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Meta की भारतीय ईकाई का विज्ञापनों से कमाई का रिकॉर्ड टूटा, प्रॉफिट में भी आया बड़ा उछाल
मेटा, जिसके पास इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप जैसे प्लेटफॉर्म हैं, ने अपना शुद्ध लाभ 132 फीसदी से बढ़ाकर 297 करोड़ रुपये पर पहुंचा दिया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
नई दिल्लीः सोशल मीडिया दिग्गज मेटा की भारतीय शाखा, फेसबुक इंडिया ऑनलाइन सर्विसेज ने पिछले वित्त वर्ष में 9,326 करोड़ रुपये की तुलना में वित्त वर्ष 22 के लिए सकल विज्ञापन राजस्व में 16,189 करोड़ रुपये की वृद्धि दर्ज की है. ये जानकारी कंपनी के रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (आरओसी) के साथ कंपनी की वार्षिक फाइलिंग पर आधारित है.
शुद्ध लाभ भी बढ़ा
मेटा, जिसके पास इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप जैसे प्लेटफॉर्म हैं, ने अपना शुद्ध लाभ 132 फीसदी से बढ़ाकर 297 करोड़ रुपये पर पहुंचा दिया है. इसने समीक्षाधीन वित्त वर्ष के दौरान पिछले वित्त वर्ष में 518 करोड़ रुपये के मुकाबले 907 करोड़ रुपये के बराबर लेवी का भुगतान किया.
कंपनी को एक समूह की कंपनी से विज्ञापन इन्वेंट्री खरीदने पर 15,120 करोड़ रुपये का खर्च आया. पिछले वित्त वर्ष में उसने विज्ञापन सूची खरीदने के लिए 8638.5 करोड़ रुपये का भुगतान किया था.
ऐसे करती है कंपनी विज्ञापनों से कमाई
फेसबुक इंडिया ऑनलाइन सर्विसेज एक अन्य समूह कंपनी के साथ पुनर्विक्रेता समझौते के माध्यम से भारतीय ग्राहकों के लिए विज्ञापन सेवाओं के पुनर्विक्रेता के रूप में कार्य करती है और फेसबुक पर विज्ञापन सूची के पुनर्विक्रय के माध्यम से राजस्व उत्पन्न करती है. कंपनी फेसबुक ग्रुप को आईटी-सक्षम बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग सेवाओं के प्रावधान के लिए एक अन्य समूह की कंपनी के साथ सेवा समझौतों के माध्यम से भी राजस्व उत्पन्न करती है.
इतनी बढ़ गई फेसबुक इंडिया की आय
फेसबुक इंडिया की कुल आय 1,481 करोड़ रुपये से 57% बढ़कर 2,324 करोड़ रुपये हो गई. शुद्ध विज्ञापनदाता पुनर्विक्रेता राजस्व 636.5 करोड़ रुपये से 40% बढ़कर 889 करोड़ रुपये हो गया. आईटी-आईटीईएस सेवा खंड ने 1,420 करोड़ रुपये के राजस्व का योगदान दिया, जो पिछले वित्त वर्ष में 844.12 करोड़ रुपये से 68.22% अधिक है.
डिजिटल पर विज्ञापन टीवी से ज्यादा
मीडिया एजेंसियों ने अनुमान लगाया है कि विज्ञापन खर्च के मामले में डिजिटल के टीवी से आगे निकलने की उम्मीद है. ग्रुपएम की 'दिस ईयर, नेक्स्ट ईयर' रिपोर्ट के मुताबिक, टीवी से आगे सबसे बड़ा विज्ञापन माध्यम बनने के लिए डिजिटल से 48,603 करोड़ रुपये के विज्ञापन खर्च की उम्मीद है, जिसके 42,388 करोड़ रुपये जुटाने का अनुमान है.
इसी तरह, पिच मैडिसन एडवरटाइजिंग रिपोर्ट 2022 ने भी अनुमान लगाया है कि डिजिटल देश में सबसे बड़ा विज्ञापन वाहन बनने के लिए टीवी को पीछे छोड़ देगा. रिपोर्ट में कहा गया है कि डिजिटल AdEx 30% बढ़कर 33,070 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा, जबकि टीवी के 14% बढ़कर 32,100 करोड़ रुपये होने की उम्मीद है.
FY21 में, Google और Facebook ने पिछले वित्त वर्ष में 18,054.9 करोड़ रुपये की तुलना में 23,212.5 करोड़ रुपये का संयुक्त सकल विज्ञापन राजस्व अर्जित किया. दोनों फर्मों का संयुक्त सकल विज्ञापन राजस्व शीर्ष मीडिया कंपनियों के विज्ञापन राजस्व से अधिक है.
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