटरनेशनल मीडिया में कहा जा रहा है कि फेड रिजर्व दिसंबर से अपने रुख में नरमी ला सकता है, मतलब दिसंबर से ब्याज दरों की बढ़ोतरी हल्की हो सकती है

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

नई दिल्ली: अमेरिकी फेडरल रिजर्व एक बार फिर ब्याज दरों में 75 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी करने को तैयार है. कल यानी 3 नवंबर को फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल ब्याज दरों में बढ़ोतरी का ऐलान करेंगे, लेकिन दुनिया भर के एक्सपर्ट्स पॉवेल के बीते बयानों के आधार पर इस बात को लेकर आश्वस्त हैं कि ब्याज दरें इस बार भी 75 बेसिस प्वाइंट बढ़ेंगी. 

कल ब्याज दरों में 0.75% बढ़ोतरी तय
अमेरिकी इस समय 40 सालों की सबसे ऊंची महंगाई दर को झेल रहा है, और फेड चेयरमैन पॉवेल इसे किसी भी कीमत पर काबू करना चाहते हैं. फेड रिजर्व इसके पहले तीन बार ब्याज दरों में 75 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी कर चुका है यानी इस बार ये लगातार चौथी 75 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी होगी. फेडरल रिजर्व इस साल मार्च से लेकर अबतक ब्याज दरों में 300 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी कर चुका है, जो ब्याज दरें कोविड जीरो परसेंट पर थीं, अब वो 3-3.25% पर आ गई हैं. अगली 75 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी ब्याज दरों को 3.75% से 4%. पर ले आएंगी. इसका अमेरिकी उपभोक्ताओं के लिए ये मतलब हुआ कि अगर कोई कंज्यूमर $10,000 का कर्ज लेता है तो उसे ब्याज के रूप में $300 देने होते हैं, अब अगली 75 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी के बाद $375 से $400 देने होंगे. यानी उसका बजट बिगड़ना तय है. 

दिसंबर से थमेगा सिलसिला 
हालांकि कई इंटरनेशनल मीडिया में कहा जा रहा है कि फेड रिजर्व दिसंबर से अपने रुख में नरमी ला सकता है, मतलब दिसंबर से ब्याज दरों की बढ़ोतरी हल्की हो सकती है, फेड रिजर्व दिसंबर से 75 बेसिस प्वाइंट बढ़ोतरी की जगह 50 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी कर सकता है. मगर कई एक्सपर्ट्स का ये भी कहना है कि अमेरिका के मौजूदा आर्थिक आंकड़े इसके पक्ष में नहीं दिखते हैं, अमेरिका में महंगाई फेडरल रिजर्व के हिसाब से काबू होती नहीं दिख रही है, इसका मतबल साफ है कि फेड रिजर्व के पास ब्याज दरों को हल्का करना एक चुनौतीपूर्ण कदम हो सकता है. 

Bank of America के चीफ इकोनॉमिस्ट माइकल गैपेन का कहना है कि हमे लगता है कि अब बढ़ोतरी का अंत होने वाला है, 75 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी जरूर होगी, साथ ही हमें ये लगता है कि दिसंबर शुरू होने पर ब्याज दरों के इजाफे में गिरावट का दरवाजा खुलेगा.  गैपेन के मुताबिक - नवंबर की बैठक दरअसल नवंबर के लिये नहीं होगी, बल्कि दिसंबर के लिए होगी. उनका कहना है कि वसंत तक ब्याज दरें  4.75% से 5% के स्तर तक पहुंच जाएंगी, ये उसका टर्मिनल रेट या अंतिम रेट होगा. नवंबर में 75 बेसिस प्वाइंट का इजाफा फेड फंड रेट को 3.75% से 4% तक ले जाएगा, जो कि मार्च में 0 से 0.25% था. 

लेबर मार्केट के आंकड़े
हालांकि मंगलवार को अमेरिका के लेबर मार्केट के आंकड़े आए, जो काफी अच्छे रहे हैं, जिससे इसकी उम्मीद कम हो गई है कि फेडरल रिजर्व कमजोर लेबर मार्केट को देखते हुए ब्याज दरों में हल्का इजाफा करता. लेबर मार्केट के डेटा बताते हैं कि सितंबर में अमेरिका में नौकरियों के मौके बने हैं, जो इस बात की ओर इशारा करता है कि ब्याज दरों में भारी इजाफे के बावजूद लेबर मार्केट में डिमांड मजबूत है. दरअसल, निवेशक लेबर मार्केट डेटा पर बहुत फोकस करते हैं, किसी भी तरह की कमजोरी, जैसे कमाई पर दबाव, महंगाई को नीचे लाने में मदद करता है, इससे फेड रिजर्व ब्याज दरों में बढ़ोतरी को थोड़ा हल्का कर सकता है. 

खैर, नवंबर में अनुमान तो यही है कि 75 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी होगी, अगर इससे कुछ कम हुआ तो बाजार के लिए ये एक सरप्राइज होगा, दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाएं अमेरिकी फेड के कदमों पर चलती हैं, इसलिये फेड चेयरमैन का पॉलिसी रेट के साथ साथ महंगाई को लेकर बयान भी इस बात को तय करेंगे कि उनका अगला कदम क्या होगा. 

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